हरिओम गौड़, मुरैना नईदुनिया प्रतिनिधि

मुरैना जिले में पुलों का निर्माण बाधाओं को पार कर शुरू हो जाए, यही सबसे बड़ी उपलब्धि है। अंबाह के उसैद घाट पुल के निर्माण की घोषणा 32 साल पहले तात्कालीन प्रधानमंत्री ने की थी, जिसका भूमिपूजन चार दिन पहले हुआ है। यह इकलौता पुल नहीं है। चंबल नदी पर ही कैलारस क्षेत्र में एक पुल ऐसा है जिसका निर्माण 20 साल से अधूरा पड़ा है ताे, सबलगढ़ क्षेत्र में अटार घाट पर बन रहा पुल सवा साल तक वन विभाग की एनओसी से लेट हुआ और अब मात्र तीन किसानों की जमीन अधिग्रहण न होने से अटक रहा है।

चंबल नदी के अटार-मण्डरायल घाट पर पुल निर्माण की स्वीकृति राजस्थान सरकार ने 2018 में दी थी। 121 करोड़ 97 लाख रुपये में बनने वाले इस पुल का पूरा खर्च राजस्थान सरकार उठा रही है। 1150 मीटर लंबे इस पुल में कुल 24 पिलर बनने हैं। राजस्थान ने अपनी सीमा में बनने वाले 12 पिलर छह पिलर और 615 मीटर लंबी एप्रोच रोड छह महीने पहले ही लगभग पूरी कर ली है, लेकिन मप्र में घड़ियाल सेंक्चुरी की एनआेसी नहीं मिली, इसलिए काम लगभग सवा साल बाद शुरू हुआ। घड़ियाल सेंक्चुरी की एनअोसी के लिए राजस्थान सरकार ने 13 जुलाई 2020 को मुरैना वन विभाग को 3.10 करोड़ रुपये चुकाए थे। बारिश का सीजन बीत जाने के बाद नवंबर-दिसंबर 2020 में मप्र की सीमा में काम शुरू हुआ और अब तक 5 पिलरों का निर्माण पूरा हुआ है। बाकी के 7 पिलरों में से 6 का काम चल रहा है, एक िपलर और 560 मीटर लंबी एप्रोज रोड जिस हिस्से में बननी है उसमें तीन किसानों के खेत आ रहे हैं। इन किसानों की जमीन मुरैना जिला प्रशासन को अधिग्रहण करके राजस्थान ब्रिज कॉपोरेशन को देना है, लेकिन एक साल से यह जमीन अधिग्रहित नहीं हो पा रही। इस कारण 1 पिलर का काम शुरू नहीं हो पा रहा। टेंडर की शर्त अनुसार तो यह निर्माण 23 अप्रैल 2021 को पूरा होना है। यानी निर्माण की अवधि खत्म होेने में पौने दो महीना बचा है और काम 60 फीसद से ज्यादा होना है। इस पुल के बनने से सबलगढ़ से जयपुर का फासला मात्र 225 किलोमीटर रह जाएगा, जो अभी करीब 370 किमी दूर पड़ता है। राजस्थान के करौली की दूरी सिर्फ 60 किलोमीटर रह जाएगी, जो वर्तमान में मुरैना-बाड़ी-बसेड़ी होकर 210 किलोमीटर से ज्यादा है।

सेवर घाट पुल : एनओसी के इंतजार में 20 साल से अधूरा खड़ा है पुल

मप्र सरकार और चंबल घड़ियाल की पेचिदगियों में एक पुल ऐसा उलझा कि, वह अधूरा ही रह गया और 20 साल से आधा ढांचा नदी में तना हुआ है। यह पुल है सेवरघाट का पुल। राजस्थान सरकार ने यह पुल 1988 में स्वीकृत किया और 11 करोड़ में बनने वाले इस पुल का निर्माण 1990 शुरू हुआ। 682 मीटर लंबे इस पुल में से राजस्थान ने 12 पिलर बनाकर 251 मीटर लंबा पुल अपनी सीमा में तैयार कर दिया, लेकिन चंबल घड़ियाल संेक्चुरी में मप्र की सीमा में निर्माण की एनओसी नहीं दी। नतीजा 1992 में पुल का निर्माण बंद हुआ जो अब तक शुरू नहीं हुआ। यह इस पुल के बने से मुरैना जिले के सबलगढ़, कैलारस इलाके का सीधा जुड़ाव राजस्थान के बाड़ी बसेडी व धौलपुर से हो जाएगा। वर्तमान में यहां नाव व स्टीमर से सवारियों के लिए चलती हैं, जो सुरक्षित नहीं क्योंकि, करीब 12 साल पहले सेवरघाट पर यात्रियों से भरी नाव पलटी थी, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी

उसैद घाट पुल : 32 साल पहले घोषणा, निर्माण अब श्ुरू हुआ

अंबाह क्षेत्र में उसैद-पिनाहट के पुल का भूमिपूजन 28 फरवरी को केंद्रीय मंत्री तोमर ने किया है। इस पुल के निर्माण की घोषणा 32 साल पहले अंबाह क्षेत्र में आए तात्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने की, लेकिन पीएम की घोषणा के बाद भी इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। अब क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने इस पुल के लिए 90 करोड़ रुपये का बजट पास करवाया है। सभी प्रकार की एनआेसी भी मिल चुकी हैं और ठेकेदार काम शुरू कर चुका है। इस पुल के बनने से अंबाह-पोरसा क्षेत्र की कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश इटावा, पिनाहट, राजाखेड़ा आदि शहरों से हो जाएगी।

वर्जन

- घड़ियाल सेंक्चुरी की एनओसी के कारण काम लेट शुरू हो पाया था। अभी मप्र की सीमा में कुछ भूमि किसानों की है, इसका अधिग्रहण मप्र को करना है, मुआवजा हम देने तैयार है। अगर जमीन जल्द मिल जाती है तो बारिश से पहले सभी पिलर खड़े कर देंगे और 31 दिसंबर तक पुल को तैयार कर देंगे।

चंद्रप्रकाश गुर्जर

सहायक अभियंता चंबल पुल, राजस्थान

- सेवर घाट पुल का निर्माण एनआेसी के कारण अटक गया था। इस पुल पर प्रशासन या जिम्मेदारों ने ध्यान ही नहीं दिया, जबकि यह क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी है। मैं पूरे प्रयास कर रहा हूं कि, इस साल घड़ियाल सेंक्चुरी की एनओसी मिल जाए, जिससे पुल का निर्माण पूरा करवा सकें।

सूबेदार सिंह रजौधा

विधायक, जौरा

- अटार घाट पुल सबलगढ़ से लेकर विजयपुर क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी है। वन विभाग व मुरैना जिला प्रशासन की सुस्ती के कारण यह पुल लेट हो रहा है। जमीन अधिग्रहण के लिए मैं अफसरों से बात करूंगा और जरूरी हुआ तो इस मामले को विधानसभा में उठाऊंगा।

बैजनाथ कुशवाह

विधायक सबलगढ़

- चंबल पर अटार घाट पुल का निर्माण चल रहा है। जिन तीन किसानों की भूमि अधिग्रहण होनी है उनमें से दो की फाइल बन चुकी है, एक ा किसान की सहमति लेकर जल्द भूमि अधिग्रहण कर निर्माण कर रहे विभाग को सौंप देंगे।

बक्की कार्तिकेयन

कलेक्टर, मुरैना

Posted By: Ajaykumar.rawat

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