मुरैना। सोशल मीडिया के नगरनिगम पार्षद ग्रुप पर ननि के कार्यपालन यंत्री केके शर्मा ने अपने निरीक्षण प्रतिवेदन के पालन के लिए जो पोस्ट लिखी वह चर्चा में आ गई। उन्होंने पोस्ट में कहा कि आप भी निगमायुक्त की तरह कुंभकर्णी नींद में नहीं रहोगे। यह पोस्ट खासी चर्चा में आ गई। साथ ही नगरनिगम में अफसरों के साथ चल रही खींचतान भी खुलकर सामने आ गई।

उल्लेखनीय है कि कार्यपालन यंत्री केके शर्मा ने 22 व 23 जून को शहर के विभिन्न जगहों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नाला नंबर 2 के ड्रेनेज, नाला नंबर 3 का भूमिगत ड्रेनेज, बड़ोखर का नाला, एसएस रोड पर बैरियर चौराहे से मुरैना गांव के नाले आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया कि नाला नंबर एक पर काम चलने व सफाई न होने की वजह से बस्तियों में जलभराव की समस्या हो रही है। साथ ही नाला नंबर दो, तीन व जौरा रोड के नाले की सफाई न होने से जलभराव की स्थिति बन रही है। जबकि इन सभी जगहों की सफाई पहले हो जानी चाहिए थी। इससे बारिश में इन जगहों पर लोगों को जलभराव आदि की समस्या से परेशानी नहीं होती। ऐसा नहीं हुआ है। यह प्रतिवेदन कार्यपालन यंत्री ने मेयर व निगम आयुक्त को दिया है।

इस तरह आया मामला सामने

कार्यपालन यंत्री केके शर्मा ने अपने निरीक्षण प्रतिवेदन को नगरनिगम पार्षद ग्रुप में शेयर किया। इसके बाद उन्होंने नगरनिगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जगदीश टैगोर को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन पर आब सौ काम छोड़कर ध्यान देंगे और अमल करेंगे और करवाएंगे। इससे संस्था और शहर के लोगों पर मेहरबानी होगी। इसलिए आशा करती हूं कि निगमायुक्त की भांति कुंभर्णी निद्रा में नहीं रहेंगे। क्योंकि आपको इस शहर से और शहरवासियों से दिल से लगाव होना चाहिए। आपके द्वारा बारिश से पहले नाले व नालियों की सफाई न कराना गंभीर लापरवाही है।

इसलिए हुआ इस बार

पहले नगरपालिका और अब नगरनिगम के कार्यकाल में पहली बार ऐसा हुआ है जब नगरनिगम की ओर से शहर से बारिश से पहले सफाई नहीं कराई गई है। जबकि हर साल बारिश से पहले नगरनिगम शहर के नालों की सफाई कराई जात थी। इस बार सफाई न होने से इस बार शहर में जलभराव की स्थिति बन रही है। हालांकि अभी बारिश नहीं हुई है। लेकिन आगामी दिनों में बारिश होगी तो शहर में मुश्किल हो जाएगी।

अब सभी बात इस पोस्ट पर नहीं दे रहे जवाब

इस संबंध में जब कार्यपालन यंत्री से बात की गई तो वे इस मुद्दे को टाल गए। साथ ही निगमायुक्त ने फोन रिसीव नहीं किया। डॉ. जगदीश टैगोर से बात की गई लेकिन वे भी इस बात पर चुप्पी साध गए।

Posted By: Nai Dunia News Network