बेटमा। मेडिकल आफिसर डा. वीरेंद्रसिंह चौधरी ने बहू और उसके मायके वालों द्वारा मानसिक रूप प्रताड़ित किए जाने के चलते जहर खाकर जान दे दी थी। मामले में पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। शनिवार को 6 में से 4 लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस द्वारा न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

डा. चौधरी ने गत 12 मई को घर में जहर खा लिया था। पुलिस ने मामले में डा. चौधरी के लड़के देवाशीष चौधरी, अभिषेक चौधरी, पत्नी कांता चौधरी व कर्मचारी राहुल चौधरी के बयान दर्ज किए थे। जांच में यह बात सामने आने के बाद कि डा. चौधरी को बेटे देवाशीष की पत्नी पूनम, उसके पिता श्यामसिंह चौधरी, मां साधना उर्फ शारदा चौधरी, बहन वीनू चौधरी, भाई मोनू उर्फ तेजेन्द्र चौधरी निवासी अजमेर व मामा रविन्द्र निवासी ग्राम मुहारी जिला भरतपुर दहेज प्रताड़ना के झूठे केस में फंसाने व इज्जात खराब करने की धमकी देने के साथ मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। पुलिस ने इनके विरुद्घ प्रकरण दर्ज करने के बाद बहू पूनम और उसके भाई तेजेन्द्र को बेटमा से गिरफ्तार किया और मां साधना व बहन विनु को राजस्थान से लेकर आई और सभी को कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

जानकारी के अनुसार पूनम, उसकी मां साधना, बहन विनु को जिला जेल और भाई तेजेन्द्र को उपजेल देपालपुर ले जाया गया। जानकारी के अनुसार बहू पूनम न्यायालय में आवेदन देकर दोनों बच्चों को भी अपने साथ जेल ले गई।

नहाने गया युवक डूबा

देपालपुर। नगर के बेटमा रोड स्थित आइडीएफसी बैंक के पीछे पप्पू ठाकुर के खेत के पास बने तालाब में गर्मी के चलते तीन दोस्त नहाने गए थे। उनमें से एक दोस्त गहरे पानी में चले जाने के कारण डूब गया। जानकारी के अनुसार देपालपुर के रहने वाले तीन दोस्त अंकुश पुत्र राजेश चौहान, युवराज पुत्र गट्टू, यशराज पुत्र लाखन नहाने के लिए बेटमा रोड के निकट तालाब में गए थे। अंकुश गहरे पानी में चले जाने के कारण डूब गया था। आसपास के खेत वालों ने बचाने का प्रयास किया पर तालाब गहरा होने के कारण अंकुश को बचा नहीं पाए। घटना की जानकारी पुलिस को दी तो पुलिस ने गोताखोर टीम को बुलाकर अंकुश के शव को बाहर निकाला। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम करवाया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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