महू (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के मुख्य क्षेत्र ड्रीमलैंड व स्टेट बैंक के सामने अव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था को सुधारने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार नई-नई व्यवस्था कर रहा है। स्टेट बैंक के सामने सड़क किराने व फुटपाथ पर खड़े चार पहिया वाहनों के

लिए गैरिसन मैदान के पीछे पार्किंग व्यवस्था की जा रही है जिससे अग्रसेन चौराहे से लेकर शहनाई गार्डन तक सड़क वाहन मुक्त हो जाएगी।

पुलिस प्रशासन व यातायात विभाग ने लंबे समय बाद शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने का प्रयास शुरू कर दिया है। आरंभ के दिनों में अग्रसेन चौराहे से आरफियम चौराहे तक नई पार्किंग व्यवस्था कर दी है जिस कारण सड़क चौड़ी दिखने लगी है और बीते एक सप्ताह से न तो कोई दुर्घटना हुई और न पूर्व की तरह जाम की स्थिति बन रही। अब अग्रसेन चौराहे से शहनाई गार्डन तक सड़क के दोनों और खड़े बेतरतीब वाहन यातायात में परेशानी का कारण बने हुए हैं। यहां बड़ी संख्या में चार पहिया वाहन दोनों और खड़े किए जा रहे हैं जिस कारण बार-बार जाम जैसी स्थिति बन रही है, खासकर शाम के समय। इसका मुख्य कारण इस क्षेत्र में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिस प्रशासन व यातायात विभाग ने मंगलवार से चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग के लिए व्यवस्था शुरू कर दी। गैरिसन मैदान के पीछे वर्षों से खाली पड़ी जमीन को पार्किंग के लिए व्यवस्थित किया जा रहा है। यह मैदान किसी उपयोग में नहीं आ रहा है जिस कारण बड़ी-बड़ी झाड़ियां हो गई हैं और मैदान भी ऊबड़-खाबड़ हो चुका है। इसे जेसीबी मशीन से हटाकर समतल किया जा रहा है। इसके बाद यहां पर पचास से ज्यादा चार पहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे। यहां तक पहुंचने के लिए नाली के ऊपर फर्शियां रखी जाएंगी। पार्किंग शुरू होने के बाद सड़क के दोनों और वाहन खड़े करना बंद हो जाएंगे और सड़क चौड़ी हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व पारसी की लायब्रेरी के पास चार पाहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई जो काफी हद तक सफल हो रही है।

सात सूत्री मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल शुरू

महू (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पूरे माह का वेतन देने, पेट्रोल भत्ते में वृद्घि करने सहित सात सूत्री मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार से काम बंद हड़ताल शुरू कर दी। यह तीस जून तक चलेगी। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में बीएमओ को ज्ञापन सौंपा। तहसील की करीब ढाई सौ आशा कार्यकर्ताओं व सहयोगियों ने अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल शुरू कर दी। स्वास्थ्य विभाग के नाम बीएमओ को सौंपे ज्ञापन में बताया कि उनसे माह के पूरे तीस दिन काम लिया जा रहा है लेकिन वेतन पधाीस दिन का ही दिया जाता है। आशा सहयोगियों को पेट्रोल भत्ता भी महंगाई को देखते हुए काफी कम दिया जा रहा है जिसे बढ़ाया जाए। इन कर्मचारियों ने बताया कि एक-एक सहयोगियों के पास पंद्रह से सोलह गांव की जिम्मेदारी है। इसके अलावा आशा कार्यकर्ता व सहयोगियों को शासकीय कर्मचारी माना जाए। इसके अलावा मांग की गई है कि प्रत्येक कार्यकर्ता गर्भवती महिला की पूरे नौ माह ध्यान रखकर उसकी सेवा करती है तथा प्रसूति कराने तक की जिम्मेदारी निभाती है। लेकिन उन्हें मात्र छह सौ रुपये ही पारिश्रमिक दिया जा रहा है जिसमें वृद्घि कर बारह सौ रुपये किया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि आशा सहयोगियों को पंद्रह हजार व कार्यकर्ताओं को दस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए ताकि वे अपने परिवार का पालन पोषण कर सके।

उल्लेखनीय है महू तहसील में 230 आशा कार्यकर्ता और 18 आशा सहयोगी हैं। इनकी यह हड़ताल तीस जून तक चलेगी। जिस कारण तब तक सर्वे, नवजात शिशुओं का टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखरेख व उन्हें अस्पताल तक लाने का आदि कार्य प्रभावित होगा। इन कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को बीएमओ योगेश सिंगारे को ज्ञापन सौंपकर उनकी मांगों के निराकरण की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से हेमलता शर्मा, सुशीला मालवीय, विमला मेहरा, अर्चना सिकरवार, सविता कांबले, संगीता, सुधा धमेरा आदि मौजूद थीं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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