महू। निजी स्कूलों में संचालकों द्वारा यूनिफॉर्म बदलने व किसी एक दुकान से खरीदने का दवाब देने का मामला एसडीएम के पास पहुंच गया। दोनों पक्षों की बातें सुन कर चेतावनी दी गई कि इसके लिए पालकों व बच्चों पर किसी प्रकार का दबाव न बनाया जाए। अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।

नगर के कुछ निजी विद्यालयों द्वारा नए शिक्षा सत्र से यूनिफॉर्म बदलने का निर्णय लिया गया है। इससे अब पालकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ेगा, जबकि कुछ व्यापारियों ने आरोप लगाया कि स्कूल संचालकों ने अन्य व्यापारियों को बिना जानकारी दिए या उनके कपड़ों के सैंपल देखे बिना ही एक दुकानदार को ठेका दे दिया। पालकों को उसी दुकान से यूनिफॉर्म खरीदने को कहा जा रहा है। इस मामले में स्कूल संचालकों का कहना था कि हम किसी एक दुकान से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए नहीं कर रहे। सिर्फ कपड़ा हमारी मान्यता अनुसार अच्छा होना चाहिए । पालक कहीं से भी यूनिफॉर्म खरीद सकते हैं। दुकानदारों का आरोप था कि कपड़े के सैंपल नोटिस बोर्ड पर नहीं लगाए हैं। हमने लाखों का यूनिफॉर्म बना कर रख लिया है। लेकिन दबाव के कारण पालक एक ही दुकान से ही खरीद रहें है जिससे हमें लाखों का नुकसान हो रहा है।दोनों पक्षों की बाते सुन एसडीएम विजयकुमार अग्रवाल ने कहा कि पालकों पर किसी एक दुकान से यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव न बनाया जाए । अगर ऐसा होता है तो पालक इसकी शिकायत करें। हम कार्रवाई करेंगे। साथ ही दुकानदारों को भी कहा कि स्कूल द्वारा तय मानक कपड़े के अनुसार यूनिफॉर्म बनाएं और बेचे। इस बैठक में तहसीलदार तपीस पांडेय, ब्लॉक शिक्षाअधिकारी संजय पाटिल, विकास खंड स्त्रोत समन्वयक संजय नैल्सन आदि भी मौजूद थे। - निप्र

0000000000000000

Posted By:

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags