नेशनल लोक अदालत का हुआ आयोजन

मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शनिवार को आयोजित हुई नेशनल लोक अदालत में 1100 से अधिक प्रकरणों का निराकरण हुआ। इन मामलों में कुल 6.37 करोड़ का अवार्ड पारित हुआ है। मामलों के निराकरण में विशेष छूट दी गई। लोक अदालत के अवसर पर न्यायालय परिसर एवं नगरपालिका परिषद में लोगों की भीड़ लगी रही।

कोर्ट में लंबित 5910 मामले लोक अदालत में निराकरण के लिए रखे गए थे। जिसमें से कुल 580 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें कुल छह करोड़ चार लाख 5 हजार 142 रुपये का का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार कुल 5226 प्रीलिटिगेशन रखे प्रकरण में से 529 प्रकरणों का निराकरण किया गया जिसमें 33 लाख 16 हजार 723 रुपये की वसूली की गई। मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति के 55 दावा प्रकरण निराकृत किए गए, जिसमें कुल राशि दो करोड़ 19 लाख 59 हजार 380 का अवार्ड पारित किया गया। लोक अदालत में धारा 138 के अंतर्गत चैक वाउंस के 235 प्रकरण निराकृत किए गए जिसमें कुल 2,91,15,131 का अवार्ड पारित किया

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नईदिल्ली एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंदसौर अजीतसिंह के मार्गदर्शन में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय मंदसौर एवं तहसील न्यायालय गरोठ, भानपुरा, नारायणगढ़, सीतामऊ में किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर अजीतसिंह, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय नीता गुप्ता, अध्यक्ष अभिभाषक संघ रघुवीरसिंह पंवार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव हर्षसिंह बहरावत, सप्तम जिला न्यायाधीश विशाल शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेशसिंह जमरा द्वारा लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। नेशनल लोक अदालत में जिले में कुल 26 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया है सभी न्यायाधीशगण एवं अधिवक्तागण से नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों को राजीनामे के माध्यम से निराकृत किये जाने में सहयोग प्रदान किये जाने हेतु अपील की गई।

ये न्यायाधीश रहे उपस्थित

लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंदसौर अजीतसिंह, विशेष न्यायाधीश राजेन्द्रकुमार सोनी, अध्यक्ष अभिभाषक संघ रघुवीरसिंह पंवार, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय नीता गुप्ता, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हर्षसिंह बहरावत, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश किशोरकुमार गेहलोत, तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश डा. प्रीति श्रीवास्तव, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश जितेन्द्रकुमार बाजोलिया, सप्तम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विशाल शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेशसिंह जमरा, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड प्रेमदीप सांखला, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड लक्ष्मी वास्कले, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड प्रवीणकुमार सोंधिया, पंचम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड विनोद अहिरवार, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड राहुल सोलंकी, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड साहंगी दुग्गल, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड निकिता वार्ष्णेय, पंचम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड प्राची पाण्डेय, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड राजेश्वरी जर्मन, जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रवीण कुमार, अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारीगण, विभिन्ना बैंक, बीमा कम्पनियां, विद्युत विभाग एवं विभिन्ना विभागों के अधिकारीगण, क्लेमेंट अधिवक्तागण, खंडपीठ सदस्यगण (अधिवक्तागण एवं सामाजिक कार्यकर्ता) आदि उपस्थित थे। रहे।

तीन वर्ष से अलग-अलग रह रहे पति-पत्नी हुए एक

लोक अदालत में पारिवारिक विवादों का भी समझाइश के बाद समाधान हुआ। घरेलू विवाद में मनमुटाव के चलते तीन साल से एक-दूसरे से अलग-अलग रह रहे पति-पत्नी लोक अदालत में सभी की समझाईश के बाद फिर एक साथ रहने के लिए राजी हो गए। जानकारी अनुसार राजनंदनी का विवाह मनीष से हुआ। दोनों के एक संतान भी हुई। घरेलू विवाद के चलते तीन वर्ष से दोनों पति-पत्नी अलग-अलग रह रह थे। इस दौरान मनीष ने अनवर अहमद मंसूरी एडवोकेट, मोहम्मद अनीस मंसूरी एडवोकेट से संपर्क किया गया। जिसके बाद शनिवार को लोक अदालत में पति-पत्नी उपस्थित हुए और आपसी राजीनामें की चर्चा हुई। दोनो पति-पत्नी को प्रधान न्यायाधीश जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीतसिंह, प्रधान न्यायाधीश नीता गुप्ता, विधिक सहायता सचिव हर्षसिंह बहरावत द्वारा लोक अदालत में समझाइश दी गई। इसके बाद दोनों पति-पत्नी साथ रहने के लिए राजी हो गए। दोनों ने एक-दूसरे को मामला पहनाई। इसके बाद पति-पत्नी अपने बच्चें के साथ खुशी-खुशी अपने घर चले गए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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