मौसम : साढ़े तीन इंच वर्षा हो चुकी थी गत वर्ष, इस साल डेढ़ इंच से कम बरसा पानी

कालाभाटा बांध में 10 फीट पानी ही शेष, जल्द शिवना में नहीं हुई पानी की आवक तो मच सकता है हाहाकार

मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जून बीतने वाला है, लेकिन अब तक जिले में मानसून की दस्तक नहीं हुई है। मानसून में हो रही देरी के कारण शहर में धीरे-धीरे जल संकट की आहट होने लगी है। चंबल का पानी एक पंप से ही आ रहा है। शहर की पेयजल सप्लाई के लिए शिवना नदी में कालाभाटा एवं रामघाट बैराज के पानी का ही उपयोग हो रहा है। इसके चलते शिवना के दोनों बांधों में भी पानी तेजी से खाली हो रहा है। अब कालाभाटा बांध में 10 फीट पानी शेष है। अब जल्द शिवना नदी में वर्षा के पानी की आवक नहीं हुई तो वर्षा ऋतु के दिनों में शहर के पेयजल संकट गहरा सकता है। हालांकि नपा के अधिकारी कह रहे है कि पर्याप्त पानी है।

मानसून में देरी होने से जलसंकट के बादल जरूर गहराते जा रहे हैं। अभी रामघाट बैराज पर दो फीट एवं कालाभाटा बांध पर 10 फीट पानी शेष है। इतने पानी से शहर की एक माह तक प्यास बुझाना है, क्योंकि शिवना नदी में 25 जुलाई के बाद ही पानी की आवक होती है, पिछले कुछ वर्षो की स्थिति यहीं बया कर रही है। इस साल भी 25 जुलाई के बाद ही शिवना नदी में पानी की आवक होती है तो तब तक जलसंकट गहरा सकता है। क्योंकि चंबल नदी से महज एक पंप से ही पानी आ रहा है, जबकि शहर में प्रतिदिन 44 लाख गैलन पानी सप्लाई किया जा रहा है। सप्लाई के लिए शिवना नदी में भरे पानी को ही लिया जा रहा है। इसके अलावा तेज धूप सभी से भी दो दिन में कालाभाटा व रामघाट बैराज तक शिवना में भरा पानी भाप बनकर उड़ रहा है। शहर के गली-मोहल्लों में भी सार्वजनिक नलों, हैंडपंपों पर भीड़ नजर आ रही है। रामघाट बैराज पर पानी खत्म होते ही एक-दो दिन में कालाभाटा बांध के गेट खोलकर नपा रामघाट पर पानी जाएगी।

गत वर्ष से वर्षा में पिछड़ा जिला

पिछले साल 26 जून तक जिले में साढ़े तीन इंच वर्षा दर्ज हो चुकी थी, लेकिन इस साल मानसून पूर्व की वर्षा से अब तक सवा इंच वर्षा ही जिले में हुई है। अभी मानसून भी जिले में नहीं आया है। इसे कारण बोवनी में भी देरी होगी। मानसून में देरी के कारण शहर में जल संकट की आहट भी होने की संभावना बन रही है। शहर में पेयजल सप्लाय के लिए अभी कालाभाटा बांध में 10 फीट पानी शेष है। ऐसे में 15 दिनों में शिवना नदी में पानी की आवक नहीं हुई तो पानी की कमी से परेशानियां हो सकती है।

25 जुलाई के बाद ही आता है शिवना में पानी

पिछले वर्षों की स्थिति पर गौर किया जाए तो वर्ष 2015 के बाद सिर्फ एक बार 2018 में ही शिवना नदी में 25 जुलाई के पहले पानी आया है। बाकी सभी वर्षो में नदी में अमूमन 25 जुलाई के बाद ही पानी की आवक होती है। 2020 में शिवना नदी में 22 अगस्त को पहली बार पानी की आवक हुई थी। इस साल भी इतनी देरी होती है तो शहर में पेयजल संकट के हालात गहरा सकते है।

शिवना नदी पर बने कालाभाटा बांध में 10 फीट पानी है, रामघाट बैराज पर भी दो फीट पानी है। शिवना नदी में पर्याप्त पानी है, जल संकट जैसे हालात नहीं बनेंगे। चंबल का पानी भी लगातार आ रहा है।

-सीएल हकवाड़िया, उप यंत्री, नपा

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