मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। घर का सामान लेने मुरैना शहर में आए खनैता गांव के युवक पर बोलेरो से आए 10 से ज्यादा बदमाशों ने पहले हमला किया फिर उसका अपहरण कर ले गए। घटना बुधवार रात साढ़े 7 बजे के करीब महाराजपुरा रोड पर नरुआ के पास घटी है। अपह्त युवक का पिता गुहार लेकर थाने पहुंचा, लेकिन आधा घंटे तक उसकी किसी ने नहीं सुनी। थाने के दरवाजे पर बैठकर अपहृत का पिता फूट-फूटकर रोता रहा।

खनैता गांव निवासी 24 वर्षीय सद्दाम हुसैन पुत्र ईसब खान बुधवार की शाम मुरैना शहर में घर का कुछ सामान लेने आया था। साढ़े 7 बजे के करीब वह लौटकर घर जा रहा था, तभी महाराजपुरा रोड पर नहर के नरुआ के पास लाल रंग की बोलेरो से आए 8-10 लोगों ने सद्दाम को रोका। बोलेरो से उतरे युवकों ने डंडे व हॉकी से पहले तो सद्दाम को बुरी तरह पीटा, उसके बाद बोलेरो में डालकर उसे ले गए। अपहृत हुए सद्दाम हुसैन के पिता के साथ थाने पहुंचे ग्रामीणों से एक रवि कुमार जो उस समय नरुआ के पास था, उसका कहना है कि लाल रंग की बोलेरो से बदमाश आए, जिन्होंने पहले बुरी तरह सद्दाम को पीटा फिर गाड़ी में डालकर ले गए। इस बोलेरो पर पीछे कांच पर महावीर लिखा है, अंधेरे में गाड़ी के नंबर नहीं दिखे।

पिता रोता रहा, पुलिसकर्मी बतियाते रहेः

अपहृत सद्दाम का पिता ईसब व कुछ ग्रामीण रात 8 बजे के करीब शिकायत लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचे, उस समय थाने में टीआइ विनय यादव नहीं थे। बिना टीआइ के थाने के किसी भी स्टाफ ने ईसब खान की गुहार नहीं सुनी। वह टीआइ के इंतजार में थाने के बाहर बैठकर फूटफूटकर रोते हुए बेटे को बचाने के लिए विलाप करता रहा। सूचना मिलने पर मीडियाकर्मी पहुंचे तब नजारा यह था कि एक एसआइ, एएसआइ व आधा दर्जन से ज्यादा आरक्षक थाने के बाहर बैंच पर बैठकर बतिया रहे थे, लेकिन ईसब खान की गुहार कोई नहीं सुन रहा था। जब मीडिया के कैमरे निकते तो एसआइ थाने के अंदर घुस गए और एएसआइ अपहृत के पिता को ही भला-बुरा कहने लगा कि कुछ तो किया होगा बेटे ने, वो क्यों नहीं बताते। मामला तूल पकड़ा और शिकायत टीआइ तक पहुंची तब टीआइ ने पौने 9 बजे के करीब पुलिस टीम को अपह्त की तलाश पर घटनास्थल के लिए रवाना किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local