भिंड(नईदुनिया प्रतिनिधि) पेट्रोल-डीजल के दाम गिरने बाद भी लोगों को महंगाई से राहत नहीं मिल पा रही है। तेल महंगा होने के कारण टैक्सी, बस, आटो, लोडिंग वाहन के किराए में वृद्धि की गई थी। लेकिन अब पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने के बाद भी किराए को कम करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ऐसे में आमजन को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है।

बता दें कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें नवंबर 2021 से लेकर 21 मार्च 2022 तक स्थिर रहीं। उस समय सात सीटर अर्टिका का किराया 10 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से चल रहा था। लेकिन यूपी का चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि होना शुरू हो गई। वर्तमान में अर्टिका का किराया 12 से 13 रुपये वसूल किया जा रहा है। जबकि वर्तमान में पेट्रोल की कीमत 109.16 और डीजल की 94.37 रुपये लीटर है। एक सप्ताह पहले पेट्रोल के दाम 118.65 और डीजल 101.63 रुपये थे। पिछले दिनों के अपेक्षा जहां पेट्रोल के दाम 9.49 रुपये और डीजल के 7.26 रुपये घटे हैं। ऐसे में ईंधन के दाम कम होने के बावजूद भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।

आटो से लेकर लोडिंग वाहन का किराया बढ़ाः

बता दें कि डीजल के दाम बढ़ने की वजह से लोडिंग वाहन और आटो चालकों ने किराया बढ़ा दिया था। 21 मार्च 2022 तक 11 किमी तक सामान ले जाने के बदले में लोडिंग वाहन चालक 600 रुपये मांगते थे। वहीं वर्तमान में 700 रुपये मांग रहे हैं। वहीं पांच किमी दूर पर छोड़ने के बदले में प्रति व्यक्ति कि हिसाब से पहले आटो का 10 रुपये किराया था। वहीं अब 15 से 20 रुपये वसूल कर रहे हैं। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर सबसे ज्यादा आटो ही दौड़ लगा रहे हैं। ऐसे ग्रामीणों को बढ़े हुए ईंधन के नाम पर मनमाना किराया देना पड़ रहा है।

सामान लाना ले जाना हुआ महंगाः

एक स्थान से दूसरे स्थान पर सामान लाना व ले जाना भी महंगा हो गया है। ऐसे समझें बिल्डिंग निर्माण कार्य के दौरान रेत, गिट्टी, सरिया, सीमेंट सहित अन्य सामग्रियों के दाम वैसे ही बढ़ गए हैं। उस पर भी इन्हें मंगाने पर ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक, लोडिंग चालक तेज के दाम बढ़े होने के चलते 100 से 150 रुपये अतिरिक्त वसूल कर रहे हैं। जिसका बोझ लोगों की जेब पर पड़ रहा है।

एक साल पहले बढ़ा था बसों का किरायाः

पहले अब

भिंड से ग्वालियर 70 100

भिंड से मुरैना 100 130

भिंड से दिल्ली 300 400

भिंड से अहमदाबाद 550 800

भिंड से इटावा 40 400

-दो साल पहले ट्रैक्टर से प्रति घंटे के हिसाब से खेत की जुताई या उसे ठीक कराने पर 400 रुपये लगते थे। लेकिन डीजल बढ़ने की वजह से अब ट्रैक्टर चालक प्रति घंटा 600 रुपये वसूल कर रहे हैं। साथ ही मंडी तक फसल लेकर आने का भाड़ा भी बढ़ गया है।

पप्पू पुरवंशी, किसान ग्राम परा

-डीजल के दाम तो कम हुए हैं, लेकिन बस चालक किराया बढ़ा हुआ ही वसूल कर रहे हैं। डीजल के दाम कम होने के साथ-साथ बसों का किराया भी कम होना चाहिए।

अनिल कुमार मिश्रा, यात्री

-जब डीजल 85 रुपये था, तब बसों का किराया बढ़ाया गया था। आज भी डीजल 94 रुपये के करीब है। जब अचानक से डीजल के दाम बढ़ते हैं। उस वक्त किराया तो बढ़ता नहीं है। बसों का किराया बढ़ाना मजबूरी है। क्योंकि आए दिन डीजल के दाम बढ़ने से खर्च निकालना मुश्किल हो जाता है।

मुन्नाू कुशवाह, बस यूनियन अध्यक्ष।

Posted By: Nai Dunia News Network

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