जनसुनवाई में कि सानों ने कहा-----

महू। नईदुनिया प्रतिनिधि

तहसील कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे तेलीखेड़ा के कि सानों ने कहा कि आवारा पशुओं के कारण हमारी फसलें नष्ट हो रही हैं। नगर परिषद व पुलिस में शिकायत की मगर कोई सुनवाई नहीं होती। पशुपालकों को आदेश दें कि वे अपने पशु बाड़े में रखें।

तेलीखेड़ा निवासी कि सान रामअवतार वर्मा, विनोद कश्यप, ताराचंद, मूलचंद वर्मा आदि ने जनसुनवाई में तहसीलदार धीरेंद्र पाराशर को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि तेलीखेड़ा क्षेत्र में आवारा पशुओं के कारण वे काफी परेशान हैं। यहां करीब सत्तर बीघा जमीन पर वे खेती करते हैं मगर विगत कु छ समय से सूअर व गाय-ढोर उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई खेतों की फसल नष्ट जैसी हो गई। इसकी शिकायत महूगांव नगर परिषद व कि शनगंज थाने पर की गई मगर वहां से कोई कार्रवाई नहीं होती। ज्ञापन में कहा गया कि इन पशुपालकों को बुलवा कर उनके पशु बाड़े में रखने के आदेश दें तथा क्षेत्र में आवारा पशुओं को पकड़ने की मुहिम चलाने के निर्देश नगर परिषद को दें। इन्होंने बताया कि अब तक इनकी लाखों रुपए की फसल आवारा पशु नष्ट कर चुके हैं।

इसके अलावा अदिति विहार कॉलोनी के रहवासियों ने तहसीलदार को सौंपे आवेदन में कहा कि कॉलोनाइजर प्रशांत दुबे द्वारा कॉलोनी में व्याप्त समस्याओं का निराकरण नहीं कि या जा रहा। इस कॉलोनी का निर्माण हुए आठ वर्ष हो गई मगर आज तक इसे नगर परिषद को नहीं सौंपा गया। यहां मूलभूत सुविधा जैसे सैफ्टी टैंक का निर्माण नहीं कि या गया, बच्चों को खेलने के लिए उद्यान नहीं बनाया गया, सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल का निर्माण नहीं कि या गया, कु छ कार्य आधे-अधूरे में ही छोड़ दिए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए कॉलोनाइजर द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई। फे ज टू में अलग से पानी की टंकी नहीं बनाई गई। कॉलोनाइजर दुबे द्वारा स्कू ल बस को कॉलोनी के अंदर नहीं आने दिया जाता जिससे पालको को काफी दूर तक ठंड व बारिश में बच्चों को छोड़ने आना पड़ रहा है। पानी के लिए हम टैंकर बुलवाते हैं तो कॉलोनाइजर के कर्मचारी डराते-धमकाते है। रहवासियों ने कहा कि इस कॉलोनी को भाटखेड़ी पंचायत में शामिल कर विलय कर दिया जाए ताकि पंचायत से विकास कार्य करवा सकें ।

19 महू 15-- ग्राम तेलीखेड़ा में आवारा पशुओं द्वारा नष्ट की गई फसल।

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कि स्त की राशि चुकाने को कहा तो चाचा को पीटा

महू। कि शनगंज पुलिस के अनुसार भगोरा निवासी रायसिंह पिता अमरसिंह भील ने शिकायत दर्ज कराई कि मेरे भतीजे शेरसिंह ने मेरे बेटे संदीप के नाम से मोटरसाइकिलपर फाइनेंस करा ली। मगर वह उसकी कि स्त नहीं चुका रहा है। गत दिनों शोरूम के संचालक मेरे घर कि स्त की राशि लेने आए तब मुझे पता चला कि वह मोटरसाइकिल मेरे बेटे के नाम से ली गई जो उसके पास है ही नहीं। इस बारे में जब शेरसिंह से चर्चा कर कि स्त चुकाने को कहा तो शेरसिंह व उसके भाई नवीन ने मेरे साथ मारपीट की। रायसिंह ने पुलिस से कहा कि शेरसिंह से कि स्त की राशि या फिर मोटरसाइकिल शोरूम संचालक को दिलवाई जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network