मुरैना। देश भर में बैंक लोन के नाम पर हुए फ्रॉड के मामले में सीबीआई की टीम ने मंगलवार को जिले में कांग्रेस विधायक रघुराज सिंह कंषाना सहित पांच वेयरहाउस संचालकों के ठिकानों पर छापा मारा। मामला 372 किसानों के नाम पर बैंकों से 186.81 करोड़ के लोन से जुड़ा बताया गया है।

सीबीआई की टीम मंगलवार सुबह मुरैना विधायक रघुराज सिंह कंषाना और उनके भतीजे कुशल उर्फ हनी कंषाना के वेयरहाउस पर भी पहुंची। बताया जाता है वेयरहाउस संचालकों ने अपने यहां रखे अनाज पर यूको बैंक से लोन लिया था। ये सभी मामले 2011 से लेकर 2017 तक के हैं।

इस दौरान लोन के नाम पर बैंक से 186 करोड़ 81 लाख का फ्रॉड की शिकायत पर सीबीआई जांच कर रही है। यह फ्रॉड करीब 372 खातों पर हुआ। इन मामलों में मुरैना के पांच वेयरहाउस संचालक के नाम भी बताए गए हैं। इन सभी पर बुधवार सुबह ही सीबीआई के अफसर 13 टीमों में बंटकर मुरैना पहुंचे। टीम ने यूको बैंक के अफसरों से भी पूछताछ की।

किसानों के घर पहुंचने लगे बैंक के नोटिस तब खुला मामला

सीबीआई की टीम ने बुधवार को जिन वेयरहाउस संचालकों के यहां छापे की कार्रवाई की। उन्हांेने अपने अपने वेयरहाउस में रखे अनाज की किसानों की जानकारी के बिना फर्जी रसीद बनाई और उन पर यूको बैंक से लोन ले लिया। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब किसानों के यहां पर बैंक से लोन वसूली के लिए नोटिस पहुंचने लगे। इस फ्राड में वेयरहाउस संचालकों के साथ बैंक के तात्कालीन अफसर भी शामिल थे।

मामले का खुलासा होने के बाद उनका स्थानांतरण दूसरी जगह कर दिया गया। उधर जब मामला प्रकाश में आया तो कुछ वेयरहाउस संचालकों ने लोन की राश् को जमा भी कराया और बैंक से सेटलमेंट कर लोन को किश्तों में चुका रहे हैं। जिससे उन पर कार्रवाई न हो। लेकिन अब मामला सीबीआई के पास पहुंच गया है।

यहां हुई कार्रवाई

शहर में सीबीआई की टीम ने बुधवार को शांति वेयरहाउस पर उसके संचालक के घर पर, श्रीराम वेयरहाउसस जरेरुआ व उसके संचालक के घर पर, पीएस कंषाना वेयरहाउस व उनके संचालक, देवराम वेयरहाउस व उनके संचालक के घर अंबाह में सहित सुंदरपुर रोड के शर्मा वेयरहाउस व संचालक के घर पर कार्रवाई शुरू की। सीबीआई की टीम मुरैना विधायक रघुराज कंषाना के घर पर भी पहुंची। क्योंकि विधायक के भतीजे कुशल उर्फ हनी पुत्र संजीव कंषाना के नाम से भी पीएस कंषाना वेयरहाउस भी मामले में शामिल है।

वेयरहाउस की रसीद पर मिला था लोन

वेयरहाउसों में रखे जाने वाले अनाज या अन्य सामग्री की रसीद वेयरहाउस संचालक देते हैं। इस रसीद पर बैंक संबंधित व्यक्ति को लोन दे देते हैं। यदि संबंधित व्यक्ति लोन नहीं चुकाता है तो बैंक वेयरहाउस में रखी हुई सामग्री को राजसात कर लेती है। इस नियम का फायदा स्थानीय वेयरहाउस संचालकों ने उठाया। उन्होंने अपने वेयरहाउस में सामग्री रखने के नाम पर किसानों के नाम से रसीद बनाईं। इन रसीदों से उन्होंने यूको बैंक से लोन ले लिया। यह लोन बैंक के तात्कालीन अफसरों की सांठगांठ से लिया गया।

क्या कहते हैं विधायक

वेयरहाउस उनके भतीजे का है। जिस पर लोन लिया गया था। लोन की किस्त लगातार चुकाई जा रही हैं। लोन लेना नियम में हैं। अगली किस्त जनवरी माह में जमा होनी थी। लेकिन उससे पहले ही सीबीआई ने कार्रवाई की। सीबीआई की टीम केवल बैंक अफसरों से संबंधित दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ की।

रघुराज कंषाना, विधायक मुरैना

Posted By: Hemant Upadhyay