मुरैना, कैलारस। नेशनल हाइवे 552 पर नेपरी गांव के पास सड़क निर्माण के बाद बने दोराहा में लोग भ्रमित हो जाते थे, जिससे सबलगढ़ की ओर से आने वाले वाहन कई बार सीधे ही नेपरी गांव पहुंच जाते थे। इसकी वजह है कि इस दोराहा पर अभी तक कोई संकेतक नहीं लगाया था और न ही मुख्य सड़क को मार्क किया गया था। अब सड़क पर सफेद पट्टी डालकर मार्किंग की गई है। जिससे लोग मुख्य सड़क की पहचान कर सकते है। हालांकि महज इसी दोराहा के पास ही अभी यह मार्किंग की गई है। खासबात यह है कि इस परेशानी को देखते हुए नईदुनिया ने अपने 9 नवंबर के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद इस सड़क पर मार्क करने का काम किया गया है।

उल्लेखनीय है कि नगर की एमएस रोड को तीन साल पहले बनाया गया था। इस दौरान नेपरी गांव के पास नया ब्रिज भी बनाया गया। नए ब्रिज की ओर जाने के लिए नया रास्ता तैयार किया गया। पहले एमएस रोड नेपरी गांव के बीच से गुजरती थी, लेकिन अब नया पुल बनाने से यहां दोराहा बन गया है। वी सेप में दो रास्ते होने की वजह लोग दिशा भ्रमित हो जाते हैं। यह कैलारस से सबलगढ़ की ओर जाने पर सिंगल ही रास्ता दिखाई देता है, लेकिन सबलगढ़ से कैलारस आने पर यहां दो रास्ते दिखाई देते है। ऐसे में लोग कई बार सीधे ही सड़क पर आगे बढ़ जाते है। जो कि नेपरी गांव पर पहुंचा देता है।

गलती का पता लगने से फिर से वापस आते है। लोगों की इस परेशानी को देखते हुए नईदुनिया ने अपने 9 नवंबर के अंक में नेशनल हाइवे पर दिशा भ्रमित हो रहे लोग, कोई संकेतक नहीं शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया। इसके बाद यहां 13 नवंबर को नेशनल हाइवे अथॉरिटी ने इस जगह पर सफेद मार्किंग कर रही है। नेशनल हाइवे के मुख्य रास्ते की ओर संकेत करते हुए यह मार्क किए गए है। जिससे लोग दिशा भ्रमित न हों। हालांकि यह मार्क सिर्फ इसी जगह पर किए गए है। अन्य स्थानों पर ऐसे मार्क करने का काम नहीं किया गया है।

हाइवे पर अन्य संकेतक भी नहीं

भले ही इसे नेशनल हाइवे घोषित कर दिया गया है कि लेकिन इंतजार यहां स्टेट हाइवे वाले भी नहीं किए गए है। सड़क पर संकेतक नहीं लगाए गए है। जिससे न तो मोड का पता चलता है और न ही कौन सा रास्ता कहां जाएगा यह पता चलता है। अनजान लोग इस चक्कर में इस दौराहे पर दिशा भ्रमित होते थे। इसके साथ ही यहां हादसे की संभावना भी रहती है एक जगह पर आकर यह रास्ते मिलते है चूंकि यहां मोड भी है जिसके चलते दोनों रास्तों पर जब एक साथ वाहन आते हैं तो उनके बीच टक्कर होने की संभावना भी बनी रहती है।

राजस्थान के टोंक से लेकर उप्र के चिर गांव तक जाता है रास्ता

तीन साल पहले ही इस एमएस रोड को नेशनल हाइवे घोषित किया गया है, जो कि राजस्थान के टोंक से लेकर उत्तरप्रदेश के चिरगांव तक जाता है, सड़क पर लगाए गए मील के पत्थरों पर भी इन्हें शहरों के नाम देखे जा सकते है। लेकिन इसके आलावा अन्य संकेतक सड़क पर दिखाई नहीं देते। जिससे वाहन चालकों को कई बार खासी परेशानी उठानी पड़ती है।

Posted By: anil.tomar

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