मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राजीव गांधी शासकीय महाविद्यालय के सामने महू-नीमच राजमार्ग पर शुकवार दोपहर एनएसयूआइ के आंदोलन के दौरान पुलिस ने जमकर ताकत दिखाई। उच्च शिक्षा मंत्री के खिलाफ सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं को पुलिस ने पहले उठाने की कोशिश की, जब वे नहीं उठे तो छात्र नेताओं को पकड़कर सड़क पर ही घसीटा। इस दौरान कुछ छात्रों को पुलिस जवानों ने हाथ-पैर पकड़कर दूर भी फेंका। छात्र नेताओं को पुलिस ने पीजी कालेज परिसर के अंदर कर दिया। इस दौरान एनएसयूआइ ने पुलिस पर आरोप लगाया कि छात्रा पदाधिकारी को भी पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा उठाया गया, वहीं पुलिस पर प्रदेश सरकार और भाजपा के दबाव में काम करने भी छात्र नेताओं ने लगाया। मौके पर मौजूद डीएसपी का कहना था कि आंदोलन शांतिपूर्वक हुआ है। सड़क पर यातायात बाधित न हो, इसलिए छात्र नेताओं को उठाया गया।

एनएसयूआइ की मांग के बावजूद कालेज की परीक्षाएं ओपन बुक पद्धति से न करवाते हुए शासन द्वारा आफलाइन करवाई जा रही हैं। इस निर्णय के खिलाफ शुक्रवार को एनएसयूआइ का आक्रोश फूट पड़ा। एनएसयूआइ के छात्र नेताओं का आंदोलन शुक्रवार दोपहर 12.30 बजे हुआ। एनएसयूआइ द्वारा उच्च शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किए जाने को लेकर बड़ी संख्या में पुलिस बल पीजी कालेज पहुंच गया था। इस दौरान पुलिस अधिकारी कुछ छात्र नेताओं से चर्चा कर रहे थे तभी एनएसयूआइ के तीन छात्र नेता कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम की तरफ से हाथों में उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का पुतला लेकर आए और नारेबाजी करते हुए पुतले को आग लगा दी। पुतले में आग लगते ही पुलिस जवानों ने भी दौड़ लगाई। छात्र नेता जलते हुए पुतले को लेकर पीजी कालेज की गेट की तरफ आए, तभी यहां मौजूद फायर बिग्रेड वाहन से पानी की बौछार भी पुतले की आग बुझाने के लिए शुरू की गई। छात्र नेता पुतले को लेकर कालेज के सामने सड़क के दूसरी तरफ पहुंच गए। यहां पर पुलिस ने पुतले को छीनने की कोशिश की, छीनाझपटी में पुतला बिखर गया। इसके बाद एनएसयूआइ के सभी छात्र नेता नारेबाजी करते हुए पीजी कालेज के गेट के सामने पहुंचे और यहां पर सड़क पर बैठ गए। तभी वहां उपस्थित पुलिस जवानों ने छात्र नेताओं को उठाने की कोशिश की, लेकिन छात्र नेता नहीं उठे तो पुलिस जवानों ने छात्र नेताओं के हाथ-पैर पकड़कर सड़क पर घसीटते हुए दूर फेंक दिया। इसके बाद पुलिस सभी छात्र नेताओं को कालेज के गेट के अंदर तक खदेड़कर आ गई। पुलिस के इस व्यवहार से छात्र नेताओ का आक्रोश बढ़ गया और पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी करने लगे।

2023 में सरकार बदलेगी, आप भी बदले जाओगे

आंदोलन कर रहे एनएसयूआइ के छात्र नेताओं को पुलिस द्वारा घसीटने व उठाकर फेंकने को लेकर आक्रोशित एक छात्र नेता ने कहा कि कालेज के बाहर हम धरने पर बैठै थे। तभी शिवराज की पुलिस ने हमें घसीटा। छात्र नेता ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस कह रही है लड़की हूं लड़ सकती हूं। दूसरी तरफ पुलिस द्वारा एनएसयूआइ की छात्रा नेत्री को घसीटा जा रहा है। छात्र नेता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि 2023 में सरकार बदलेगी आप भी बदले जाओगे। छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार करना सही नहीं है।

एनएसयूआइ द्वारा लगातर मांग की जा रही है कि कालेज की परीक्षाएं ओपन बुक पद्धति से ली जाएं। आफलाइन परीक्षा में जब हजारों विद्यार्थी एक साथ आएंगे तो कोरोना फैलने का खतरा है। लेकिन उच्च शिक्षा मंत्री सुनने को तैयार नहीं हैं। शासकीय महाविद्यालय के बाहर हम शांतिपूर्वक तरीके से उच्च शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने सत्ता व भाजपा के दबाव में आकर हमें सड़क पर घसीटा और उठाकर इधर-उधर फेंका। जब तक हमारी मांग नहीं मानी जाएगी, हमारा आंदोलन चलता रहेगा। -सुनील बसेर, एनएसयूआइ, पदाधिकारी

हम शांतिपूर्ण तरीके से आफलाइन परीक्षा का विरोध कर रहे थे। पुलिस-प्रशासन द्वारा दबंगता के साथ एनएसयूआइ के सभी छात्र नेताओं को सड़क से उठाकर घसीटा गया। लोकतंत्र में सभी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। मुझे पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा उठाया गया। हमें कालेज के अंदर तक घसीटा गया। पुलिस के इस तरह के व्यवहार का हम विरोध करते हैं। -सोनिया जैन, छात्रा नेत्री, एनएसयूआइ

एनएसयूआइ के प्रदर्शन के दौरान हमने पुलिस बल लगाया था। किसी के साथ अभद्रता नहीं हुई है, सड़क को जाम कर रहे थे। इस दौरान यातायात बाधित न हो इसलिए आंदोलन कर रहे छात्र नेताओं को साइड में किया गया था। -रवि सोनेर, डीएसपी

Posted By: Nai Dunia News Network

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