मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

कुछ दिनों पहले जिले में हुई अनवरत बारिश से खेतों में सब्जियों का उत्पादन भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। सब्जियां खेतों में खराब हो जाने से पहले तो किसानों को नुकसान हुआ और अब सब्जी की आवक मंडी में कम होने से सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंच रहे हैं। 10 दिनों में कई तरह की सब्जियों के दाम दो गुना तक हो गये हैं। सबसे ज्यादा महंगाई का तड़का टमाटर, तरोई, गोभी, गिलकी के दामों में है, ये सभी सब्जियां 50 रुपये किलो से कम पर नहीं मिल रही हैं। मंडी से लेकर गली-मोहल्लों में पहुंचने वाली सब्जियों में 20 रुपये किलो की कम की कोई सब्जी नहीं है।

वर्षा ऋतु के अंतिम दिनों में अधिक बारिश होने के कारण सब्जियां सड़कर खराब हो गई। उत्पादन प्रभावित होने और अब सब्जियों की मांग अधिक रहने से दाम में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। महंगाई अधिक होने के कारण आम आदमी की थाली से हरी सब्जियां दूर होती जा रही है। कई सब्जियां तो इतनी खराब हो गई है कि बाजार से ही गायब हो गई है। और जो सब्जियां बाजार में पहुंच रही है उनमें महंगाई के तड़के के कारण दाम आसमान तक जा पहुंचे है। ऐसे में सब्जी की बिक्री भी कम हो गई है। एक-दो सब्जियों को छोड़कर अन्य सब्जी के दाम 50 रुपये से कम नहीं है। जिलेभर से मंडी में सब्जी की आवक होती है, इसके अलावा बाहर से भी सब्जियां आती है। लेकिन गुजरात, राजस्थान के जिन क्षेत्रों से मंदसौर में सब्जियां आती है वहां भी महंगाई का तड़का है और मांग भी अधिक है, इसके कारण बाहर से भी सब्जी नहीं आ रही है। जिलेभर से आ रही सब्जी के बावजूद मांग अधिक इसके कारण भी दाम तेजी से बढ़ रहे है। सब्जी व्यापारियों के अनुसार त्योहार पर सब्जियों की मांग बढ़ गई है, लेकिन आवक बहुत कम है। दीपावली तक दामों में तेजी बरकरार रहने की संभावना है। सब्जी विक्रेता भगवानदास मेघनानी ने बताया कि कुछ दिन पहले हुई बारिश के कारण जिले में खेतों में सब्जी खराब हो गई है, इसके कारण आवक बहुत कम है, जिससे भाव बढ़ रहे है। अन्य शहरों में भी सब्जियां महंगी है इसके कारण मंदसौर में बाहर की सब्जी भी नहीं आ रही है।

महंगाई के कारण ग्राहकों ने सब्जी की खरीदी भी की कम

आमतौर पर जो सस्ती सब्जियां मानी जाती हैं, उनमें भी महंगाई का तड़का लगा हुआ है। वर्तमान में समय में बाजार में कोई भी ऐसी सब्जी नहीं है जो सस्ते दामों में मिल रही हो। आवक कम होने के कारण भाव बढ़े तो लोगों ने हरी सब्जियों की खरीदी भी कम कर दी है। शहर के बाजार में जितनी सब्जी आम तौर पर लोग खरीदते हैं, वर्तमान में 50 प्रतिशत ही रह गई है।

टमाटर हुआ लाल, दाम 60 रुपये किलो

सबसे ज्यादा तेजी टमाटर के दामों में हो रही है। 10 दिन में ही टमाटर के भाव 10 रुपए से बढ़कर 60 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। 20 रुपये किलो बिक रही गिलकी भी 50 रुपये तक बिक रही है। ग्वारफली, तरोई, गोभी, बैंगन के दाम 50 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गये है। सब्जी के साथ मुफ्त मिलने वाला धनिया-मिर्ची के दामों में भी तेजी है।

सब्जी भाव वर्तमान में 10 दिन पहले

गिलकी 50 20

तरोई 50 20

बैंगन 60 40

गोभी 50 30

भिंडी 25 10

आलू 20 15

करेला 40 20

पत्ता गोभी 40 20

ग्वारफली 50 30

टमाटर 60 10

मिर्ची 20 10

कद्दू 20 10

नींबू 40 20

सब्जियों के दाम प्रति किलो के मान से है, सब्जी विक्रेताओं के अनुसार

Posted By: Nai Dunia News Network

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