मंदसौर। गांधीनगर क्षेत्र में शिक्षक कॉलोनी की पुलिया के समीप सड़क धंसने से कॉलेज के प्रोफेसर रामदयाल गुप्ता, उनकी पत्नी व बेटी नाले में बह गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन मां-बेटी तेज बहाव के साथ बह गई, जबकि प्रोफेसर को लोगों ने बचा लिया, उनका हाथ फ्रेक्चर हुआ है।

हादसा बुधवार सुबह करीब सात बजे हुआ, जब प्रोफेसर गुप्ता पत्नी-बेटी को नाले के तेज बहाव के दृश्य दिखाने ले गए थे। यहां पुलिया के समीप खड़े होकर इन्होंने सेल्फी ली। इसी दौरान जिस जगह वे खड़े थे, वहां की सड़क धंस गई और तीनों बह गए।

जानकारी के अनुसार पीजी कॉलेज के प्रोफेसर रामदयाल गुप्ता (52) निवासी गांधीनगर पत्नी बिंदु गुप्ता (48) के साथ बुधवार सुबह रोज की तरह घूमने शिक्षक कॉलोनी की तरफ गए थे। बारिश के दौरान पुलिया पर तेज बहाव था, वे घर लौटे तो बेटी आश्रुति (22) को इस बारे में बताया। इस पर बेटी बोली मुझे भी वह दृश्य देखना है। बाद में तीनों नाले पर चल रहे बहाव के दृश्य को देखने पहुंचे। जहां कॉलोनी व आसपास क्षेत्र के लोग भी थे।

प्रोफेसर गुप्ता, पत्नी व बेटी तीनों पुलिया के समीप सड़क पर खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे, तभी वह सड़क धंस गई और तीनों नाले में बह गए। इस दौरान लोगों ने प्रोफेसर गुप्ता को हाथ पकड़कर बचा लिया, जबकि उनकी पत्नी व बेटी तेज बहाव में बह गई। सूचना के बाद वायडी नगर थाने से आरक्षक जुझारसिंह, भानुप्रतापसिंह और होमगार्ड के जवान घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।

इस दौरान पुलिया से 800 मीटर दूर वात्सल्य स्कूल समीप पहले बिंदु का शव मिला। फिर पुलिया से करीब 400 मीटर दूर खजूर के पेड़ से अटका आश्रुति का शव मिला। लोगों की मदद से शव बाहर निकाला गया। पोस्टमार्टम कर शव परिजन को सौंपे गए। मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है।

रामदयाल गुप्ता पीजी कॉलेज में प्रोफेसर हैं। वे मूल रूप से भानपुरा क्षेत्र के ग्राम बाबुल्दा के निवासी हैं। उनकी दो संतानों में आश्रुति इकलौती बेटी थी। उनका बेटा राजस्थान के कोटा में अध्ययनरत है।