महू (नईदुनिया प्रतिनिधि)। चार दिसंबर को पातालपानी में होने वाले कार्यक्रम और मुख्यमंत्री की सभा को लेकर युद्घ स्तर पर तैयारी की जा रही है। इस संबंध में आयोजित बैठक में अधिकारियों ने बताया कि दूरदराज के जिले से आने वाले कार्यकर्ता जो शाम तक अपने घर पहुंचेंगे, उनके लिए एक समय के नाश्ते और दोनों समय के भोजन के पैकेट की व्यवस्था की जा रही है जो उन्हें बस में दे दिए जाएंगे।

कार्यकर्ताओं की संख्या के साथ-साथ वाहनों की संख्या भी दिनों दिन बढ़ती जा रही है जिसे देखते हुए यातायात व्यवस्था करना प्रशासन से लिए परेशानी का कारण बना हुआ है, जबकि अन्य जिलों से आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए वाहनों के साथ-साथ नाश्ते व दो बार के भोजन के पैकेट देने की भी व्यवस्था की जा रही है।

पातालपानी में टंट्या भील के शहीद दिवस पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए प्रशासन द्वारा युद्घ स्तर पर तैयारी की जा रही है। रविवार को मंत्री तथा स्थानीय विधायक उषा ठाकुर ने कार्यकर्ताओं तथा प्रशासन के अधिकारियों की बैठक ली। कार्यक्रम में सबसे अहम मुद्दा यातायात व्यवस्था है, क्योंकि यहां पर पहुंचने वाले सभी मार्ग सिंगल लेन हैं, जबकि कार्यकर्ताओं व वाहनों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। पूर्व में मुख्यमंत्री की सभा में एक लाख कार्यकर्ताओं को लाने का लक्ष्य था जो अब डेढ़ लाख तक पहुंच गया। वहीं दो हजार बसों की संख्या बढ़ते हुए अब साढे तीन हजार तक पहुंच गई, जबकि पांच हजार से ज्यादा दो पहिया वाहन आने की संभावना है। इन वाहनों की पार्किंग व्यवस्था प्रशासन के लिए सबसे अहम मुद्दा है। इसके लिए प्रशासन ने सात स्थानों पर व्यवस्था की है जो नाकाफी होने के साथ आयोजन स्थल से काफी दूर है। ऐसे में कार्यकर्ता पैदल आने के बजाए वाहन में बैठना ज्यादा पसंद करेंगे। सभा स्थल पर सिर्फ पीने के पानी की व्यवस्था रहेगी। बैठक में अधिकारियों ने यातायात व्यवस्था को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी दी तथा और ज्यादा व्यवस्था करने, कार्यकर्ताओं व वाहनों के आने के लिए तय किए गए मार्ग की जानकारी दी। पातालपानी तक पहुंचने वाले सभी मार्ग संकरे होकर सिंगल लेन हैं। अगर एक भी वाहन बीच सड़क पर खराब या रुक जाता है तो सारी व्यवस्था गड़बड़ा जाएगी। हालांकि इसके लिए भी प्रशासन ने क्रेन की व्यवस्था की है।

मंच पर बैठने की व्यवस्था हो जाए

तैयारियों को लेकर अब तक स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में किसी प्रकार का जोश या उत्साह नहीं देखा गया। हर नेता भीड़ लाने के बजाए इस प्रयास में लगा है कि किसी तरह मंच पर बैठने वालों की सूची में मेरा नाम दर्ज हो जाए। अब तक की बैठकों व तैयारियों में भाजपा महिला मोर्चा लगभग पूरी तरह गायब है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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