मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती बढ़ती जा रही है। बिना किसी सूचना और मेंटेनेंस के जिला मुख्यालय पर ही बार-बार बिजली गुल हो रही है, ग्रामीण इलाकों के हालात तो बद से बदतर होते जा रहे हैं। आम ही जनता ही नहीं सरकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी ऐसे बेहाल हैं कि अपने दफ्तरों में नहीं बैठ पा रहे।

गर्मी के साथ बिजली की खपत बढ़ती जा रही है। मुरैना जिले में हर रोज 250 मेगावाट बिजली की जरूरत है, लेकिन मिल पा रही है 210 से 220 मेगावाट बिजली। इस कारण जिले के किसी न किसी फीडर को बंद रखना पड़ रहा है, यही कारण है कि जिला मुख्यालय पर ही हर रोज पांच से सात घंटे बिजली कटौती हो रही है। शुक्रवार की सुबह 5 से 7 बजे तक आधे शहर की बिजली गुल रही। इसके बाद कभी 15 तो कभी 25 मिनट के लिए सुबह से शाम तक 5 बार बिजली कटौती हुई। बिजली के झटकों के कारण सरकारी विभागों में लगे एसी भी काम नहीं कर पा रहे, नतीजा दोपहर के समय अफसर अपने चेंबरों में नहीं बैठ रहे। पुलिस थानों में एफआइआर, सीसीटीएनएस पर आनलाइन दर्ज होती है। कोतवाली के एचसीएम सुरेश कुमार ने बताया, कि बिजली कटौती के कारण सीसीटीएनएस ठप हो रहा है और एफआइआर के लिए फरियादियों को थाने में चार-चार घंटे बैठना पड़ रहा है। बिजली कटौती से बिजली कंपनी के अफसर भी ऐसे बेहाल हैं, कि सिटी आफिस में एई दो दिन से नहीं बैठ रहे। पीएचई आफिस के एसी बिजली के झटकों के कारण ही काम नहीं कर रहे, इसलिए अधिकारी-कर्मचारी दोपहर में अपने घर चले जाते हैं।

गांवों में पांच से सात घण्टे की बिजली कटौतीः

मुरैना शहर में ऐसी कोई जगह नहीं जहां दिन में पांच से सात बार बिजली गुल नहीं हो रही है, रात में हो रही डेढ़ से दो घंटे की बिजली कटौती अलग है। ग्रामीण व कस्बाई इलाकों में तो हाल और भी बुरे हैं। जिला मुख्यालय से चंद किलोमीटर दूर मुंगावली गांव में गुरुवार को सुबह 10 बजे से बिजली गुल हुई जो शाम 7 बजे बहाल हुई, इसके बाद रात 2 से 4 बजे तक कटौती हुई। सिहोनिया और आसपास के गांवों में भी बीते 10 दिन से 24 घंटे में से 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही। यह तो उदाहरण हैं, बिजली कटौती की यही हालत पोरसा, अंबाह, बानमोर, जौरा, कैलारस, सबलगढ़ के ग्रामीण इलाकों में हैं।

तापमान 46 डिग्री पर पहुंचा, धूप-लपटों ने किया बेहालः

गर्मी लगातार रौद्र रूप में आ रही है। नौपता 12 दिन बाद शुरू होंगे, लेकिन इससे पहले ही नौतपा जैसी झुलसाने वाली गर्मी जनजीवन को बेहाल करने लगी है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 28 और अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। आसमान साफ होने के कारण सूरज सुबह से ही तमतमाया हुआ था। सुबह 11 बजे तो हवा, लू में बदल गई। आग सी बरस रही धूप और लपट की जुगलबंदी के कारण दोपहर में घर से बाहर निकलना दूभर हो गया। सड़कों से लेकर बाजारों में बेहद जरूरी काम से निकले गिने-चुने लोग दिख रहे, जो सिर नाक-कानों और सिर को साफी से ढंके हुए दिखे। मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिन तापमान और बढ़ेगा।

इसलिए तापमान से ज्यादा महसूस हो रही गर्मीः

गर्मी के तल्ख तेवरों को देख लोगों को झुलसाने वाली गर्मी कुछ ज्यादा ही महसूस हो रही है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान औसत के बराबर ही है। न तो लपटों का प्रकोप बढ़ा है, नहीं अधिकतम तापमान, फिर भी दिन में असहनीय गर्मी बढ़ने के पीछे रात के तापमान में बढ़ोतरी है। मुरैना मौसम विभाग के वैज्ञानिक डा. हरवेंद्र सिंह ने बताया कि मई महीने के पहले पखवाड़े में अंचल का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के आसपास रहता है, लेकिन इस बार रात का पारा 28 डिग्री को पार कर गया है। रात में बढ़ी तपन के कारण दिन में गर्मी का असर बढ़ गया है।

स्वास्थ्य विभाग की एडवाजरी, दोपहर में बाहर न निकलें:

भीषण गर्मी के कारण अस्पताल में गर्मी जनित बीमारियों के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी 800-900 से बढ़कर 1500 को पार कर गई है। ऐसे हालात देख स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर में ज्यादा समय तक घर में रहने एवं अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने आम लागों को सलाह दी है कि घर से बाहर निकलते समय पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, खाली पेट घर से बाहर न जाएं, इससे लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। दिन में कम से कम 12 से 15 गिलास पानी जरूर पिएं। लू से बचाव के लिए देशी घरेलू उपाय आम का पना, नींबू का पानी एवं प्याज के रस का उपयोग करें। बाहर निकलते समय सूती कपड़े से चेहरा और सर ढक़कर रखें तथा पानी साथ में जरूर रखें। पहनने के लिए सूती कपड़ों का अधिक उपयोग करें।

वर्जन

- बिजली सप्लाई की यह हालत अकेले मुरैना में नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में हो रहे हैं। गर्मी के बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। लाइनें ओवरलोड हो रही हैं, इस कारण जबलपुर के स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर के निर्देश पर फीडर बंद किए जाते हैं, अगर ऐसा नहीं करेंगे तो पूरी सप्लाई ठप हो जाएगी। स्थानीय स्तर पर कहीं से बिजली कटौती नहीं हो रही। हां लोड के कारण लाइन फाल्ट होने अथवा मेंटेनेंस के कारण सप्लाई बंद जरूर की जाती है।

पीके शर्मा, महाप्रबंधक, बिजली कंपनी मुरैना

Posted By: Nai Dunia News Network

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