मंदसौर। श्री केशरिया आदिनाथ श्रीसंघ मंदसौर के तत्वाधान में रुपचांद आराधना भवन में चातुर्मास हेतु पूज्य मुनि श्री चंद्रशेखरजी का शुक्रवार को मंगल प्रवेश हुआ। इससे पहले मुनिश्री के मंगल प्रवेश पर चतुर्विद संघ (साधु, साध्वी, श्रावक, श्राविका) की उपस्थिति में भव्य चल समारोह निकाला गया। प्रमुख विहार स्थित पारसमल शिवम कुमार सालेचा परिवार के निवास स्थान से मुनिश्री के मंगल प्रवेश हेतु चल समारोह प्रारंभ हुआ। लाभार्थी परिवार द्वारा सभी स्वधर्मी श्रावक श्राविकाओं की अगवानी की गई। तत्पश्चात सभी धर्मालुजनों ने नवकारसी का लाभ भी लिया। बेंड-बाजों से निकला चल समारोह बीमा हास्पिटल, कंबल केंद्र रोड, पामेचा प्रतीक्षालय के सामने, महू-नीमच राजमार्ग, सहकारी बाजारी रोड, आदिनाथ विहार, हरिपुरम विहार होते हुए चौधरी कालोनी स्थित रूपचांद आराधना भवन पहुंचा। यहां मुनिश्री एवं चल समारोह में शामिल परम पूज्य साध्वी श्री मोक्षज्योतिश्रीजी मसा के प्रवचन हुए। मंगल प्रवेश पर निकले चल समारोह व धर्मसभा में श्री केशरिया आदिनाथ श्रीसंघ अध्यक्ष दिलीप डांगी, सचिव संदीप धींग, कोषाध्यक्ष छोटेलाल जैन, सकल जैन समाज अध्यक्ष राजमल जैन (अंकित), जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक अध्यक्ष शांतिलाल लोढ़ा, समाजसेवी कपिल भंडारी, शैलेंद्र भंडारी, मनोज जैन, पारसमल जैन सुवासरा वाला, शांतिलाल जैन सुवासरावाला, प्रवीण मुरड़िया, सुरेश नाहटा, दिलीप संघवी, रिखबचंद बिलोरिया, योग गुरू सुरेंद्र जैन सहित कई धर्मालुजन भी उपस्थित थे। रूपचांद आराधना भवन श्री संघ से जुड़े परिवारों की महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर चल समारोह में सहभागिता की।

चार माह का समय धर्म-आराधना में लगाएं

मुनिश्री चंद्रशेखरजी ने कहा कि चातुर्मास का चार माह का समय धर्म आराधना के लिए अति उत्तम है। सभी धर्मालुजनों को चार माह के समय को धर्म आराधना, तप तपस्या में लगाना चाहिए। संभव हो तो जमीकंद का त्याग करना चाहिये। चार माह में की गई धर्म आराधना से जो पुण्य कर्म का संचय होता है वह आपके जीवन में पूण्य कर्म के बेलेंस को बढ़ाता है। साध्वी श्री मोक्षज्योतिश्रीजी मसा ने कहा कि गत वर्ष मेरा रुपचांद आराधना भवन में चातुर्मास हुआ है। रूपचांद आराधना जीवन में पूर्व में जितने भी चातुर्मास हुए हैं, वे सभी साध्वीजी के ही हुए हैं। पहली बार मुनिश्री के चातुर्मास का धर्मलाभ रूपचांद आराधना भवन को मिलने जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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