-पहली बार तीरंदाजी के अलावा होंगी कई खेलकूद प्रतियोगिताएं

महू। नईदुनिया प्रतिनिधि

जननायक टंट्या भील का शहीद दिवस चार दिसंबर को मनाया जाएगा। पातालपानी में टंट्या भील के मंदिर पर पूजा-अर्चना व प्रतिमा पर माल्यार्पण के अलावा मेला व अन्य आयोजन होंगे। पहली बार यहां संभाग स्तर पर तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

टंट्या भील की कर्मभूमि पातालपानी में बुधवार को टंट्या भील का शहीद दिवस मनाया जाएगा। उनके मंदिर में पूजा-अर्चना व प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के लिए बड़ी संख्या में आदिवासी समाजजन यहां पहुंचेंगे। जिला प्रशासन द्वारा इस बार विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। विगत दिनों वाद विवाद, निबंध व खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित की गई थी जिनके विजेताओं को पुरस्कार दिए जाएंगे। पातालपानी में बुधवार को मेला लगाया जाएगा। इसके अलावा कबड्डी, कुश्ती, प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस वर्ष इस मेले का मुख्य आकर्षण तीरंदाजी प्रतियोगिता होगी। इसके लिए पूरे संभाग के आदिवासी खिलाड़ियों को आमंत्रित किया गया। इनके अलावा राजनीतिक दलों के नेता व कार्यकर्ता भी टंट्या भील की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचेंगे। युवा कांग्रेस लोकसभा क्षेत्र के महासचिव गौरव शर्मा ने बताया कि इस मौके पर सरदारपुर के विधायक प्रतापसिंह ग्रेवाल भी विशेष रूप से आ रहे हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में आदिवासी भी पहुचेंगे।

पहली बार होगी तीरंदाजी प्रतियोगिता

टंट्या भील के शहीद दिवस के अवसर पर पहली बार आदिवासी युवाओं के लिए विशेष रूप से तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। बताया जाता है कि इसके लिए जिला प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए व उपकरण खरीदे हैं। इसके अलावा इस आयोजन में प्रमुख रूप से टंट्या भील के वंशजों को आमंत्रित किया गया है जो पंधाना में निवास करते हैं।

क्षतिग्रस्त हो रही टंट्या भील की प्रतिमा व सीढ़ी

लंबे संघर्ष के बाद पातालपानी क्षेत्र में टंट्या भील की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई लेकिन इसकी कोई देखरेख नहीं की जा रही। यह प्रतिमा कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो रही है खासकर पीछे की ओर से लेकिन आज तक किसी ने इस ओर ध्यान देना उचित नहीं समझा। इसके अलावा प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए लोहे की जो सीढ़ी बनाई गई वह काफी खतरनाक है पूरी सीढ़ी पर जंग लग चुका है। दो भागों में बंटी यह सीढ़ी ऊपर चढ़ने पर पूरी तरह हिलने लगती है। सबसे ऊपर सहारे की कोई व्यवस्था नहीं है। जहां से गिरने का डर बना रहता है। उद्यान भी पूरी तरह उजाड़ पड़ा है।

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महू पातालपानी स्थित टंट्या भील की प्रतिमा की हालत खराब।

- टंट्या मामा की प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए रखी गई लोहे की सीढ़ी हो रही जर्जर।

- टंट्या भील की प्रतिमा के आसपास उजड़ा पड़ा उद्यान।

Posted By: Nai Dunia News Network