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वार्ड-26 (पशुपतिनाथ वार्ड)

कुएं से सप्लाय हो रहा गंदा पानी

अवैध कालोनी होने से सीतामऊ रोड, बसंत विहार में नहीं बनी सड़कें

मंदसौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर से लेकर श्री ओखाबावजी मंदिर, जैन तीर्थंकर व श्री लाभमुनि नेत्र चिकित्सासलय सहित अन्या स्था नों को खुद में समेटे वार्ड 26 क्षेत्रफल में काफी बड़ा हैं। चंद्रपुरा, सीतामऊ रोड पर रेलवे लाइन के बाद वाले क्षेत्र को नगर पालिका की सीमा में आए बरसों हो चुके हैं लेकिन अभी भी क्षेत्र में पेयजल की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। सीतामऊ रोड पर पटरी पार क्षेत्र में नगरपालिका अब तक पेयजल लाइन नहीं पहुंचा पाई है। जबकि चंबल से आने वाली पेयजल लाइन इसी क्षेत्र से आ रही हैं। सरकारी कुएं से गंदा पानी सप्लाय हो रहा हैं और लोग परेशान होकर पीने के पानी को भी दूर-दूर से लेकर आ रहे हैं। सीतामऊ रोड पर पटरी पर वाले क्षेत्र में अवैध कालोनियों में सड़कें भी नहीं बनी है। बसंत विहार में भी सड़कें नहीं है।

वार्ड 26 को पशुपतिनाथ वार्ड के नाम से ही जाना जाता है। शहर में मूलभूत सुविधाओं के लिए कालोनियों व अन्य वार्डों में जितनी तेजी से काम हुए हैं उतनी तेजी से काम वार्ड 26 में नहीं हुए है। आजादी के 75 साल बीतने के बाद भी सीतामऊ रोड पर पटरी पार क्षेत्र में नपा पेयजल नहीं पहुंचा पाई है। यहां पर कुएं से पेयजल सप्लाई होता है। रहवासियों का कहना है कि कुएं का पानी खराब है इसका उपयोग हम पीने में नहीं कर पाते हैं। पीने का पानी आसपास के ही क्षेत्रों से लाना पड़ रहा है। कई लोग मोटर साइकल से पानी लेने लिए जाते हैं। सीतामऊ फाटक क्षेत्र में बालाजी मंदिर के पीछे सड़कें कच्ची है। वर्षा होते ही यह क्षेत्र परेशानियों से भर जाता है। पेयजल और सड़क की यहां की प्रमुख समस्याएं है। चंद्रपुरा के बसंत विहार में सड़कें नहीं है इसके कारण रहवासी बहुत परेशान है। इस क्षेत्र में भी पेयजल को लेकर परेशानियां है।

एक नजर

वार्ड - 26 (पशुपतिनाथ वार्ड)

कुल मतदाता - 3311(पुरुष 1642, महिला 1669)

वार्ड के क्षेत्र -सीतामऊ रोड पर टोड़ी भाग एक व दो, श्रीनाथ रेसीडेंसी, भोईवाड़ा, खत्री मोहल्ला, माली नगर, बसंत विहार, सुदर्शन कालोनी, पशुपतिनाथ परिसर, चंद्रपुरा, बावड़ीकला, तीर्थंकर जैन मंदिर, सोंधनी, महू-नीमच राजमार्ग पर मेनपुरिया चौराहे से शिवना पुल तक, आदित्य विहार कालोनी, नवरत्न विहार कालोनी, हरि वाटिका, लाभमुनि चिकित्सालय।

-सीतामऊ फाटक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। सड़कें खराब है वर्षा होते ही परेशानियां बढ़ जाती है। सड़क बनाने के लिए कई बार मांग की है लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

-विक्रम माली, सीतामऊ फाटक

-हमारे क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। कुएं से पानी सप्लाई होता है इसमें गंदा पानी आता है। इस कारण पीने में उपयोग नहीं कर पाते हैं। पीने के लिए दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। पेयजल समस्या का स्थाई समाधान होना चाहिए।

-रोहिणी सेन, टोड़ी

-बसंत विहार में सड़कें नहीं है इस कारण वाहन चालक, रहवासी सभी परेशान हो रहे हैं। हमारे क्षेत्र में पेयजल संकट भी बना हुआ है। नल से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण दिक्कते होती है। नदी किनारे क्षेत्र होने के बावजूद पानी के लिये परेशानी हो रही है।

-उमाशंकर राव, चंद्रपुरा

आमने-सामने

पेयजल व सड़कों की समस्या का निदान नहीं

-वार्ड में जितने विकास के कार्य होना चाहिए थे वह नहीं हो पाए है। पेयजल समस्या और सड़कों की समस्या प्रमुख है इन दोनों ही समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हुआ है। इस कारण जनता को परेशानी हो रही है। जनता को विकास कार्यों की जितनी उम्मीद रहती है वह पूरी होना चाहिए।

- राधिका किशोर शास्त्री, पिछले चुनाव में पराजित प्रत्याशी

पेयजल हेतु 56 लाख के टेंडर हुए, परिषद की बैठक का इंतजार

-सीतामऊ फाटक पार क्षेत्र की पेयजल समस्या के स्थायी निराकरण हेतु 56 लाख रुपये में पेयजल लाइन के लिये टेंडर हो चुके हैं। स्वीकृति के लिए परिषद की बैठक का इंतजार है। इस कारण देरी हो रही है। छह माह में क्षेत्र में पेयजल पहुंचने लगेगा। सीतामऊ फाटक पार क्षेत्र में अवैध कालोनी होने के कारण विकास कार्यों में देरी होती है। सड़क बनाने के लिए हमने कोशिश की है अब सड़कें बन जाएगी। बसंत विहार में भी सड़कों के निर्माण के लिए प्रयासरत हैं।

-संगीता शैलेंद्र गोस्वामी, पूर्व पार्षद

Posted By: Nai Dunia News Network

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