हरिओम गौड़, मुरैना। विलुप्तप्राय इंडियन स्कीमर पक्षी का बड़ा रहवास मध्य प्रदेश से होकर गुजरने वाली चंबल नदी है। ये सुंदर पक्षी वर्ष केनौ महीने तक चंबल नदी केरेतीले टापुओं पर कलरव करते और पानी की सतह पर अठखेलियां करते नजर आ जाते हैं। जुलाई-अगस्त महीने में यहां से उड़कर ये गुजरात व आंध्र प्रदेश से लेकर पड़ोसी देश बांग्लादेश तक जा रहे हैं। घड़ियाल अभयारण्य व मुंबई की संस्था बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी ने छोटे से झंडे (फ्लैग) और नंबर वाली रिंग इन पक्षियों के एक-एक पैर में बांधकर उनके नए ठिकाने के बारे में पता लगाया है।

मार्च से मई महीने तक इन पक्षियों का प्रजनन काल होता है। जुलाई-अगस्त में इनके बच्चे उड़ान भरने लायक हो जाते हैं। इसी दौरान बारिश केकारण चंबल नदी का जलस्तर बढ़ता है, टापू डूब जाते हैं इसलिए ये यहां से उड़ जाते हैं, फिर नवंबर में लौटते हैं। तीन महीने केलिए इंडियन स्कीमर कहां जाते हैं, इसका पता लगाने की जिम्मेदारी घड़ियाल अभयारण्य प्रबंधन ने बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी को दी थी।

सैकड़ों इंडियन स्कीमर के एक पैर में सफेद रंग का छोटा सा झंडा और दूसरे पांव में नंबर लिखी रिंग पहनाई। सोसायटी पूरी दुनिया में पक्षियों केसंरक्षण का काम करती है। इसके हर देश में वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफरों से संपर्क हैं। ये पक्षियों की मौजूदगी के फोटो का आदान-प्रदान नियमित करते हैं।

इसी से पता चला कि इंडियन स्कीमर गुजरात केजामनगर, आंध्रप्रदेश के काकीनाड़ा क्षेत्र केअलावा बांग्लादेश केनिझुम द्वीप पर पहुंच गए हैं। सोसायटी की सदस्य परवीन खान के मुताबिक हमारेे पास बांग्लादेश व गुजरात केवाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों से जो फोटो आए हैं, उनमेंचंबल केउड़े इंडियन स्कीमर दिखाई दे रहे हैं। एक महीने मंे यह पक्षी चंबल नदी से आंध्र प्रदेश, गुजरात से बांग्लादेश तक पहुंचता है, वहां एक-सवा महीने रुकता है फिर वापस चंबल मंे आ जाता है।

पानी की स्वच्छता को बढ़ाने में सहायक है यह पक्षी

इंडियन स्कीमर साफ पानी के किनारे, गीली व भरपूर नमी वाली रेत केटापुओं पर वंशवृद्धि करता है। यह पक्षी उड़ते हुए पानी में तैरती मछलियों का शिकार करता है, इसीलिए इसे पनचीरा व पंछीड़ा भी कहते हैं। यह पानी की सतह पर आई मरी हुई मछलियों के अलावा ऐसी मछलियों का शिकार करता है, जो पानी में गंदगी बढ़ाती हैं।

11 साल में 224 से 550 हो गए इंडियन स्कीमर

चंबल घड़ियाल अभयारण्य के रिकार्ड के मुताबिक चंबल जिस तरह घड़ियालों के लिए जीवनदायिनी है, उसी तरह इंडियन स्कीमर केलिए भी है। वर्ष 2011 में चंबल नदी में 224 इंडियन स्कीमर गिने गए थे। इस साल हुई गणना मंे इनकी संख्या 550 तक बताई गई है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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