मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। निशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) योजना में इस वर्ष प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। कोरोना की पहली लहर के कारण शिक्षण सत्र 2020-21 में आरटीई योजना के तहत प्रवेश की प्रक्रिया नहीं हो पाई थी। जिसके कारण 2020-21 में प्रवेश से वंचित रहे बच्चों को इस साल प्रवेश का अवसर दिया गया। पहले चरण में जिले के निजी विद्यालयों में 1648 बच्चों को स्कूल का आवंटन हुआ है, इसमें से 1547 बच्चों ने स्कूलों में प्रवेश अब तक ले चुके है। वहीं चलित वर्ष 2021-22 में प्रवेश प्रक्रिया की प्रथम व द्वितीय लॉटरी के बाद जिले के 706 स्कूलों में 3194 बच्चों को सीट आवंटित हुई, जिसमें से लगभग 95 प्रतिशत से अधिक बच्चे स्कूलों में पहुंच चुके हैं।

बीपीएल परिवारों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के लिये हर साल आरटीई के तहत बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिया जा रहा है। जिले में शिक्षण सत्र 2021-21 में कुल 3194 बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश मिला है। प्रथम व द्वितीय लॉटरी के बाद स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब तक करीब 3100 बच्चे प्रवेश ले चुके है। इस वर्ष जिले में कुल 6104 सीटों का लक्ष्‌य जिले में निर्धारित था। ऑनलाइन आवेदन के बाद कई बच्चो को लॉटरी में स्कूल आवंटन नहीं हुआ। कोरोनाकाल के बीच जिले में आरटीई के तहत 10 जून से आवेदन शुरू हुए थे। जिले में जितनी सीटें आवंटित थी, उतने आवेदन नहीं हुए थे। इसके बाद आवेदन 30 जून तक लिये गये। इसके बाद छह जुलाई को भोपाल में पहली लॉटरी खोली खोली गई, जिसमें जिले के 706 स्कूलों में 2999 सीटें आवंटित की गई। जिन बच्चों को सीटें आवंटित हुई। इसके पश्चात दूसरी लॉटरी की प्रक्रिया हुई जिसमें जिले में 195 सीटें आवंटित की गई है। जिन बच्चों को निजी स्कूलों में सीट आवंटित हुई हैं उनमें से अधिकांश बच्चे प्रवेश ले चुके हैं। इस वर्ष जिले में कुल 6104 सीटों का लक्ष्‌य लिया गया था इसके लिए जिले के 706 स्कूलों को चिन्हित किया गया। वर्ष 2011 से लागू शिक्षा का अधिकार अधिनियम योजना में अब तक 10 वर्षो में जिले में लगभग 32 हजार से अधिक बच्चों को प्रवेश मिल चुका है।

पिछले साल कोरोना के कारण प्रवेश से वंचित रहे बच्चों को मिला अवसर

पिछले वर्ष कोरोना महामारी के कारण आरटीई में सत्र 2020-21 में प्रवेश प्रक्रिया नहीं हो पाई थी। इसके कारण पात्र परिवारों के बच्चे इंतजार ही करते रह गये। शासन ने इस वर्ष कोरोना से हालात सामन्य होने पर वर्ष 2021-21 में आरटीई योजना में बच्चों को प्रवेश देने के साथ ही पिछले साल 2020-21 के लिये भी प्रवेश की प्रक्रिया की गई। शिक्षण सत्र 2020-21 के लिये इस वर्ष हुई प्रवेश प्रक्रिया में जिलेभर में कुल 1648 बच्चों को सीटें आवंटित हुई है। इनमें से अब तक 1527 बच्चे स्कूल पहुंच गये हैं।

10 वर्षो में अब तक हुए प्रवेश

सत्र स्कूल कुल बच्चे

2011-12 646 3605

2012-13 592 2856

2013-14 562 2957

2014-15 597 2550

2015-16 576 3458

2016-17 548 2095

2017-18 625 2897

2018-19 707 3692

2019-20 612 3420

2010-21 706 1648

2021-22 706 3194

(स्रोत- जिला शिक्षा केंद्र, मंदसौर)

आरटीई योजना में चलित वर्ष 2021-22 की पहली व दूसरी लॉटरी की प्रक्रिया में जिले में कुल 3194 सीटें आवंटित हुई हैं। इनमें से लगभग सभी बच्चे प्रवेश ले चुके हैं। कुल 706 स्कूलों में योजना के तहत बच्चों को प्रवेश मिला है। वर्ष 2020-21 शिक्षण सत्र में कोरोना के कारण आरटीई में बच्चों के प्रवेश नहीं हुए थे। पिछले वर्ष के लिये भी इस बार प्रवेश प्रक्रिया की गई। जिसमें जिले में 1648 बच्चों को सीट आवंटन हुई है।

-दिलीप डाबी, प्रभारी आरटीई योजना

Posted By: Nai Dunia News Network

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