मुरैना,(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में 12 से ज्यादा पुलिस चौकियां और सहायता केंद्र हैं, जिनमें से अधिकांश पर ताले डले हैं। रजौधा, मिरघान, कन्हार और झुंडपुरा पुलिस चौकी को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश पुलिस चौकी व सहायता केंद्र बंद पड़े हैं। हैरानी की बात यह है कि जहां पुलिस चौकी व सहायता केंद्र बंद पड़े हैं, उन्हीं के आसपास लूट, चोरी व चेन स्नेचिंग जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।

हाइवे पर राजस्थान बार्डर पर अल्लाबेली चौकी है, जो रेत के अवैध परिवहन के साथ-साथ हाइवे व राजस्थान बार्डर पर होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए बनाई गई। करीब डेढ़ साल से अल्लाबेली चौकी पर ताला लगा हुआ है। इस कारण बदमाश बेखौफ हैं। बीते छह महीने में हाईवे पर वाहनों की लूट से लेकर राहगीरों से नकदी, जेवर आदि लूटने की आधा दर्जन से ज्यादा बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। इसी तरह अंबाह बायपास के पुलिस सहायता केंद्र की हालत है। यह सहायता केंद्र भी सालों से बंद पड़ा है और इस दौरान अंबाह बायपास पर लूटपाट की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनका पुलिस खुलासा तक नहीं कर पा रही। छौंदा टोल नाका की चौकी, नैनागढ़ रोड कृषि उपज मंडी की चौकी, खेरा-मेवदा, बानमोर इंडस्ट्री एरिया, बांसी की पुलिया, न्यू हाउसिंग बोर्ड के पुलिस सहायता केंद्र व चौकियों की भी यही हालत हैं। जिले में रजौधा, मिरघान, निरार, झुंडपुरा पुलिस चौकियां खुली रहती हैं। पुलिस अफसर स्टाफ की कमी को पुलिस सहायता केंद्र व चौकियों के बंद होने का कारण बता रहे हैं।

चौकियां-सहायता केंद्र खुले होते तो रुक जाती यह घटनाएं: 13 सितंबर की शाम 7 बजे नूराबाद निवासी विश्वंभर सिंह नरवरिया व रवि बाथम ई-रिक्शा से मुरैना से लौटकर नूराबाद जा रहे थे। सैय्यद चौराहा, नहर के पास स्विफ्ट कार से आए चार बदमाशों ने गोली मारने की धमकी देकर विश्वंभर से 10 हजार रुपये लूटे इसके बाद कार सवार बदमाशा ई-रिक्शा की दोनों बैट्रियों को खोलकर ले गए। हाईवे पर टोल प्लाजा की चौकी बंद होने से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। इसी तरह टोल नाका पर एक सप्ताह पहले कार सवार युवकों पर हमला कर दिया। एमएस रोड पर बांसी की पुलिया की पुलिस चौकी बंद होने के कारण इस सड़क पर लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। 30 अगस्त की रात मुंगावली चौराहा निवासी अमन पुत्र राजकुमार जाटव पर कट्टा अड़ाकर अज्ञात बदमाशों ने बाइक छीन ली। 31 अगस्त को मुंगावली चौराहा निवासी राजू पुत्र रामनिवास माहौर को एमएस रोड पर बदमाशों ने घेरा और गोली मारने की धमकी देकर उससे 35 हजार रुपये व बाइक लूट ली। ऐसी ही हालत अंबाह बायपास की है, जहां बीते दिनों आगरा के सराफा कारोबारी पिता-पुत्र को घेरकर दो बाइकों पर आए चार बदमाशों ने लूटने के लिए गोलियां मार दीं। यदि अंबाह बायपास का पुलिस सहायता केंद्र नियमित खुलता तो ऐसी घटनाएं नहीं होतीं।

रात्रि गश्त सुस्त, लगातार बढ़ रही चोरियां: पुलिस के रात्रि गश्त में कई थाना प्रभारियों व पुलिस अफसरों का मन नहीं लग रहा, इसका परिणाम यह है कि चोर बेखौफ हैं। रात के समय अधिकांश सड़कें सूनी रहती हैं, जहां जब-तब ही पुलिसकर्मी गश्त करते नजर आते हैं। इसका असर यह है कि राठौर कालोनी में 8-9 सितंबर की रात मार्बल ठेकेदार मोनू राठौर के सूने घर से अज्ञात चोर 9 लाख रुपये नकदी एवं 25 ज्यादा वजन के सोने के गहने समेट ले गए। 4-5 सितंबर की रात न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी रिटायर फौजी पंकज सिंह तोमर के घर से अज्ञात चोर 315 बोर की लाइसेंसी बंदूक, 50 से ज्यादा कारतूस, डेढ़ लाख रुपये की नगदी और 27 तौला सोना के गहने चुरा ले गए। नगरा थाना क्षेत्र के इन्नाीखेड़ा गांव में 27 अगस्त की रात सोनू सिंह बघेल व शिवसिंह राठौर की दीवार को पीछे से तोड़कर 10 लाख रुपये से ज्यादा की चोरी हुई। इससे पहले अंबाह रोड पर एक ठेकेदार के तीन मंजिला घर से 20 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी व जेवर चोरी हुए थे, उस मामले में भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

वर्जन-

पुलिस चौकियां तो चालू हैं, पुलिस चौकियों के लिए पीएचक्यू से ही स्टाफ स्वीकृत होता है, लेकिन पुलिस सहायता केंद्रों के लिए बल की कमी है। रात्रि गश्त को लेकर निगरानी बढ़ाई जाएगी। जो अधिकारी-कर्मचारी रात गश्त में लापरवाही करता पाया गया उस पर सख्त कार्रवाई होगी।

डा. रायसिंह नरवरिया, एएसपी, मुरैना

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close