महू। हिंदी वैश्विक धरातल पर दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। योरपीय देशों में हिंदी का विस्तार हो रहा है। हिंदी भारत की राष्टभाषा बने इसके प्रयासी हम सभी है। हिंदी का हृदय विशाल है। आठ लाख से अधिक शब्दावली हिंदी को समृद्घ करती है।

यह बात डॉ. आंबेडकर विवि में हिंदी पखवाड़े में आयोजित वेब परिसंवाद में प्रो. निर्मला एस मौर्या ने कही। उन्होंने कहा कि हिंदी के विस्तार और विश्व समुदाय के साथ सहजता से हिंदी को पहुंचाने में हिंदी संस्थाओं की अहम भूमिका है। राष्ट्रगान की तरह ही किसी भी देश की राष्ट्र भाषा का महत्व होता है। प्रो. आशा शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मप्र में लागू कर दिया है॥ हिंदी के विस्तार में विश्व हिंदी सचिवालय मॉरीशस, हिंदी विवि, वर्धा राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा जैसी संस्थाएं इसी उद्देश्य से स्थापित की गई हैं। विवि द्वारा आयोजित हिंदी पखवाड़ा इस दिशा में समृद्घ वैचारिक चिंतन को विस्तार देगा, यह उम्मीद करती हूं। प्रो. राजकुमार आचार्य ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्र को जगाने की भाषा हिंदी रही है। आज हिंदी न केवल साहित्य की भाषा है बल्कि बाजार की भाषा भी बन रही है, हमें इस पर भी चिंतन करना होगा।

डॉ. एजे अब्राहम हिंदी के वरिष्ठ चिंतक, केरल ने कहा कि स्वतंत्रता के पहले से ही हिंदी शिक्षा दक्षिण भारत में भी व्यापक हुई है। यहां कई विद्यार्थी दूसरी भाषा के रूप में हिंदी लेते हैं। हिंदी की लिपि इसकी व्यापक स्वीकारोक्ति का कारण है। डॉ. विनोद शाही ने कहाकि भाषा के मूल में मातृभाषा ही होती है। मातृभाषा का लैंगिक विभाजन नहीं किया जाता है। इसके मनोविज्ञान को समझकर ही सांस्कृतिक संदर्भों को आत्मसात किया जाना सहज है। रविंद्र कात्यायन ने हिंदी भाषा के सांस्कृतिक संदर्भ एवं भाषागत अंतरसंबंधों पर विस्तार से बात कही।

शिक्षिका अंजना ठाकुर सम्मानित

महू। नगर की शिक्षिका अंजना ठाकुर को गत दिनों डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। सहयोग अशासकीय विद्यालय संघ इंदौर जिले की सांवेर, देपालपुर और महू तहसील से 14 शिक्षकों का चयन किया गया था। महू तहसील से अंजना ठाकुर का इस सम्मान के लिए चयन किया गया था। मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी मंगलेश व्यास, प्रो. रमेश मंगल, राष्ट्रीय कवि राजीव शर्मा एवं नवनीत शुक्ला थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने नवीन नीति के मूल सिद्धांतों पर चर्चा की। सभी चयनित शिक्षाविदों को अतिथियों ने सम्मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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