Road Safety Campaign Mandsaur: मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सड़क सुरक्षा अभियान के तहत रविवार को यातायात की पाठशाला उत्कृष्ट विद्यालय के खेल मैदान में लगी। यहां भी यातायात प्रभारी शैलेंद्रसिंह चौहान ने एनसीसी के छात्र सैनिकों को अनुशासन की शिक्षा दी। इसके साथ ही चौहान ने यातायात के नियमों के साथ ही सड़क पर सुरक्षित सफर को लेकर भी जानकारी दी। छात्र सैनिकों को बताया गया कि चूंकि आप सभी अनुशासित संगठनों से जुड़े हुए हैं इसलिए सड़क पर चलते समय हम भी पूरी तरह से नियमों का पालन करें और साथ चलने वालों को कराए। वहीं घर के आस-पास रहने वालों के साथ ही अपने परिचितों को भी इनके बारे में बताएं। सभी को कहा जाए कि सबसे कीमती चीज हमारी जान है और इसकी रक्षा करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मे दारी है।

उत्कृष्ट विद्यालय के मैदान में लगी कक्षा में एनसीसी के लगभग 400 से अधिक छात्र सैनिकों को यातायात के सबक दिए गए। यातायात थाना प्रभारी सूबेदार शैलेंद्रसिंह चौहान ने इन विद्यार्थियों को बताया कि वाहन चलाने के लिए लाइसेंस ज्यादा जरुरी हैं। इसलिए सबसे पहले यह तय करना चाहिये कि लाइसेंस बना लेना चाहिये। इसके अलावा सड़क पर वाहन लेकर उतरेंगे तो सबसे पहले सही ज्ञान की जरुरत होगी। सड़कों के आस-पास लगे संकेतकों की पूरी जानकारी दी और उन्हें समझने और उनका पूरी तरह पालन करने की बात कही। विद्यार्थियों को बताया गया कि सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी हमारी ही है। इसलिए हम भी तभी बचेंगे जब सभी सही तरीके से चलेंगे। उपस्थित विद्यार्थियों ने इस बात को काफी अच्छे तरीके से सुना और संकल्प भी लिया कि इन सभी नियमों का हम खुद भी पालन करेंगे और कराएंगे भी सही। इसके पहले जिले की समस्त एनसीसी इकाई ने एनसीसी का 75 वां स्थापना दिवस अमृत महोत्सव के रुप में मनाया।

अतिथि पूर्व नेवी अधिकारी एवं यातायात थाना प्रभारी सूबेदार शैलेंद्रसिंह चौहान, विशेष अतिथि जिला शिक्षा विभाग खेल अधिकारी अशोक शर्मा थे। अध्यक्षता उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य अशोक रत्नावत ने सभी बच्चों को उद्बोधन दिया। महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स द्वारा जिला चिकित्सालय में जाकर रक्तदान किया गया। उत्कृष्ट विद्यालय में अतिथियों द्वारा पौधे लगाए गए। एनसीसी दिवस पर राजीव गांधी शासकीय महाविद्यालय स्नातकोत्तर महाविद्यालय 2/21 कंपनी एनसीसी, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल शासकीय बालक उमावि क्रमांक 2 ट्रूप नंबर 224, उत्कृष्ट विद्यालय ट्रूप नंबर 156, सेंट थामस सीनियर सेकेंडरी स्कूल ट्रूप नंबर 157 के कुल 400 एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया। संचालन ट्रूप कमांडर विजयसिंह पुरावत एनसीसी अधिकारी ने किया। कार्यक्रम के दौरान ट्रूप कमांडर जितेंद्र कनौजिया, स्टेडियम प्रभारी राहुल शर्मा, दिलीप मुजावदिया, केयर टेकर आशीष बंसल भी उपस्थित थे। आभार सार्जेंट सतपालसिंह ने माना।

नईदुनिया टीम ने छह दिनों में लगभग 300 किमी के सेफ्टी आडिट में यह पाया कि जिले में सड़कों का जाल तो फैला हुआ है पर मुख्य मार्गों पर बसे शहर सहित अधिकांश कस्बों में ट्रामा सेंटर ही नहीं हैं। वर्तमान अस्प तालों में भी ऐसी सुविधा नहीं हैं कि दुर्घटना के बाद गोल्ड न आवर कहे जाने वाले समय में घायलों को समुचित उपचार मिल सके। टोल वसूलने वाली कंपनियों ने भी कोई ट्रामा सेंटर नहीं बनाया हैं न ही उनके पास भी आधुनिक एंबुलेंस हैं जिसे आइसीयू आन व्हील्स कहा जाता है। मंदसौर जिले में तीन प्रमुख टोल रोड हैं। इन पर टोल कंपनियों ने दिखावे के लिए सुविधाएं तो खड़ी कर रखी हैं पर वह नाकाफी है। महू-नीमच राजमार्ग का जिले में लगभग 60 किमी का हिस्सा है। इसके अलावा मंदसौर-चौमहला राजमार्ग के लगभग 50 किमी में एक टोल हैं और सीतामऊ-सुवासरा मार्ग पर एक टोल हैं।

तीनों ही टोल रोड पर टोल वसूलने वाली कंपनियों ने एक भी ट्रामा सेंटर या आकस्मिक चिकित्सा सहायता के लिए कोई व्यवस्था राजमार्गों से जुड़े हुए क्षेत्रों में नहीं की हैं। हर टोल पर कहने के लिए एक एंबुलेंस खड़ी रहती हैं जिसमें मौजूद पैरामेडिकल स्टाफ छुट-पुट घायल लोगों का तो उपचार देती हैं पर गंभीर घायलों की कोई मदद नहीं कर पाते हैं। एंबुलेंस भी आकस्मिक सुविधाओं से लेस नहीं हैं। जबकि मापदंड कहते हैं कि टोल पर खड़ी रहने वाली एंबुलेंस आइसीयू आन व्हील्सह होना चाहिये। ताकि गंभीर घायलों को दुर्घटना स्थल से ही प्राथमिक उपचार मिल सके। हालांकि टोल कंपनियों के साथ ही जिले में शासन ने भी आकस्मिक चिकित्सालय के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं की हैं। जिला अस्पताल से लेकर सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र केवल रेफरल सेंटर बने हुए हैं।

सरकार कराती नहीं रोड का सेफ्टी आडिट

नईदुनिया टीम ने तीनों प्रमुख टोल रोड जिले के प्रमुख मार्गों का 300 किमी तक भ्रमण किया हैं। इन जगहों पर ब्लेक स्पा्‌ट, अंधे मोड़, प्रमुख चौराहों पर अंडरपास की कमी, संकेतकों, रोशनी की व्यंवस्थाा, मार्ग संगम पर स्टांपर, सीसीटीवी कैमरे, सुविधाघरों को लेकर आडिट प्रक्रिया की थी। इसी प्रक्रिया में दुर्घटना की स्थिति में घायलों को त्वरित चिकित्सा राहत पहुंचाने की स्थिति का भी जायजा लिया गया। तो इसमें कई खामियां सामने आई है। इसी दौरान एक बड़ी बात यह भी सामने आई थी कि लोनिवि के मंत्री गोपाल भार्गव ने विस में लिखित में जवाब दिया था कि सरकार इन प्रमुख मार्गों का सेफ्टी आडिट ही नहीं कराती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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