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सपाक्स ने निकाली आरक्षण और एक्ट विरोधी रैली, शासकीय कर्मचारी, व्यवसायी, विद्यार्थी सहित सभी जन हुए शामिल

आरक्षण के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतरे, तख्तियां थामकर लगाए नारे

मंदसौर। नईदुनिया प्रतिनिधि

वर्तमान आरक्षण व्यवस्था और अजा अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम में किए गए बदलावों के विरोध में अंदर ही अंदर धधक रहा आक्रोश सोमवार को फूट पड़ा। सपाक्स की आरक्षण व एक्ट विरोधी रैली में शहर में हजारों लोग सड़कों पर निकल पड़े। बच्चों से लेकर युवा, युवतियां, महिलाएं व पुरुष, व्यवसायी सहित अनेक लोग तख्तियां लेकर निकल पड़े। सबसे खास बात यह कि इस रैली में बड़ी संख्या शासकीय कर्मचारी भी शामिल हुए। विरोध का आलम यह था कि रैली में जितने लोग शामिल थे उतनी ही तख्तियां भी दिख रही थीं।

रैली में सपाक्स के प्रदेश संरक्षक पूर्व आईएएस हीरालाल त्रिवेदी सहित अन्य लोग भी शामिल हुए। सम्राट मार्ग पर स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद प्रतिमा के यहां सपाक्स में शामिल सवर्ण समाज, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक वर्ग में शामिल लोगों ने प्रणाम कर रैली की शुरुआत की। रैली सम्राट मार्ग, धानमंडी, जनकूपुरा, गणपति चौक, अशोक टॉकिज, नयापुरा रोड, महू-नीमच राजमार्ग, बीपीएल चौराहे, जिला अस्पताल रोड होते हुए गांधी चौराहे पर पहुंची। रैली में ब्राह्मण समाज, राजपूत समाज, अग्रवाल समाज, जैन समाज, माहेश्वरी समाज, बोहरा समाज सहित विभिन्ना समाजों से जुड़े लगभग 50 संगठनों के 3 हजार के लगभग लोग शामिल हुए। सभी ने तख्तियां ले रखी थीं जिस पर आरक्षण विरोधी व अजा अजजा एक्ट में बदलाव विरोधी नारे लिखे थे।

लगभग 10 किमी पैदल घूमे सभी

अजा अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम कानून के विरोध में पैदल रैली में शामिल लोगों में आक्रोश इतना था कि लगभग 10 किमी तक पैदल घूमने के बाद भी नहीं थके। बच्चों से लेकर बूढ़े तक सभी के पैर थके नहीं। बल्कि एक नई ऊर्जा भी दिखी। 50 संगठनों के लोगों ने आक्रोश रैली में संकल्प लिया कि जब तक इस कानून में संशोधन नहीं किया जाएगा तब तक आंदोलन चलता रहेगा।

रक्षासूत्र के नाम पर बांधा काला कपड़ा

गांधी चौराहे पर हुई सभा में महिलाओं ने सपाक्स के संरक्षक पूर्व आईएएस हीरालाल त्रिवेदी के हाथ पर रक्षासूत्र के नाम काला कपड़ा बांधा। कहा कि आज जन्माष्टमी के दिन काले दिवस के विरोध में काला कपड़ा बांधकर त्योहार बनाया जा रहा है।

एक सरपंच व सुनील बंसल ने भाजपा से इस्तीफा दिया

इधर गांधी चौराहे पर मंच पर ही ग्राम राजाखेड़ी सरपंच भारतसिंह और भाजपा के पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष सुनील बंसल ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की।

किसने क्या कहा

* हम अजा अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम में बदलाव के खिलाफ हैंय। इस मामले में भाजपा और कांग्रेस दोनों से नाराज भी हैं। इस कानून को तुरंत वापस लिया जाए। जब राम मंदिर के मुद्दे पर भाजपा नहीं बोलती तो इस एक्ट के लिए अलग से अध्यादेश क्यों लाया जा रहा है। यह काला कानून है और अंधा है जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इतना खराब कानून तो गुलामी के समय भी नहीं था।-सत्येंद्रसिंह सोम, सामाजिक कार्यकर्ता

* कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टी में एक नागनाथ है तो दूसरी सांपनाथ है। इन्हीं के लिए सपाक्स नेवले का काम करेगी। अब देखते हैं कि सभी साथ मिलकर नेवले को मारते हैं या नेवला सभी पार्टियों को खत्म करता है। यह तो अब जनता ही फैसला करेगी। एट्रोसिटी बिल में अग्रिम जमानत के भी प्रावधान नहीं है। इस काले कानून के तहत आपको बिना जांच के गिरफ्तार किया जाएगा। छोटी सी बात पर भी गिरफ्तार किया जाएगा और जमानत भी नहीं दी जाएगी। ऐसा कानून अंग्रेजों के जमाने में भी नहीं था। सपाक्स सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जो लोग अभी तक नोटा की बात कर रहे थे हम उन्हें नोटा का विकल्प दे रहे हैं। यह कानून वापस लिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा था उसका सम्मान किया जाए।-हीरालाल त्रिवेदी, संरक्षक, सपाक्स

मुख्य बिंदु

* रैली में 3000 से ज्यादा महिलाएं व पुरुष व बच्चे शामिल हुए

* कड़ी धूप में भी प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम ना हुआ, गांधी चौराहे पर हुई सभा

* करणी सेना, प्रताप सेना सहित अन्य सामाजिक संगठनों ने भी इस रैली को पूरा समर्थन दिया

3 एमडीएस-58 गांधी चौराहे पर सभा में संबोधित करते हुए हीरालाल त्रिवेदी।

3 एमडीएस-59 पूरी रैली के दौरान इस तरह तख्तियां ही तख्तियां ही दिख रही थी।

3 एमडीएस-60 शहर में निकली रैली में सभी वर्गों के लोग शामिल हुए। फोटो : गोलू चौहान

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