-मासूम से दरिंदगी : दुष्कर्मी और हत्यारे की पहचान के लिए पुलिस अधिकारियों ने शहर की सड़कों की खाक छानी

महू। नईदुनिया प्रतिनिधि

पांच वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म व हत्या की घटना पुलिस के लिए चुनौती बनती जा रही है। 40 घंटों से लगातार पुलिस आरोपित की शिनाख्त व पहचान के लिए शहर की सड़कों की खाक छान रही है। सैकड़ों लोगों को फुटेज दिखाकर पहचान की कोशिश की गई। पूरे क्षेत्र में लगे 50 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए मगर सफलता हाथ नहीं लगी। हालांकि पुलिस ने 12 लोगों को शंका के आधार पर पूछताछ के लिए थाने पर बिठाया है।

सोमवार को बंगला नबंर 122 में मिली पांच वर्षीय बालिका का शव मिला था। उसकी दुष्कर्म के बाद हत्या की गई थी। इस घटना ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा रखी है। महू व आसपास के थानों का पुलिस बल आरोपित की खोज में जुट गया। यह तलाश मंगलवार की रात तक जारी थी। जिस जगह से बालिका को उठाया गया व जहां घटना को अंजाम दिया गया वहां तक के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे गए जिसमें संदिग्ध युवक नजर आ रहा है जिसकी उम्र 25 से 27 वर्ष के करीब है।

पुलिस की बंद कमरे में बैठक

सोमवार को किसी भी प्रकार की सफलता नहीं मिलने के बाद मंगलवार को एएसपी धर्मराज मीणा ने पुलिस अधिकारियों व जवानों की बंद कमरे में बैठक ली तथा इस घटना के हर एंगल पर बारिकी से चर्चा कर निर्देश दिए कि किसी भी हाल में आरोपित को गिरफ्तार किया जाए। इसके लिए महू के अलावा बड़गोंदा, किशनगंज, सांवेर व खुडैल के थाना प्रभारी व जवानों की टीम तैयार कर आरोपित की खोज में लगा दी है। इसके लिए 13 से ज्यादा दल बनाए गए।

12 संदिग्धों को थाने पर बैठाया

मंगलवार की शाम चार बजे बाद एएसपी धर्मराज मीणा, एसडीओपी विनोद कुमार शर्मा, महू थाना प्रभारी अभय नेमा, सांवेर थाना प्रभाारी योगेंद्र सिंह तोमर अपने जवानों के साथ रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, श्याम विलास चौक आदि स्थानों पर पैदल भटकते रहे। इन्होंने हर स्थान पर सीसीटीवी कैमरे के फुटेज वहां के लोगों को दिखाए ताकि कोई तो आरोपित को पहचान ले मगर कोई सफलता हाथ नहीं लगी। जबकि सांई मंदिर से लेकर रेलवे स्टेशन, सिमरोल रोड रेलवे ओवरब्रिज, शराब गोदाम, बंगला नंबर 125 व घटना स्थल पर पुलिस जवान तैनात किए गए व हर संदिग्ध से पूछताछ की गई। एसडीओपी शर्मा ने बताया कि घटना के बाद से ही पुलिस प्रशासन आरोपित को पकड़ने के लिए काम कर रहा है। अब तक पचास से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाल चुके हैं। सैकडों लोगों को फुटेज दिखाए गए मगर सफलता नहीं मिली। बारह लोगों को शंका के आधार पर पूछताछ के लिए थाने पर बैठा रखा है।

एसएसपी व एसपी रख रहे नजर

एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र व एसपी पश्चिम अवधेश गोस्वामी पूरे मामले पर निगाह रखे हैं। दोनों

अधिकारियों ने सोमवार को करीब दो घंटे तक बालिका के माता-पिता से बंद कमरे में चर्चा कर पूछताछ की। मंगलवार की रात को भी दोनों अधिकारियों ने महू आकर जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

फोटो है--

महू के एसपी धर्मराज मीणा और एसडीओपी विनोद शर्मा सड़कों पर घूमकर लोगों को सीसीटीवी में कैद हुए आरोपित के फुटेज दिखाकर पूछताछ करते हुए।

गृह मंत्री ने दिया आश्वासन

महू। शहर में मासूम बच्ची के साथ हुई घृणित घटना के बाद लोगों में गुस्सा है। इसे लेकर शहर के नागरिक लगातार अपना विरोध जता रहे हैं। महू के नागरिक और प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता योगेश यादव ने भी इसे लेकर कदम बढ़ाया है। उन्होंने शहर में नशे के अपराधों के साथ-साथ कारोबार पर लगाम

लगाने की मांग की है। इस बारे में उन्होंने गृह मंत्री बाला बच्चन से बात की और उनसे जल्द से जल्द इस बारे में कदम उठाने की अपील की है। यादव के मुताबिक गृह मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया है कि मामले के आरोपित जल्दी पकड़े जाएंगे। साथ ही महू में अपराधियों और अवैध व्यापार के खिलाफ विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। यादव के मुताबिक गृह मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को बुलाकर तत्काल निर्देश जारी करने की बात कही है।

Posted By: Nai Dunia News Network