दतोदा । मंगलवार को हुई भारी वर्षा से ग्रामीण क्षेत्रों के सारे नदी-नाले उफ़ान पर आ गए। इस मूसलधार वर्षा से किसानों को कुछ राहत मिली है। ग्रामीणों के अनुसार एक दिन में इतनी वर्षा करीब 20 वर्ष बाद देखी है। वहीं जिन किसानों ने पिछले दो-तीन दिनों में सोयाबीन की बोवनी की है। अब उन्हें दोबारा बुवाई करना होगी क्योंकि खेतों से पानी के साथ सोयाबीन भी बह निकले। किसान सुधीर मुंडेल ने बताया कि बोवनी का समय लगातार निकल रहा था इसलिए कम पानी में ही सोयाबीन की बोवनी कर दी थी ताकि फसल ज्यादा लेट ना हो परंतु मंगलवार को इतनी तेज वर्षा हुई कि पानी के साथ सोयाबीन भी बह निकले। किसान मदनलाल मुंडेल बताते हैं कि इस बार आठ हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से पंद्रह क्विंटल बीज सोयाबीन खरीद कर लाए थे परंतु सब खराब हो जाएंगे इस वर्षा से। पहले पानी नहीं आ रहा था तो चिंता थी और अब पानी इतना अधिक हो गई तो चिंता बढ़ गई।

मार्गों पर आवाजाही चार घंटे बंद रही

दोपहर से शुरू हुई वर्षा से शाम तक गांव के सभी मुख्य मार्गों के नाले उफान पर आ गए। इसस दतोदा-हरसोला, कनाड- दतोदा व नामिल मार्ग पर स्थित पुलिया के ऊपर से पानी बह निकला। इससे वाहनों की आवाजाही करीब करीब चार घंटे तक बंद रही। वहीं ग्रामीणों की माने तो इतनी वर्षा बीस से पच्चीस वर्ष पहले हुई थी जिसमें नदी का पानी लोगों के घरों तक जा पहुंचा हो। गांव के तालाबों का जल स्तर आधी बरसात बीत जाने के बाद इतना होता है जितना कि आज के पानी ने पहुंचा दिया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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