-मंत्री उषा ठाकुर का भी हुआ विरोध, युकां ने एसडीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग

महू। भगवान गणेश की मूर्ति को आपत्तिजनक रूप से दिखाने के विरोध में युवक कांग्रेस के नेताओं ने तहसील कार्यालय में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। यहां पर एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंप कर युवक के एनजीओ को रद्द करने की मांग की गई। संस्था अनिवार्य के अंकित बागडी ने अपने घर में स्थापित की भगवान गणेश की मूर्ति को आपत्तिजनक रूप से दिखाने का हिंदू संगठनों ने विरोध किया। इसके अलावा तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। बड़ी संख्या में युकां के कार्यकर्ताओं ने ड्रीमलैंड चौराहे से नारेबाजी करते हुए एक रैली के रूप में तहसील कार्यालय तक आए। यहां पर युवक तथा उसके एनजीओ के खिलाफ करीब तीस मिनट तक नारेबाजी की तथा बाद में नायब तहसीलदार शिवशंकर जरोलिया को ज्ञापन सौंप कर गैर जमानती धाराओं में प्रकरण दर्ज करने व एनजीओ को रद्द करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान स्थानीय विधायक व मंत्री उषा ठाकुर के खिलाफ भी नारेबाजी की गई व उनके इस्तीफा देने की मांग की गई क्योंकि यह कृत्य उनकी ही पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी के पुत्र द्वारा किया गया। ज्ञापन का वाचन विशाल शर्मा ने किया। उल्लेखनीय है कि बागडी के खिलाफ मंगलवार को महू थाने में अनेक ज्ञापन दिए गए। जिस पर पुलिस ने प्रकरण भी दर्ज कर लिया है। वहीं बागडी ने थाने में पत्र देकर माफी भी मांग ली है।

इसलिए हुआ विरोध

तहसील कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन के पीछे का एक कारण राजनीति भी है। कलाकार अंकित बागडी के पिता शहर भाजपा में पदाधिकारी हैं। ऐसें में उनके विरोधी इस बारे में सक्रिय हैं। पुलिस प्रशासन ने भी बुधवार के प्रदर्शन को देखते हुए मंगलवार की शाम को प्रकरण दर्ज कर लिया था। जिस कारण प्रदर्शन करने वालों के पास बुधवार को एनजीओ रद्द करने का मुददा बचा। इसके अलावा तहसील कार्यालय में भी एसडीएम अक्षत जैन ने पांच कार्यकर्ताओं से अंदर आकर ज्ञापन देने का कहा, लेकिन कार्यकर्ता उन्हें बाहर बुलवाना चाहते थे। बाद में जैन ने भी नायब तहसीदार को भेज कर ज्ञापन मंगवा लिया। इस दौरान एसडीएम के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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