शामगढ़(मंदसौर)। निज प्रतिनिधि

ग्राम ढाबला गुर्जर रोड पर हाल ही में बने अंडरब्रिज में इंजीनियरों की लापरवाही से पानी भरा रहता है। ग्रामीणों ने रेल रोको आंदोलन करने की चेतावनी दी तो शुक्रवार को रेलवे अधिकारी हरकत में आ गए। हालांकि पंप से भी पानी निकालने की कोशिश की गई पर शाम तक अंडरब्रिज में 3-4 फीट तक पानी भरा हुआ ही था। लोग इसी तरह परेशान होकर निकल रहे थे।

ग्राम ढाबला गुर्जर के ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी के बाद कोटा रेल मंडल के सहायक वाणिज्य जनसंपर्क अधिकारी नंदकिशोर मीणा ने सारी स्थिति से एडीआरएम पीके मेश्राम व रेलवे सुरक्षा बल कमांडर मनोजसिंह को अवगत कराया। उसके बाद शुक्रवार को एडीआरएम मेश्राम ने शामगढ़ में पदस्थ सहायक अभियंता सुनील प्रजापति को कोटा तलब किया है। साथ ही आरपीएफ को अंडरब्रिज पर मौका मुआयना कर पानी को पंप लगाकर निकालने को कहा। बाद में पंप से पानी निकाला भी सही ,पर पानी अधिक होने से शुक्रवार को भी दोपहर तक वाहन फंसते रहे। शाम तक करीब तीन-चार फीट पानी भरा था। हालांकि इसके बाद लोगों व वाहनों की धीरे-धीरे आवाजाही शुरू हुई।

8-10 फीट तक भरा था पानी

उल्लेखनीय है कि दो माह से बारिश का पानी अंडरब्रिज पर 8-10 फीट तक भरने के कारण पूरा मार्ग बाधित हो रहा था। इस मार्ग पर ग्राम ढाबला गुर्जर, हनुमंतिया, खजूरीपंथ सहित करीब 50 गांवों के ग्र्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। राजस्थान तरफ से आने जाने वाली बसें लंबी दूरी तय कर रही थी। ग्रामीणों ने गुरुवार को रेलवे प्रशासन को 11 सितंबर को एक दिवसीय रेल रोको आंदोलन की चेतावनी दी थी। ढाबला गुर्जर सरपंच भगवानसिंह तंवर व मुकुंद विश्वकर्मा ने बताया कि शामगढ़ में रेलवे के अधिकारियों को कई बार मौखिक व लिखित में अवगत कराया पर कोई कार्रवाई नहीं की। आंदोलन की चेतावनी दी तो सब हरकत में आए। अंडरब्रिज का निर्माण सही तरीके नहीं हुआ।

उदासीनता से बढ़ी है समस्या

रेल सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य नारायणभाई गुजराती ने कहा कि रेलवे के स्थानीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण यह समस्या हुई है। दो माह से अंडरब्रिज में पानी था तो उसी समय हल क्यों नहीं निकाला गया।

कोटा मंडल के सहायक वाणिज्य, जनसंपर्क अधिकारी नंदकिशोर मीणा ने कहा अंडरब्रिज के आस-पास का पानी दूसरी तरफ निकालने के निर्देश स्थानीय अधिकारी को दिए हैं। साथ ही भविष्य में पानी का जमाव नहीं हो ऐसे पुख्ता इंतजाम करने को कहा है।

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