Mandsaur news: मंदसौर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर में यूं तो हर गली, मोहल्ले व सड़क पर अवैध निर्माण हो रहे हैं। और इनमें नगर पालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत भी निश्चित रूप से है। इनमें से कुछ मामलों की शिकायत हुई हैं और लोकायुक्त तक भी पहुंचे हैं तो कुछ की शिकायतें भोपाल के नगरीय प्रशासन विभाग में भी हुई है। ताजा मामला भी भोपाल से ही जुड़ा हुआ हैं जिसमें नगर पालिका के दो सहायक यंत्रियों को आरोप पत्र देने के बावजूद वह जवाब नहीं दे रहे हैं। जबकि उनके खिलाफ उज्जैन में पदस्थ विभाग के संयुक्त संचालक को विभागीय जांच भी करना हैं। पर सब कुछ गोलमाल जैसा चल रहा है और कही कोई जांच भी नहीं हो रही है।

नगर पालिका के कार्यालय के सामने अवैध निर्माण

नगर पालिका के कार्यालय के ठीक सामने ही एक भवन बनकर तैयार हो गया है। इस भवन के बनते समय ही शिकायत हुई थी और तत्कालीन सीएमओ ने बुलडोजर ले जाकर एमओएस में हुए निर्माण को तोड़ दिया था। थोड़े समय तक तो सब कुछ यूं ही पड़ा रहा। इसी बीच मामले की शिकायत नगरीय प्रशासन विभाग को भी हुई। अभी शिकायत की जांच चल ही रही थी कि मौके पर फिर से एमओएस में निर्माण कर लिया गया और भवन बनकर तैयार हो गया। इधर इस भवन की जांच करने भोपाल से भी टीम पहुंची थी। जिसने यह माना कि तत्कालीन सहायक यंत्री गिरधारीलाल गुप्ता और रमेशचंद्र तोमर के कार्यकाल में यह भवन बना है और इसकी अनुमति कुछ और है और मौके पर बना कुछ अलग हैं। इसके अलावा इसमें एमओएस का भी पालन नहीं किया गया हैं। इस मामले की जांच के बाद दोनों सहायक यंत्रियों को आरोप पत्र जारी किए गए थे और इनकी विभागीय जांच उज्जैन के नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक को करने को कहा गया था। पर अभी तक दोनों ने ही आरोप पत्र के जवाब नहीं दिए हैं। इसके बाद संचालनालय से एक बार फिर से नोटिस जारी हुए हैं। जिसमें दोनों सहायक यंत्रियों से उनके खिलाफ की जा रही विभागीय जांच में आरोप पत्र का जबाव देने को कहा गया हैं। यह पत्र अभी चार-पांच दिन पहले ही नगर पालिका में पहुंचे हैं। भोपाल से आए पत्र के बाद सीएमओ ने भी दोनों सहायक यंत्रियों को एक पत्र जारी कर जल्द ही जवाब देने को कहा है।

एक इंजीनियर पदस्थ, दूसरा रिटायर्ड

विभागीय जांच का सामना कर रहे एक सहायक यंत्री रमेशचंद्र तोमर अभी मंदसौर नगर पालिका में ही पदस्थ है। वहीं दूसरे सहायक यंत्री गिरधारीलाल गुप्ता मंदसौर से नागदा चले गए थे और अब वहां से भी रिटायर्ड हो गए हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि वह अभी नागदा में ही रह रहे हैं। सीएमओ द्वारा जारी किए पत्र को सहायक यंत्री तोमर को तो दे दिया गया है। वहीं गिरधारीलाल गुप्ता को डाक से नागदा भेजा गया हैं। अब दोनों सहायक यंत्रियों को आरोप पत्र पर जवाब देना होगा।

40 से अधिक फाइलों पर कोई कार्रवाई नहीं

नगर पालिका ने शहर को खूबसूरत बनाने का एक फार्मूला तैयार कर लिया है। इसका सीधा सा प्लान यह है कि गरीब जहां भी दिखे बिना कोई नोटिस दिखे तुरंत हटाओ। बाकी शहर में जो भी अवैध निर्माण करें, नक्शे के विपरीत या एमओएस का उल्लंघन करे उन्हें सम्मानजनक रुप से नोटिस देकर फाइल को हमेशा के लिए बंद कर दी जाए। इसमें भी नपा के अफसर मिलकर खेल कर रहे हैं। नोटिस भी केवल उगाई के हिसाब से दिए जा रहे हैं। नगर पालिका में लगभग 40 से अधिक फाइलें हैं जिनमें एमओएस का उल्लंघन, नक्शे के विपरीत निर्माण व अवैध रुप से मंजिलें बढ़ाने के कार्य हुए हैं पर केवल भ्रष्टाचार के चलते किसी पर कार्रवाई नहीं हो रही है।

तमाम अधिकारी इस खेल में शामिल

नगर पालिका में अनुमति लेने के लिए फाइलें तैयार होती है उसमें नक्शे में एमओएस भी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा हर मंजिल का मापदंड के अनुसार ही नक्शा बनाया जा रहा है। निर्माण अनुमति पर भी नपा के पटवारी मौका रिपोर्ट लगाते हैं तो उपयंत्री व सहायक यंत्री के जरिये वह सीएमओ के हस्ताक्षर तक पहुंचती है। इसका मतलब यह हुआ कि सभी को पता रहता है कि शहर के मुख्य मार्गों पर कहां क्या बनना है पर बात जब मौके पर निर्माण की आती है तो स्वीकृत नक्शा एक तरफ रख दिया जाता है और एमओएस छोड़ना तो दूर की बात है आसपास की खाली पड़ी जमीन भी घेरने की कवायद शुरु हो जाती है जबकि इन सभी मार्गों से प्रतिदिन नपा के इंजीनियर भी निकलते हैं और पटवारी भी। इसके अलावा सीएमओ भी घूमने का दावा तो कर ही रहे हैं फिर भी अवैध व नियम विरुद्ध निर्माण होता ही रहता है। यहीं से नगर पालिका की दोहरी नीति चालू हो जाती है जो शासन के नियमों की भी प्रभावशालियों के लिए अलग और गरीबों के लिए अलग व्याख्या कर रही है। शहर में यू तो 80 प्रश घरों व व्यवसायिक संस्थानों के निर्माण में एमओएस का उल्लंघन हुआ है पर 40 से 50 भवन ऐसे भी बने हैं तो पूरी तरह सरकारी नियमों का मखौल उड़ा रहे हैं। इन पर नपा की टीम कोई कार्रवाई भी नहीं कर रही है। शहर में महू-नीमच राजमार्ग, महाराणा प्रताप बस स्टैंड के पास, जिला चिकित्सालय के सामने, रामटेकरी से मोतियाखाई जाने वाले मार्ग पर, घंटाघर, कालीदास मार्ग सहित सभी मुख्य मार्गों पर भवनों का निर्माण करने वालों को नपा ने नाम के लिए नोटिस दिए।

शिकायत पर भवन मालिक को सूचना

वैसे तो शहर में अधिकांश लोग अवैध निर्माण, बिना अनुमति व नक्शे के विपरीत निर्माण पर कुछ बोलते नहीं है पर जो जागरुक लोग इसको लेकर नपा में या सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करते हैं तो नपा के इंजीनियर तत्काल पटवारी जगदीश मोड़ को संबंधित भवन मालिक के पास भेजकर शिकायतकर्ता का नाम व फोन नंबर भी दे देते हैं। फिर भवन मालिक भी येन केन प्रकारेण शिकायतकर्ता को अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुट जाते हैं। हालांकि इन शिकायतों पर भी नपा कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

इनका कहना है

सहायक यंत्रियों को संचालनालय से आए पत्र के अनुसार पत्र देकर जवाब देने को कहा है। शहर में जो गलत बन गए हैं, उन पर कार्रवाई कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि अब जो भी बने नक्शे के अनुसार ही बने और एमओएस का भी पालन हो। भ्रष्टाचार के आरोप गलत है अगर कोई कर रहा है तो उस पर हम कार्रवाई करेंगे।

- पीके सुमन, सीएमओ

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Posted By: Nai Dunia News Network

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