मंदसौर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोविड-19 की पाबंदियों में अब एक-एक कर छूट दी जा रही है। ट्रेनों से भी स्पेशल का टेग हटाया जा रहा है। पर अभी भी अधिकांश ट्रेनों में यात्रा करने के लिए खिड़की से टिकट नहीं मिल रही है। वहीं रेलवे के एक निर्णय से बड़ा ही विरोधाभास हो रहा है। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा रेलमंडल ने दिन में चल रही कोटा-मंदसौर एक्सप्रेस ट्रेन में खिड़की से टिकट लेकर यात्रा करने की सुविधा 5 दिसंबर से देने की घोषणा कर दी है। पर इस ट्रेन में कोटा से मंदसौर तरफ आने पर ही यह सुविधा मिलेगी।

मंदसौर से कोटा जाने पर जनरल डिब्बे के लिए भी पहले की तरह आरक्षण ही कराना होगा। कोविड-19 को लेकर एहतियात बरतते हुए ट्रेनों में केवल आरक्षित टिकट धारक यात्रियों को ही यात्रा करने की अनुमति दी गई थी। अब यात्रियों की सुविधा को लेकर कोटा रेल मंडल से गुजरने वाली तीन ट्रेनों में अनारक्षित टिकट लेकर यात्रा करने की अनुमति रेल प्रशासन ने दी है। कोटा मंडल से गुजरने वाली भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस, कोटा-इंदौर इंटरसिटी तथा कोटा-मंदसौर एक्सप्रेस में चिन्हित कोचों में यात्री अनारक्षित टिकट लेकर 5 दिसंबर से एकतरफा यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए यात्रियों को द्वितीय श्रेणी मेल एक्सप्रेस के किराये का भुगतान करना होगा। कोटा रेलमंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजय कुमार पाल ने बताया कि ट्रेन 14814 भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस के कोच डी-1, डी-2, डी-3 तथा डी-6 कोचों में यात्रियों को अनारक्षित टिकट लेकर यात्रा करने की अनुमति रहेगी। इसके अलावा गाड़ी संख्या 22983 कोटा-इंदौर इंटरसिटी एक्सप्रेस के डी-1, डी-9, डी-10, डी-11 के अलावा डीएल-1, डीएल-2 कुल 6 कोच में यात्री अनारक्षित टिकट लेकर यात्रा कर सकेंगे। गाड़ी संख्या 19816 कोटा-मंदसौर ट्रेन के पांच कोच चिन्हित किए गए हैं। इनमें डी-1, डी-2, डी-3, तथा डीएल-1, डीएल-2 में यात्री अनारक्षित टिकट लेकर यात्रा कर सकते हैं। तीनों गाड़ियों में अनारक्षित टिकट लेकर यात्रा करने की अनुमति 5 दिसंबर से केवल एकतरफा यात्रा के लिए रहेगी। मंदसौर से कोटा जाने वाली ट्रेन में अनारक्षित टिकट लेकर यात्रा की अनुमति फिलहाल नहीं दी गई है।

शामगढ़ में अंडरब्रिज के लिए किया सर्वे

शामगढ़। कैबिनेट मंत्री हरदीपसिंह डंग व कलेक्टर गौतमसिंह के अंडरब्रिज बनाओ समिति के धरना स्थल पर आने के बाद व सोमवार को दिल्ली में स्थानीय नेताओं की रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात के बाद आलमगढ़ रेलवे फाटक के खुलने व अंडरब्रिज बनने की संभावना अब बलवती हो रही है। सोमवार को रेलवे इंजीनियर, आइओडब्ल्यू व टीआरटी व अन्य विभागों के अधिकारियों ने अंडरब्रिज स्थल के लिए तीन स्थानों पर सर्वे कर ले आउट कोटा भेज दिया है। रेलवे अधिकारियों ने अंडरब्रिज के लिए जो स्थान 786/11 व 12 का चयन किया है। उसे भी भविष्य के लिए सही नहीं बताया जा रहा है। इसमे अंडरब्रिज की लागत भी ज्यादा लगने की बात कही जा रही है। अगर आलमगढ़ फाटक वाली जगह ही अंडरब्रिज बनाया जाएगा तो कम खर्च के साथ आमजन को काफी राहत मिलेगी। मगर स्थानीय अधिकारियों ने जो ले आउट भेजा है। वह किसी को पसंद नहीं आ रहा है। कम खर्च में अंडरब्रिज सिर्फ वर्तमान रेलवे फाटक की जगह ही बनाना सबसे उपयुक्त रहेगा। कोटा-शामगढ़-नागदा रेलखंड के सीनियर डीएन रितुराज शर्मा ने अंडरब्रिज के लिए हुए सर्वे पर प्रतिक्रिया देने से इंकार करते हुए कहा कि यह हमारा अंदरूनी मामला है अभी सर्वे हुआ है। हमारे पास रिपोर्ट आएगी तभी बता सकते हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन पर 1 दिसंबर से अवध एक्सप्रेस एवं गाजीपुर- बांद्रा ट्रेन का स्टापेज हो सकता है। संभवतया 30 नवंबर की शाम तक दोनों ट्रेनों के स्टापेज के आदेश आने की संभावना है। सनद रहे कि 14 सितंबर को शामगढ़-सुवासरा का प्रतिनिधिमंडल कैबिनेट मंत्री हरदीपसिंह डंग, सांसद सुधीर गुप्ता के साथ रेल मंत्री से मिला था। रेल मंत्री के द्वारा दिए गए आश्वासन का भी अभी तक पालन नहीं हुआ है। उस समय रेल मंत्री ने शामगढ़ में तीन ट्रेन व सुवासरा में एक ट्रेन के स्टापेज के लिए एक सप्ताहह का समय दिया था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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