मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)।सिविल लाइन थाने में पदस्थ दो आरक्षकों ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर नशे की हालत में होटल में तोड़फोड़ कर डाली। होटल संचालक की शिकायत पर एसपी आशुतोष बागरी ने छुट्टी के दिन रविवार को आदेश जारी कर दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया। इन आरक्षकों में से एक एसपी बागरी की स्पेशल टीम का सदस्य है, जो पहले चोरी की महंगी बाइकों को बिना की कार्रवाई के सप्ताहभर थाने में रखने व वाहन चोरों को छोड़ने के मामले में भी सुर्खियों में आ चुका है।

घटनाक्रम शनिवार देर रात 12 बजे का है, जब सिविल लाइन थाने के आरक्षक सतेंद्र गुर्जर व कुलदीप गुर्जर अपने एक दोस्त के जन्मदिन की पार्टी मनाने के लिए हाइवे स्थित राज पैलेस होटल में पहुंचे थे। आरक्षकों के साथ पांच-सात युवक थे, जो नशे की हालत में थे। होटल के रेस्टोरेंट में खाना खाते समय किसी बात पर आरक्षक सतेंद्र व कुलदीप एक वेटर पर भड़क गए और गालीगलौज करने लगे। इस पर आपत्ति जताते हुए होटल कर्मचारियों ने खाना परोसने से इंकार कर दिया, इसके बाद नशे में धुत आरक्षकों व उनके साथियों ने ऐसा हंगामा बरपाया कि होटल के कप, प्लेट की तोड़फोड़ कर दी। एक कर्मचारी की मारपीट कर दी और धमकियां देकर वहां से निकल गए। इसके बाद होटल प्रबंधन ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाना प्रभारी से की। मामला एसपी तक पहुंचा और प्राथमिक जांच में आरक्षकों को दोषी पाया गया। इसके बाद रविवार की सुबह 11 बजे दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच करने का आदेश जारी किया।

न मेडिकल कराया, नहीं एफआइआर कीःअगर कोई साधारण नागरिक नशे की हालत में किसी प्रतिष्ठान में तोड़फोड़ कर दे, कर्मचारियों के साथ मारपीट कर धमकी दे तो उसके खिलाफ कई धाराओं में एफआइआर दर्ज हो जाती है, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ। सीएसपी अतुल सिंह लाइन अटैच की प्रक्रिया को सजा बताते हुए कह रहे हैं कि सबके लिए सजा का तरीका अलग होता है। किसी पुलिसकर्मी को पद से हटाकर लाइन अटैच करना सजा की श्रेणी में ही आता है। वहीं एसएसपी डा. रायसिंह नरवरिया का तर्क है कि अगर होटल प्रबंधन कोई शिकायत करता है, तो इस मामले में आरक्षकों पर एफआइआर भी दर्ज की जाएगी। इन सभी तर्कों के बीच हकीकत यह है, कि होटल प्रबंधन ने रात में ही थाना प्रभारी को शिकायत की। उसी की शिकायत पर तो आरक्षकों को लाइन अटैच किया गया है, फिर एफआइआर के लिए उस शिकायत को क्यों झुठलाया जा रहा है।

महकमे में एक चर्चा यह भी...

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस महकमे में ही चर्चा है, कि दोनों आरक्षक अपने साथ एक महिला को भी लेकर गए थे और होटल में कुछ देर के लिए कमरा लेने की बात पर यह विवाद हुआ है, लेकिन इस बात पर होटल प्रबंधन और पुलिस अफसर दोनों ही चुप्पी साधे हुए हैं। जब होटल संचालक से रात के सीसीटीवी फुटेज दिखाने को कहा तो वह राजी नहीं हुए और कहा कि इस मामले को तूल नहीं देना चाहते। इससे पुलिस महकमे में चल रही चर्चाओं को पूरी तरह झुठलाया भी नहीं जा सकता।

वर्जन

- दोनों आरक्षक एक दोस्त के जन्मदिन की पार्टी मनाने के लिए होटल में आए और कर्मचारियों से अभद्रता की। होटल में गिलास, प्लेट आदि सामान की तोड़फोड़ कीं। मैंने रात में इसकी शिकायत थाना प्रभारी से की थी। विभाग जो कार्रवाई करे वो करें, मैं इस मामले को तूल नहीं देना चाहता।

रामलखन डण्डोतिया

होटल संचालक

- होटल संचालक ने रात में शिकायत की थी कि दोनों आरक्षकों ने नशे की हालत में होटल में हंगामा किया, शीशे, कप, प्लेट, गिलास तोड़ दिया, कर्मचारियों से हाथापाई की। यह बात तत्काल मैंने वरिष्ठ अफसरों को बता दी। आरक्षकों के साथ महिला होने की बात सुनी तो है, लेकिन इसके बारे में आप होटल संचालक से पूछिए, वहां सीसीटीवी कैमरों में पता चल जाएगा कि इनके साथ कौन-कौन थे। दोनों आरक्षकों को इसी मामले में लाइन अटैच किया गया है।

प्रवीण चौहान

टीआइ, सिविल लाइन

Posted By: Nai Dunia News Network

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