- जौरा तहसील के नंद गांगोली गांव में सालों से चल रही थी नकली दूध बनाने की डेयरी,

- 600 लीटर दूध तैयार मिला, भारी मात्रा में केमिकल व अन्य सामग्री जब्त।

Anti-adulteration campaign in Morena: मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुरैना जिले में मिलावटी व नकली दूध बनाने का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। इस बात का पर्दाफाश मंगलवार को हुई कार्रवाई में एक बार फिर हुआ, जब जौरा तहसील के नंद गांगोली गांव में खतरनाक केमिकल, डिटर्जेंट व अन्य सामग्रियों सेे नकली दूध बनते हुए पकड़ा। प्रशासन की टीम ने डेयरी को सील कर संचालक पर एफआइआर दर्ज करवाई है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम धर्मेन्द्र कुमार जैन, अनिल प्रताप परिहार, किरन सेंगर की टीम ने मंगलवार की सुबह पौने 10 बजे के करीब बागचीनी थाना क्षेत्र के नंद गांगोली गांव के बाहर चल रही मोहन पुत्र मुन्नाालाल शर्मा की दूध डेयरी पर छापामार कार्रवाई करने पहुंची। दरअसल इस डेयरी से मिलावटी दूध बनाकर शहर में खपाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। टीम कोे मौके से पांच ड्रमों में भरा 600 लीटर से ज्यादा बना हुआ दूध मिला। इसके अलावा 35 किलो आरएम केमिकल, 4 बोरों में 100 किलो माल्टो डेक्सट्रिन पाउडर, तीन टीन में 45 लीटर रिफाइंड ऑयल, पांच किलो डिटर्जेंट पावडर और 12 लीटर हाइड्रोजन पर ऑक्साइड केमिकल मिला है। एक ड्रम में नकली दूध बनाने का गाढ़ा घोल और रिफाइंड ऑयल के दर्जनों खाली टीन मिले हैं। पुलिस व खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने यहां मिले नकली दूध को नष्ट करने के बाद अन्य सामग्री के सैंपल लिए। इसके बाद प्रशासन की टीम ने डेयरी को सील कर दिया है। सैंपल लेने के बाद फूड सेफ्टी ऑफिसर किरन संेगर की शिकायत पर बागचीनी थाने में 25 वर्षीय डेयरी संचालक मोहनलाल शर्मा के खिलाफ खिलाफ धारा 420, 272 व 273 के तहत एफआइआर दर्ज कराई गई है।

हर रोज एक हजार लीटर से ज्यादा नकली दूध बनाकर बेचता था:

बताया गया है कि मिलावटखोर मोहन शर्मा करीब चार साल से मिलावटी दूध के कारोबार में लिप्त है। उसने डेयरी का लाइसेंस तक नहीं लिया। पहले खुद के घर में मिलावट का कारोबार किया, उसके बाद पकड़े जाने की डर लगने लगा तो गांव के बाहर एक मकान किराए से लिया, जिसमें तीन साल से ज्यादा समय से नकली व मिलावटी दूध बनाने का काम कर रहा था। खाद्य सुरघा अधिकारियों के अनुसार मोहन शर्मा खतरनाक केमिकलों से हर रोज 1000 से 1200 लीटर नकली दूध बनाता था, जिसे मुरैना के अलावा राजस्थान के धौलपुर के चिलर प्लांटों पर खपाता था।

उधर मिलावटखोर डेयरी संचालक को एक साल की सजा:

उधर जौरा न्यायालय ने मिलावटखोरी को बढ़ाने के आरोप सिद्ध होने पर एक डेयरी संचालक को एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामले में शासन की ओर से पैरवी करने वाले, जौरा के एडीपीओ लोकेन्द्र शर्मा ने बताया कि 11 अगस्त 2009 को खाद्य निरीक्षक ने जौरा के धमकन रोड स्थित बंटी जादौन की डेयरी पर छापामार कार्रवाई की थी। इस डेयरी पर दूध नहीं मिला, लेकिन एक ड्रम में लिक्विड ग्लूकोज भरा हुआ था। आरोपी डेयरी संचालक इस लिक्विड ग्लूकोज को नकली व मिलावटी दूध बनाने वालों को बेचता था। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच में पाया कि बंटी जादौन के पास डेयरी का लाइसेंस तक नहीं था। इन आरोपों के सिद्ध होने व मिलावट को बढ़ावा देने का दोषी पाते हुए कोर्ट ने डेयरी संचालक बंटी जादौन को एक साल के कारावास व एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

Posted By: vikash.pandey

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