बानमोर-पोरसा(नप्र)। बानमोर व पोरसा की आबादी भले ही 60 हजार हो चुकी है, लेकिन यहां यात्री सुविधाओं के लिए अभी तक एक बस स्टैंड का निर्माण नहीं कराया जा सका है। जिसकी वजह से बसों को मुख्य सड़कों पर ही रोकना पड़ता है। पोरसा और बानमोर दोनों ही कस्बों के बीचों बीच से नेशनल हाइवे गुजरा है। जहां दिनभर इन बसों का जमाबड़ा लगा रहता है। लेकिन अभी तक किसी भी नगर परिषद ने यहां बस स्टैंड निर्माण की पहल नहीं की है जिसकी वजह से यात्रियों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है। खासतौर पर बरसात और गर्मी के मौसम में। जहां यात्री खुले में खड़ा रहने को मजबूर होते हैं या फिर किसी दुकान की शरण लेनी पड़ती है।

उल्लेखनीय है कि बानमोर कस्बे में अभी तक कोई बस स्टैंड निर्माण नहीं कराया गया है। जबकि यह तहसील स्तरीय मुख्यालय है वहीं मुरैना और ग्वालियर के बीच नेशनल हाइवे पर बसा हुआ हैं जहां न सिर्फ मुरैना और ग्वालियर के बीच चलने वाली बसें बल्कि आगरा दिल्ली से आने वाली बसों का भी परिचालन होता है। लेकिन यहां बसों को हाइवे पर ही रोकना पड़ता है। दूसरी वजह यह है कि यात्रियों को भी नहीं पता होता कि बस कहां रुकेगी। जिसकी वजह से जहां भी बस दिखाई देती है वहीं हाथ देकर इन बसों को रुकवा लिया जाता है। जिसकी वजह से यहां हाइवे पर आवागमन भी प्रभावित होता है। इस रूट पर लगभग 50 से अधिक बसों का हर दिन संचालन होता है। इसके बावजूद यहां अभी तक बस स्टैंड का निर्माण नहीं कराया गया। यही हालत पोरसा ब्लाक में भी है। यहां भी अभी तक एक बस स्टैंड का निर्माण नहीं कराया गया है। जिसकी वजह से हाइवे पर बने चौराहों पर ही बसों को रोकना पड़ता है। यहीं से यात्री बैठकर अपना सफर करते है। मुरैना से पोरसा के बीच ही 50 से अधिक बसों का हर दिन परिचालन होता है। इसकी वजह है कि यहां बस के अलावा अन्य कोई साधन आवागमन के लिए नहीं है। लोग अपने निजी वाहनों से या फिर बसों से ही यात्रा करते है। लेकिन इसके बावजूद यहां बस स्टैंड का निर्माण नहीं कराया जा सका है।

पोरसा में मप्र परिवहन निगम का बस स्टैंड बिकाः

पोरसा कस्बे में अभी तक मप्र परिवहन निगम के बस स्टैंड से काम चलाया जाता है। लेकिन लगभग एक साल पहले यह बस स्टैंड निगम ने बेच दिया। जिसके बाद इस बस स्टैंड को संबंधित एजेंसी ने डिसमेंटल कर दिया। इसके बाद से यहां बसों के रूकने का स्थान नहीं बचा है। जिसको लेकर लोग लगातार बस स्टैंड निर्माण की मांग उठाते रहते हैं उधर पाोरसा में बस स्टैंड तो कभी नहीं बनाया जा सका। लेकिन बस स्टाप जरूर बनाया गया। लेकिन इस बस स्टाप पर भी अतिक्रमण कर लिया। जिससे यह दिखाई तक नहीं देता है और ही यहां यात्रियों के बैठने के लिए जगह बचती है। जिसकी वजह से लोगों को मुख्य हाइवे पर ही खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है।

जगह का अभाव होना बताई जाती है निर्माण न होने की वजहः

यहां पोरसा व बानमोर में दोनों ही जगह बस स्टैंड नहीं है। जिनके निर्माण की आए दिन मांग उठाई जाती है। लेकिन यहां ऐसी कोई भी सरकारी जगह उपलब्ध न होने की हर बार वजह बता दी जाती है। जिससे यहां बस स्टैंड निर्माण नहीं हो रहा है। पोरसा में इसके लिए जगह देखने के लिए बात कही जाती रही है। लेकिन अभी तक राजस्व विभाग के साथ बैठकर जगह तलाशने का काम नहीं किया गया है। इसी तरह बानमोर में भी हाइवे किनारे कहीं भी सरकारी जगह न होने की समस्या सामने आ जाती है।

कथन

-सरकारी जमीन मिलने पर बस स्टैंड का निर्माण कराया जाएगा। यहां जगह की समस्या है। इसलिए बस परेशानी ज्यादा है।

सियाशरण यादव, सीएमओ बानमोर।

Posted By: Nai Dunia News Network

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