Mandsaur News: मंदसौर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एसएस जमरा ने श्रम निरीक्षक से मारपीट की कोशिश के मामले में पूर्व नपाध्यक्ष राम कोटवानी को एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा गुमाश्ता कानून के उल्लंघन के मामले में भी 1500 रुपये का जुर्माना हुआ है। सजा की अवधि कम होने से कोटवानी को जमानत पर छोड़ दिया गया है। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी दीपक जमरा ने बताया कि 12 अगस्त 2012 को अपरान्ह 3:15 बजे श्रम निरीक्षक हरिनारायण व श्रम उपनिरीक्षक बद्रीलाल खराड़िया निरीक्षण करने हेतु सम्राट मार्केट पहुंचे थे।

यहां रूप निखार पैलेस पर 50 वर्षीय राम कोटवानी व्यवसाय करते हुए मिले। श्रम निरीक्षक द्वारा मप्र दुकान एवं स्थान अधिनियम 1958 की धारा 13 के अंतर्गत चालानी कार्रवाई करने के लिए जानकारी के लिए दुकान का लाइसेंस मांगा तो राम कोटवानी द्वारा आना-कानी की गई और काफी देर बाद लाइसेंस दिखाया। इस पर श्रम निरीक्षक द्वारा हस्ताक्षर किए गए और टीप पर हस्ताक्षर लेकर सील लेने हेतु राम कोटवानी से कहा गया तो आरोपित श्रम निरीक्षक हरिनारायण शर्मा को देख लेने की धमकी देने लगा और बोला कि आज तो जान बख्श दी है। इसके बाद खड़े होकर थप्पड़ मारने की कोशिश की। तब श्रम उपनिरीक्षक बद्रीलाल खराड़िया ने बीचबचाव किया।

श्रम निरीक्षक हरिनारायण शर्मा को शासकीय कार्य नहीं करने दिया गया। फरियादी हरिनारायण शर्मा ने शहर कोतवाली पर रिपोर्ट दर्ज कराई। इस पर भादसं की धारा 353, 506 का अपराध कर आवश्यक अनुसंधान पूर्ण न्यायालय में आरोपित के विरुद्ध अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। सभी पक्षों को श्रवण करने के बाद न्यायाधीश ने आरोपित राम कोटवानी को एक वर्ष की सजा सुनाई हैं। साथ ही 500 रुपये का जुर्माना किया हैं। इसके अलावा अवकाश के दिन दुकान खोलने के मामले में गुमाश्ता कानून की तीन अलगअलग धाराओं में 500-500 रुपये का कुल 1500 रुपये का जुर्माना किया है। अभियोजन का संचालन एडीपीओ संजय वसुनिया एवं एडीपीओ दीपक जमरा ने किया।

Posted By: Prashant Pandey

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close