मुरैना.नईदुनिया प्रतिनिधि। पोरसा कस्बे के अटेर रोड बाईपास के पास पर रखें सरसों की तूरी के स्टाक में सोमवार की सुबह भीषण आग लग गई स्टाक लगभग 400 से 500 फीट के एरिया में रखा हुआ है। जिस में लगी आग की वजह से इस पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था। आग की सूचना पाकर यहां पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। वहीं इस आग को बुझाने के लिए भिंड के गोरमी, पोरसा, अंबाह से फायर ब्रिगेड बुलाई गई है, लेकिन इस पहाड़नुमा स्टाक में लगी आग पर अभी तक काबू नहीं पाया जा सका है। खास बात यह है कि इस स्टाक से महज 50 फीट की दूरी पर पेट्रोल पंप मौजूद है और इतनी ही दूरी पर तेल मिल है, जिससे खतरा और भी बढ़ गया है। वही लगातार आंधी और हवा चलने से आग फैलती ही जा रही है। दमकल कर्मी इस आग को काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन ने मुरैना, नूराबाद और बानमोर से भी फायर ब्रिगेड बुलवाएं हैं।

जानकारी के मुताबिक व्यापारियों द्वारा किसानों से खरीदी गई सरसों की तूरी का अटेर रोड बाईपास पर भारी मात्रा में स्टाक कर रखा है। दरअसल यह तूरी ईट भट्टा में आग लगाने के काम में इस्तेमाल की जाती है। जिसे उत्तर प्रदेश और अन्य जगहों के लिए भेजा जाता है। जिस पर यहां लगभग 400 से 500 फीट के दायरे में इसका पहाड़नुमा स्टाक किया गया है, लेकिन सोमवार की सुबह आई तेज आंधी के बीच अचानक इस स्टाक में आग लग गई। तेजी से उठते हुए धुंए को देखकर यहां पहले पोरसा की फायर ब्रिगेड गाड़ी पहुंची। लेकिन हवा की वजह से सूखी तूरी में आग लगातार फैलती जा रही थी, जिस पर अंबाह और गोरमी की भी फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। लेकिन इस आग पर ढाई घंटे की मशक्कत के बाद भी काबू नहीं पाया जा सका है। तहसीलदार अनिल राघव पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, जिन्होंने मुरैना, नूराबाद और बानमोर से भी फायर ब्रिगेड बुलवाएं हैं। जिससे इस भीषण आग पर काबू पाया जा सके। खास बात यह है कि यह आग इसीलिए और भी खतरनाक हो गई है कि इसके 50 फीट आगे एक पेट्रोल पंप मौजूद है, उसके ठीक पीछे ही इतनी ही दूरी पर एक तेल मिल भी मौजूद है। अगर आप कहीं इन दोनों ही जगह पहुंच गई, तो बेहद ज्यादा भीषण हादसा हो सकता है। इसलिए प्रशासन की प्रयास है कि इस साल पर जल्दी से जल्दी काबू पाया जा सके, लेकिन आग सूखी तूरी में लगातार बढ़ती ही जा रही है। तहसीलदार इस मामले में तूरी का स्टाक करने वाले व्यापारी पर एफआइआर दर्ज करने की बात कह रहे थे।

Posted By: anil.tomar

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close