मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नईदुनिया टीम द्वारा सड़क पर सुरक्षित यातायात को लेकर की जा रही कवायद में अभी तक हम सड़क निर्माण से लेकर उस पर दी जाने वाली सुविधाओं व मापदंडों के उल्लं घन पर आमजन को जानकारी दे चुके हैं। नईदुनिया टीम अब दूसरे चरण में शिक्षण संस्थाओं में पहुंचकर यातायात की पाठशाला लगाई जा रही हैं। इसके तहत सातवें दिन गुरुवार को नईदुनिया टीम पिपलियामंडी में शासकीय कन्या उच्चतर मावि में थी। यहां बच्चों को सुरक्षित यातायात के लिए जागरुक करने के साथ ही यातायात नियमों को कंठस्था कराया गया। सबसे पहला सबक यही दिया गया कि जान है तो जहान है।

नईदुनिया समूह की रोड सेफ्टी सीरिज के दूसरे चरण के तहत शैक्षणिक संस्थाओं में विद्यार्थियों को सड़क पर सुरक्षित यातायात के लिए आवश्यशक सभी नियमों को लेकर जानकारी देना शुरू कर दी हैं। इसके तहत सातवे दिन गुरुवार को पिपलियामंडी में शासकीय कन्या उमावि में लगभग 400 छात्राओं को यातायात के नियमों से रोचक अंदाज में अवगत कराया गया। इनमें से कई विद्यार्थी अब 18 वर्ष की उम्र के आस-पास हैं। आने वाले दिनों में अपने-अपने क्षेत्र में पारंगत होकर बाहर निकलेंगे और सड़कों पर वाहन लेकर उतरेंगे तो इन्हेंस सबसे पहले सही ज्ञान की जरुरत होगी। गुरुवार को यातायात की पाठशाला में शिक्षक के रुप में मौजूद थे पिपलियामंडी टीआई नरेंद्र यादव। उन्होंने लगभग पौन घंटे तक विद्यार्थियों को सड़क पर चलने के सही नियमों की जानकारी दी। सड़कों के आस-पास लगे संकेतकों को समझने, उनका पूरी तरह पालन करने की बात कही। विद्यार्थियों को बताया गया कि सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी हमारी ही है। इसलिए हम तभी बचेंगे जब सभी सही तरीके से चलेंगे। उपस्थित विद्यार्थियों ने इस बात को काफी अच्छे तरीके से सुना और संकल्प भी लिया कि इन सभी नियमों का हम खुद भी पालन करेंगे और कराएंगे भी सही।

सवाल जवाब की सरल शैली में समझाए नियम

टीआई नरेंद्र यादव ने काफी सहज और सरल शैली में सड़क पर सुरक्षित चलने को लेकर चर्चा की। विद्यार्थियों से ही जानकारी ली कि सड़क पर हमेशा किस तरफ चलना चाहिये। दुपहिया वाहनों को चलाते समय क्या सावधानियां रखना चाहिये। चार पहिया वाहन चलाते समय पापा, बड़े भाई सीट बेल्ट लगाते हैं या नहीं। दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना क्यों जरुरी है। शहरी क्षेत्र की सड़कों पर वाहनों की गति क्या होना चाहिये। दुपहिया वाहनों पर बैठते समय दोनों को हेलमेट पहनना चाहिए।

यह दी समझाइश

- जब तक 18 वर्ष के नहीं हो जाए वाहन नहीं चलाएं।

- चार पहिया वाहन में बैठते समय सीट बेल्ट लगाए अपने बड़ो को भी समझाइश दें।

-सड़क पर हमेशा बाएं चलिए।

- हमारी सुरक्षा के साथ-साथ साथ चल रहे वाहन चालकों को भी सुरक्षित रखना हमारी जिम्मे़दारी है।

- वाहनों की जांच समय पर होते रहना चाहिये। ब्रेक, आइल व अन्य तरह की सर्विसिंग भी जरूरी है।

- यातायात संकेतकों का हमेशा पालन करना चाहिए।

- वाहनों की गति पर नियंत्रण होना चाहिए।

- दुपहिया वाहन पर बैठते समय दोनों सवारों को हेलमेट लगाना चाहिए।

इसलिए लगाई जा रही है पाठशाला

नईदुनिया टीम ने जिले के पांच प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया था। इसमें करीब 300 किमी के हिस्से में टीम ने संकेतकों, रोशनी की व्यमवस्थाम, मार्ग संगम पर स्टापर, प्रमुख जगहों पर सीसीटीवी कैमरे, सुविधाघरों को लेकर बारीकी से आडिट प्रक्रिया की। साथ ही यह भी देखने में आया था कि राजमार्गों से लेकर ग्रामीण मार्गों व शहर के आंतरिक मार्गों पर चलने वाले चार पहिया से लेकर दुपहिया वाहन चालकों तक यातायात नियमों का पालन ही नहीं कर रहे हैं। दुपहिया वाहन चालक हेलमेट नहीं पहनते हैं तो चार पहिया वाहनों के सवार सीट बेल्ट का उपयोग भी नहीं करते हैं। इसके अलावा कई चालकों को यातायात संकेतकों का ही ज्ञान नहीं हैं। इन सारी बातों को लेकर हमने देश के भविष्य विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करना शुरू किया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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