मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)।पहाड़गढ़, कैलारस, सबलगढ़ और जौरा क्षेत्र की आदिवासी महिलाएं इन दिनों अवैध शराब के खिलाफ मुहिम चला रही हैं। पंचायत चुनावों में शराब के बदले वोट की प्रथा के खिलाफ आदिवासी महिलाएं उठ खड़ी हुई हैं। बुधवार को इसे लेकर दर्जनों गांव की आदिवासी महिलाओं की बैठक हुई, जिसमें संकल्प लिया कि चुनाव में जहां भी शराब बंटती मिलेगी या फिर अवैध शराब आएगी, उसे तत्काल पुलिस से पकड़वाया जाएगा। जो वोट के बदले शराब बांटेगा उसका सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा।

एकता परिषद द्वारा चलाए जा रहे जनजागृति अभियान के तहत आदिवासी महिलाएं चुनाव में बंटने वाली शराब की खिलाफत कर रही हैं। इस लेकर बुधवार को पहाड़गढ़ ब्लाक के कन्हार गांव में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में धोविनी, कन्हार, काला खेत, कुंदनपुरा, बहरायी, धोंधा, गहतोली, मराह, मानपुर आदि गांव की महिला एवं पुरुष मुखिया शामिल हुए। बैठक में तय हुआ कि पंचायत चुनाव में या अन्य चुनाव में शराब जैसी बुरी लत से हमारे आने वाली नस्लें नशे की आदी होती जा रही हैं। इस बुराई से छुटकारा पाना है तो महिलाओं को आगे आकर अपने अपने गांव की इस बुराई से रक्षा करनी होगी। पंचायत चुनाव में जो भी शराब बांटकर वोट मांगने आए उसकी तत्काल सूचना थाने में देंगे और ऐसे प्रत्याशी को गांव में पैर तक नहीं रखने देंगे। आदिवासी मुखियाओं ने कहा पहाड़गढ की आदिवासी बस्ती से लेकर धोविनी तक के आदिवासी गांवों में पीने के पानी का संकट है। जो प्रत्याशी हमें पीने का पानी देगा उसे वोट देंगे, शराब देकर वोट मांगने वाले का बहिस्कार किया जाएगा। बैठक में पांच से सात-सात महिलाओं के ग्रुप बनाए गए, जिनके साथ दो से तीन पुरुष सदस्य अलग से रहेंगे। यह टीम गांव-गांव में जाकर शराब के खिलाफ लोगों को जागरूक करेगी और जो सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की बात करेगा, विकास की बात करेगा उसे वोट देंगे।

अभी भी पत्तों से बनी झोपड़ी में रह रहे आदिवासीः

बैठक में एकता परिषद के जिला संयोजक उदयभान सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी स्कीम का सही लाभ अब तक आदिवासी परिवारों को नहीं मिल पा रहा। धोविनी गांव में अधिकतर आदिवासी परिवार आज भी पत्तों से बनी झोंपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत ने इस आदिवासी बस्ती में आज तक पीने के पानी के किसी स्त्रोत का इंतजाम नहीं किया। ऐसे में आदिवासी परिवार एक किलोमीटर दूर से पीने का पानी ला रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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