पुरुषों व महिलाओं के बीच हुआ रस्साकशी का मुकाबला

महू। देशी खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आनंद उत्सव का आयोजन कि या गया। इसका समापन मंगलवार को हुआ। उत्सव के दौरान ग्राम पंचायतों में देशी खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें महिलाओं ने भी उत्साह के साथ भाग लिया।

आनंद उत्सव के तहत मंगलवार को ग्राम कोदरिया में देशी खेलों का आयोजन कि या गया। सरदार पटेल स्कू ल मैदान पर खो-खो, कुर्सी दौड़, रस्साकशी आदि के मुकाबले हुए। इन खेलों में ग्राम के पुरुषों व महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। निर्णायक प्राचार्य काईद जौहर थे। रस्साकशी के मुकाबले में पुरुष टीम का नेतृत्व रामचंद्र सुले व महिला टीम का नेतृत्व सरपंच अनुराधा जोशी ने कि या। इसमें पुरुषों की टीम विजयी रही, जबकि छात्र-छात्राओं की टीम के बीच हुए मुकाबले में छात्राओं की टीम विजयी रही।

वाद-विवाद प्रतियोगिता में रखा अपना पक्ष, बनाई रंगोली

महू। छावनी परिषद द्वारा मनाए जा रहे गणतंत्र दिवस समारोह में मंगलवार को वाद-विवाद व रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन कि या गया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतियोगियों ने अपना-अपना पक्ष रखा तो रंगोली में आकर्षक रंग भरे। प्रतियोगिता प्रभारी अरुणा दत्त पांडे, बंटी खंडेलवाल ने बताया कि तहसील स्तरीय अंतर विद्यालयीन माध्यमिक स्तर की रंगोली प्रतियोगिता तथा उच्चतर माध्यमिक स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में दस विद्यालयों के प्रतियोगी छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई। संचालन विनिता नायडू ने कि या।

वाद-विवाद प्रतियोगिता में पक्ष में प्रथम मलिका राजकु मार, द्वितीय अंशिका सोहनलाल, तृतीय चितवन दुबे रही। विपक्ष में प्रथम सृष्टि पारे, द्वितीय चंद्रवीर, तृतीय निधि रही। रंगोली में प्रथम प्रवीणा आंजना, द्वितीय प्रीति कौशल व तृतीय निशा सोमानी रही।

कोच का पहिया तेजी से घूमा, दो स्थानों पर पटरियां क्षतिग्रस्त

छह घंटे की मशक्कत के बाद पटरियों को सुधारा गया

महू (इंदौर)। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर मंगलवार सुबह पौने ग्यारह बजे डेमू ट्रेन के एक कोच का पहिया इतनी तेजी से घूमा कि दो स्थानों पर पटरियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। छह घंटे की मशक्कत के बाद पटरियां सुधार दी गईं। उधर इस प्लेटफॉर्म से रवाना होने वाली अन्य यात्री गाड़ियों को तीन नंबर प्लेटफॉर्म से संचालित किया गया।

रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर डेमू गाड़ी क्र. 79311 पौने ग्यारह बजे इंदौर के लिए रवाना हुई तो स्टेशन मास्टर कक्ष के सामने वाले कोच का पहिया वहीं घूमने लगा। पहिया इतनी तेज गति से घूमा कि पटरियों से चिंगारियां निकलने लगीं। गाड़ी कु छ दूर और आगे बढ़ी कि एक बार फिर पहियों व पटरियों से रगड़ होने के कारण चिंगारियां निकलने लगीं। वहीं खड़े रेलवे कर्मी पॉइंटस मेन सुनील परदेशी ने जब चिंगारियों को देखा तो स्टेशन मास्टर को सूचना दी, जिन्होंने गाड़ी को आगे बढ़ाने से रोका। तत्काल इसकी जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को दी। कु छ देर बाद गाड़ी को रवाना कर दिया गया।

पहियों की घूमने की गति इतनी तेज थी कि उस स्थान से पटरियां तक क्षतिग्रस्त हो गईं। करीब तीस मीटर के दायरे में दोनों ओर की पटरियां दो स्थानों से क्षतिग्रस्त हुईं। इंजीनियर विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच कर सुधार कार्य शुरू करवा दिया। इस प्लेटफॉर्म से दिनभर में आठ गाड़ियों का संचालन कि या जाता है। क्षतिग्रस्त पटरियों को काट कर नई पटरियां लगाने में करीब छह घंटे का समय लगा, तब तक अन्य गाड़ियों का संचालन प्लेटफॉर्म क्र. तीन से कि या गया। इस संबंध में रेलवे के अधिकारियों का कहना था कि यह एक सामान्य घटना थी। इससे कोई बड़ी दुर्घटना नहीं होती। फिर भी संबंधित विभाग के अधिकारी जांच कर रहे हैं।

निर्देश : कलेक्टर ने निरीक्षण कर कहा- आंबेडकर स्मारक से हटाए जाएंगे म्यूरल चित्र

एलईडी पर दिखाई जाएगी डॉ. आंबेडकर की जीवनी

महू (इंदौर)। आंबेडकर स्मारक में लगे म्यूरल चित्र की जगह एलईडी लगाई जाएगी। इसके लिए योजना बनाई जाए। एलईडी पर डॉ. आंबेडकर के जीवन व कार्यों पर आधारित फिल्म का प्रसारण होगा ताकि युवा वर्ग डॉ. आंबेडकर के बारे में ज्यादा जान सके ।

उक्त निर्देश मंगलवार को कलेक्टर लोके श जाटव ने आंबेडकर स्मारक का दौरा करते हुए दिए। जाटव ने यहां की व्यवस्थाओं को देखा तथा आंबेडकर जयंती के पहले सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने के निर्देश दिए। जाटव ने स्मारक के बाहर दोनों ओर उद्यान को व्यवस्थित करने की बात कही। इसके अलावा पांच दिन पूर्व स्मारक के प्रशासक कै लाश वानखेड़े द्वारा निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों की जानकारी दी गई।

स्मारक के अंदर डॉ. आंबेडकर के जीवन व उनके कार्यों पर आधारित म्यूरल चित्र लगाए गए हैं, लेकि न वे अब खराब हो रहे हैं। इन्हें नए करने के सवाल पर जाटव ने कहा कि यह चित्र लगातार खराब होते जा रहे हैं। इनकी सुंदरता भी वैसी नहीं है जो होना चाहिए। अगर इन चित्रों के स्थान पर एलईडी लगा दी जाए व उस पर डॉ. आंबेडकर के जीवन व कार्यों की फिल्म का प्रसारण कि या जाए तो ज्यादा उचित होगा। युवा इस फिल्म को देख कर व सुन कर ज्यादा लाभान्वित होंगे। इस पर मौजूद सभी अधिकारियों ने सहमति दी। यहां करीब दस एलईडी लगाने की बात कही गई है।

सीसीटीवी कै मरे का कंट्रोल पुलिस कक्ष में होगा

यहां लगे सीसीटीवी कै मरे के बारे में पूछने पर उन्हें बताया गया कि पर्याप्त मात्रा में कै मरे लगे हैं। इनका कंट्रोल रूम बौद्ध कक्ष में बना है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि इसका एक कनेक्शन थाने में हो ताकि वहां से भी नजर रखी जा सके । स्मारक के मुख्य हॉल में अस्थि कलश स्थापित करने व वहां रखे दीक्षा भूमि की प्रतिकृति को ऊपर के हॉल में रखने की सहमति कलेक्टर ने दी। उन्होंने नीचे के मुख्य हॉल में कि सी प्रकार की तोड़फोड़ कि ए बिना ही एक अस्थायी प्लेटफॉर्म बना कर अस्थि कलश रखने को कहा जिसे पारदर्शी कांच से ढंका जाएगा।

जमीन के लिए सेना से बात होगी

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर स्मारक की ऊपरी मंजिल यानि छत पर भी गए। यहां से आसपास की जमीन के बारे में चर्चा की तो बताया गया कि यह सेना की जमीन है मगर वर्तमान में कि सी उपयोग की नहीं है। अगर जमीन स्मारक समिति को मिल जाती है तो यहां अन्य व्यवस्था की जा सके गी। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम अंशुल गुप्ता व प्रशासक कै लाश वानखेड़े से योजना बनाकर पत्र लिखने को कहा। इसके बाद वे स्वयं सैन्य अधिकारियों से चर्चा करेंगे।

पेयजल की व्यवस्था अस्थायी होगी

निरीक्षण के दौरान प्रशासक कै लाश वानखेड़े ने बताया कि पेयजल की व्यवस्था अपर्याप्त है। खाली पड़ी जमीन पर इसकी व्यवस्था करने को कहा गया ताकि बड़ी संख्या में अनुयायियों के आने पर परेशानी न हो। इस पर कलेक्टर ने कहा कि यह व्यवस्था स्थायी न होकर अस्थायी हो। स्थायी करने से गंदगी होगी। कलेक्टर ने सभी कार्यों के लिए जल्दी योजना बना कर मार्च तक पूरा करने के आदेश दिए। इसके बाद वे आंबेडकर विवि भी निरीक्षण के लिए गए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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