मुरैना (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Lockdown in Morena : चंबल नदी राजस्थान और यूपी के बीच मध्य प्रदेश की सीमा का निर्धारण करती है। मप्र के श्योपुर से भिंड तक नदी के करीब 147 घाट हैं। इनमें से ज्यादातर घाटों पर स्थानीय नाविक नावों का संचालन करते हैं। इन नावों का कोई हिसाब-किताब वन विभाग और प्रशासन के पास नहीं है। ऐसे में यह नाव अभी भी लोगों को नदी पार करा रही हैं।

यूपी सीमा में रहने वाले नाविकों की नावों में तो पुलिस ने पानी भरवा दिया है, लेकिन मध्य प्रदेश में इन नावों को नजर अंदाज कर दिया गया है। श्योपुर से भिंड जिले तक राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में चलने वाली नावों को वन विभाग ने अवैध घोषित कर रखा है।

इसके बाद भी नदी में औसतन 125 से भी ज्यादा नावें संचालित हैं। वन विभाग और प्रशासन ने तीन साल पहले इन नावों की गिनती का असफल प्रयास किया था। अभयारण्य में नाव चलाने की अनुमति नहीं है फिर भी मध्य प्रदेश, राजस्थान और यूपी के चंबल किनारे वाले गांवों में रहने वाले ग्रामीण अपनी आजीविका के लिए छोटी नावों से लेकर बड़ी नावों का संचालन भी करते हैं।

निर्देश देना भी भूले अधिकारी

इन नावों पर नियंत्रण के लिए कोई भी लिखित निर्देश भी प्रशासन और पुलिस ने जारी नहीं किया है। हालांकि थानों के बीट प्रभारियों को इन नावों के बारे में जानकारी है। उन्होंने अपने स्तर पर नाविकों को नाव न चलाने की चेतावनी दी है। लेकिन थाना नगरा, सबलगढ़, चिन्नाौनी, जौरा, दिमनी, सरायछौला, अंबाह और पोरसा सहित, नगरा व महुआ इलाकों में नावें अभी भी घाटों से लोगों को पार करा रही हैं।

यूपी ने कराया नावों का संचालन बंद

राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच नावों का संचालन जारी है, लेकिन यूपी पुलिस ने यूपी की सीमा की नावों में पानी भर दिया है। मध्य प्रदेश का जो हिस्सा राजस्थान से लगता है, वहां अभी भी चोरी छिपे नावों का संचालन हो रहा है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

जीतेगा भारत हारेगा कोरोना
जीतेगा भारत हारेगा कोरोना