महू। पचास साल पहले साथ में पढ़ते थे। इसके बाद सभी अपने-अपने क्षेत्रों में व्यस्त हो गए। अब पचास साल बाद मिले तो पुरानी यादें ताजा हो गईं।

हायर सेकं डरी स्कू ल में वर्ष 1967 से 1970 तक साथ-साथ पढ़ने वाले विज्ञान विषय के छात्रों का मिलन समारोह गत दिनों संपन्ना हुआ। इन सभी पुराने साथियों को एक जगह एकत्र कि या डॉ. महेश तिवारी व प्रदीप जैन ने। इस आयोजन में करीब साठ पुराने साथियों ने भाग लिया। इस दौरान जब यह साथी एक साथ मिले तो इनके चेहरे पर खुशी की चमक थी। सभी एक-दूसरे से आत्मीयता के साथ मिले और स्कू ल की पुरानी यादों को ताजा कि या। कार्यक्रम में गीत-संगीत व हास्य की प्रस्तुतियां भी इन्होंने दी। आयोजन में पुराने साथियों को याद कर श्रद्धांजलि भी दी गई। इसमें शशिकांत तिवारी, डॉ. सुमन अग्रवाल, कु ंदन लड्डू सोनी, राजेश देवसर, सुरेंद्र सोनी, यशवंत जोशी, महेश गोयल आदि थे। कार्यक्रम में हुकु म गोगलिया, राजेंद्र कसेरा, सूरज जोशी, कु ंदन जोशी, बाबूलाल राठौर, मदन सोनी सहित अनेक पुराने छात्र मौजूद थे। आभार हरीश बासवे ने माना।

भंगार हो रहे वाहनों से सवा पांच लाख रु. राजस्व प्राप्त

चार घंटे चली नीलामी, 82 वाहन नीलाम

महू। स्थानीय थाना परिसर में वर्षों से भंगार हो चुके वाहनों की नीलामी की गई। यहां सबसे ज्यादा 82 वाहनों की नीलामी की गई, जिससे शासन को सवा पांच लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। नीलामी के दौरान एक वाहन के लिए सबसे ज्यादा खरीदार मौजूद थे, लेकि न अंतिम समय में उसके मालिक ने आकर सबकी उम्मीदों पर पानी फे र दिया। यहां पर सबसे कम एक हजार रु. व सबसे ज्यादा 29 हजार रुपए में दोपहिया वाहन की बोली लगी।

गुरुवार को महू थाना परिसर में जब्त दोपहिया वाहनों की नीलामी की गई। दोपहर 12 बजे से यह बोली आरंभ की गई। इसके पूर्व खरीदारों से नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए दस-दस हजार रुपए शुल्क जमा करवा कर टोकन दिए गए। इसमें करीब सत्तर खरीदारों ने करीब सात लाख रुपए जमा कराए। इसके बाद नायब तहसीलदार रितेश जोशी ने नीलामी प्रक्रिया शुरू की, जो शाम चार बजे तक चली। इसमें कु छ वाहन तो ऐसी स्थिति में थे कि उनके पहिए जाम हो चुके थे, जिन्हें डंडा डाल कर आगे तक लाया गया। तो कु छ की नीलामी जमीन में पड़े-पड़े ही की गई।

महू थाने में 82 दोपहिया वाहनों की नीलामी हुई, जिससे पांच लाख पैंतीस हजार रुपए राजस्व के रूप में प्राप्त हुए। इसमें सबसे कम बजाज वाहन एक हजार व सबसे ज्यादा हीरो होंडा स्पलेंडर 29800 रुपए में बिका। इस मौके पर एसडीओपी विनोद शर्मा, थाना प्रभारी अभय नेमा मौजूद थे।

मालिक ने पहुंच कर पानी फे रा

इन 82 वाहनों में सबसे ज्यादा अच्छी हालत में एक ही वाहन टीवीएस ज्यूपिटर था, जिसे खरीदने के लिए सबकी निगाह थी। यहां तक इस वाहन को लेने के लिए तहसील के वरिष्ठ अधिकारियों व पुलिस के जवान भी प्रयासरत थे। कु छ अच्छी हालत के वाहनों को दो दिन पूर्व ही अलग निकाल कर रख दिया गया था ताकि वह नीलामी में शामिल ना हो सकें व बाद में कम से कम कीमत में उसे ले लें मगर वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार दबाव के कारण अंतिम समय में सभी को नीलामी में शामिल कर दिया गया। इसके बाद सभी खरीदारों की नजर उसी वाहन पर जमी रही। नीलामी के पूर्व ही उसे तीस से पैतीस हजार रुपए तक खरीदने की बात कही जाने लगी थी, लेकि न नीलामी के दौरान उक्त वाहन का असली मालिक मौके पर पहुंच गया और गाड़ी संबंधी कागजात दिखा कर ले गया। इस प्रकार सभी खरीदारों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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