लखनऊ के कमान अस्पताल पहुंचाया गया, महू पुलिस की लापरवाही भी सामने आई

महू। छुट्टी पर चल रहे एक सैन्य अधिकारी ने मंगलवार को खुद को गोली मार ली। इसके बाद उन्हें घायल अवस्था में पहले महू के सैन्य अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें एयर एंबुलेंस द्वारा लखनऊ कमान के अस्पताल पहुंचाया गया है। अधिकारी की हालत फिलहाल गंभीर है। इस मामले में महू पुलिस की लापरवाही भी देखने को मिली है। बताया जाता है कि अधिकारी के परिजनों ने महू पुलिस को इसकी सूचना दे दी थी, लेकिन महू पुलिस द्वारा इसकी जानकारी बड़गोंदा पुलिस को नहीं दी गई।

मंगलवार दोपहर आर्मी वॉर कॉलेज में पदस्थ छह ग्रेनेडियर के कर्नल अभिषेक त्रिपाठी ने खुदकुशी करने का प्रयास किया। घटना के समय वे बेरछा रोड स्थित अपने घर में ही थे। पुलिस के मुताबिक कर्नल त्रिपाठी ने अपने पास मौजूद एक लाइसेंसी छोटी पिस्टल से खुद को गोली मारी। उन्होंने अपनी ठुड्डी पर गन रखकर फायर किया लेकिन गोली ठुड्डी से होती हुई उनके गाल को चीरकर कमरे की छत में जा लगी। घटना के समय त्रिपाठी के दोनों बधो और पत्नी घर में ही दूसरे कमरे में मौजूद थे, जो गोली की आवाज सुनकर अपने पिता के कमरे में पहुंचे, जहां त्रिपाठी खून से लथपथ बेसुध पड़े हुए थे। इसके बाद बधो अपने एक पड़ोसी के घर मदद के लिए पहुंचे, जिन्होंने घायल अवस्था में त्रिपाठी को महू के सैन्य अस्पताल पहुंचाया। यहां पहुंचने पर उनकी हालत गंभीर थी। इसके कुछ ही देर बाद उन्हें लखनऊ के कमान अस्पताल ले जाने का फैसला किया गया। यहां से त्रिपाठी को एंबुलेंस द्वारा इंदौर ले जाया गया, जहां से उन्हें हवाई एंबुलेंस द्वारा लखनऊ पहुंचा दिया गया, जहां फिलहाल उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

इस मामले में महू पुलिस की लापरवाही की बात सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक घटना की खबर महू पुलिस को दी गई थी, लेकिन घटना क्षेत्र बड़गोंदा थाने में आता है, इसलिए महू पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया और न ही इसकी जानकारी बड़गोंदा पुलिस को दी। यही वजह रही कि घटना के एक दिन बाद बुधवार को बड़गोंदा थाने से पुलिस त्रिपाठी के घर पहुंची। बुधवार को एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और सुबूत जुटाए। पुलिस की लापरवाही को लेकर महू पुलिस के एएसआई बद्रीलाल ने बताया कि उन्हें सूचना मंगलवार को मिल गई थी। इसके बाद उन्होंने जांच की और बुधवार को बड़गोंदा पुलिस को जानकारी दी।

घरेलू मसला था वजह!

कर्नल त्रिपाठी प्रयागराज के रहने वाले हैं। घटना के बाद उनके कमरे को सील कर दिया गया था, जिसे एफएसएल की टीम ने खोला और जांच की। पुलिस ने आत्महत्या के प्रयास के लिए इस्तेमाल की गई गन जब्त कर ली है। पुलिस के अनुसार त्रिपाठी के बधाों के मुताबिक उनके पिता पूरी तरह सामान्य थे और उन्हें कोई परेशानी नहीं थी जो उन्हें आत्महत्या को मजबूर करे। हालांकि इस मामले में बताया जा रहा है कि त्रिपाठी किसी घरेलू मसले से परेशान थे और वे महू के आर्मी वॉर कॉलेज में सीनियर कमान विंग में इंस्ट्रक्टर के पद पर रहकर अब दो साल के अध्ययन अवकाश पर थे।