मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। भीषण गर्मी सेहत पर भारी पड़ रही है। चिलचिलाती धूप और लपटों के कारण उल्टी-दस्त और पेट दर्द के मरीज इतने बढ़ रहे हैं कि अस्पताल छोटे पड़ने लगे हैं। एक पलंग पर तीन से चार-चार मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। भर्ती वार्ड इतने ओवरलोड हैं, कि मरीजों के पलंग गैलरियों में डालने पड़े हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 35 से 40 फीसद तक पहुंच गई हैं। ऐसे में कई मरीज प्रतीक्षालय, गैलरी में जमीन पर बैठकर ड्रिप चढ़वाते हुए दिख जाएंगे।

आम दिनों में जिला अस्पताल में 500 से 600 मरीज आते हैं, लेकिन इन दिनों मरीजों की संख्या 1100 तक पहुंच गई है। इनमें से 300 से 350 मरीज ऐसे होते हैं, जो गर्मी जनित बीमारियों से पीड़ित होते हैं और इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किए जाते हैं। यानी अस्पताल में जितने मरीज भर्ती करने की क्षमता है, उतने मरीज हर रोज भर्ती हो रहे हैं। हालांकि इनमें से अधिकांश मरीज एक-दो दिन बाद भी स्वस्थ होकर घर भेज दिए जाते हैं, इसके बाद भी अस्पताल मरीजों से ओवरलोड है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बाद भी अस्पताल में 350 से ज्यादा मरीज पहुंचे, जिनमें से 240 से ज्यादा मरीज भर्ती किए गए हैं। पहले से अस्पताल के वार्ड फुल थे, ऐसे में एक पलंग पर तीन से चार-चार मरीज भर्ती किए गए। अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने से उमस-गर्मी ऐसी बढ़ी कि, मरीजों की सेहत और बिगड़ रही है। ऐसे में कई मरीजों के स्वजन घर से पंखे लेकर आए हैं।

खुद बीमार पर औरों की हालत देख पलंग छोड़ जमीन पर बैठे (फोटो :15षचअर्ष1िळ):

जिला अस्पताल के वार्डों में पलंग के लिए मरीज और नर्सिंग स्टाफ में झगड़े हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस्लामपुरा के 72 वर्षीय नसीर खान जैसे लोग भी हैं, जिनकी खुद की हालत खराब है, लेकिन दूसरे मरीजों की पीड़ा देखकर उनके लिए पलंग खाली कर दिया। नसीर खान को छाती से नीचे पूरे शरीर में दर्द की शिकायत है। दो दिन पहले वह अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन दर्द से आराम नहीं मिला। इसी दौरान रविवार को उत्तमपुरा निवासी 76 वर्षीय सरवन सिंह पहुंचे जिन्हें सांस लेने में तकलीफ थी, बैठा भी नहीं जा रहा था। कुछ देर बाद भैंसरोली गांव से मरीज जसवंत सिकरवार नाजुक हालत में पहुंचा। इन दोनो को इलाज के लिए पलंग की जरूरत थी, लेकिन पूरे अस्पताल में कहीं पलंग नहीं था। दोनों मरीजों की हालत देख बुजुर्ग नसीर खान ने अपना पलंग छोड़ दिया और खुद जमीन पर बैठ गए।

लगातार बढ़ रही भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या

दिन ओपीडी में आए मरीज भर्ती किए गए मरीज

सोमवार 1006 278

मंगलवार 1034 310

बुधवार 1109 348

गुरुवार 1067 352

शुक्रवार 1061 350

शनिवार 935 287

रविवार 355 240

नोट : आंकड़े जिला अस्पताल के ओपीडी काउंटर पर बने पर्चों के हैं।

तमतमाया सूरजः दिन का पारा 47 और रात का 31 डिग्रीः

तेज धूप और लू इस तरह झुलसा रही हैं, मानो सूरज जमीन पर ही उतर आया है। सुबह साढ़े 9 बजे ही पारा 40 डिग्री के पार हो गया जो दिन सुई की घड़ियों के साथ बढ़ता गया और दोपहर ढाई बजे अधिकतम तापमान 47 डिग्री को पार हो गया। इसी के साथ रविवार का दिन इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा, तो रात का तापमान भी थमने का नाम नहीं ले रहा। एक ही दिन में न्यूनतम तापमान दो डिग्री का उछाल लेकर 31 डिग्री पर जा पहुंचा, इस कारण शनिवार-रविवार की रात इस सीजन की सबसे गर्म रात रही। दोपहर के समय सूरज आग उगल रहा है, जिस कारण लोगों को घर से निकलना दूभर हो गया है।

वर्जन

- भीषण गर्मी और शादियों के सीजन के कारण उल्टी-दस्त और पेट दर्द जैसी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बीमारियों से बचने के लिए, इस सीजन में खानपान पर विशेष ध्यान दें। बाजार की चीजों से परहेज रखें। सूती कपड़े पहनें, दोपहर में बाहर निकलना जरूरी हो तो नाक, कानों को साफी से बांधकर निकलें।

डा. राकेश शर्मा,सीएमएचओ, मुरैना

Posted By: Nai Dunia News Network

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