Morena Crime News मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। साहब! मुझे और मेरे अपाहिज बेटे को मेरी पत्नी व तीन बेटों ने घर से निकाल दिया है। अब वह हमें घर में पांव तक नहीं रखने दे रहे। दूसरे गांव में तीन साल से मंदिर पर रहकर जीवन यापन कर रहे हैं। मंगलवार को हुई जनसुनवाई में कलेक्टर अंकित अस्थाना के सामने यह शिकायत सुमावली थाना क्षेत्र के राजघाट का पुरा निवासी रामअख्त्यार गिरी लेकर पहुंचे। बुजुर्ग रामअख्त्यार गिरी ने बताया कि वह बुजुर्ग होने के कारण अब कोई मजदूरी नहीं कर पाता। भगवान की पूजा-पाठ में मन लगता है। छोटा बेटा वीरेंद्र गिरी पैर से दिव्यांग है, इसलिए वह कोई मजदूरी नहीं कर पाता। बुजुर्ग के अनुसार तीन साल पहले पत्नी रेशम गिरी, बेटे जितेन्द्र, अरविंद और मंगल ने मिलकर उन्हें घर से निकाल दिया। वह घर जाते हैं तो पत्नी व बेटे मारपीट करते हैं, धमकाते हैं। जनसुनवाई में ही अंबाह की माता कालोनी निवासी 12वीं की छात्रा अंशिका माहौर अपनी गुहार लेकर पहुंची और बताया कि उसकी मां सीमाबाई की मौत के बाद पिता उसके पिता ने भी उसे छोड़ दिया है। वह 12वीं में पढ़ती है, पिता स्कूल की फीस भी जमा नहीं करा रहे। ऐसे में स्कूल प्रबंधन ने स्कूल फीस माफ करने के लिए मां की मौत का मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा है, जिसे पिता व ग्राम पंचायत का सचिव नहीं दे रहा। छात्रा की शिकायत सुनकर कलेक्टर ने जनपद अफसरों को निर्देश दिए कि आज ही छात्रा को उसकी मां की मौत का प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाए।उधर एसपी आशुतोष बागरी की जनसुनवाई में भी एक पति अपनी पत्नी की शिकायत लेकर पहुंचा, जिसमें उसने बताया कि पत्नी ने उसको घर से निकाल दिया है। गांव में संजीवनी अस्पताल की मांग लेकर पहुंचे ग्रामीण:लालौर खुर्द गांव के दो दर्जन से ज्यादा ग्रामीण जनसुनवाई में पहुंचे और बताया कि उनके गांव में लालौर खुर्द में संजीवनी क्लीनिक के लिए जगह चिन्हित हुई। निर्माण के लिए नींव भी खुदी, लेकिन अब इस अस्पताल को दूसरी जगह बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने संजीवनी क्लीनिक को लालौर खुर्द में ही बनाने की मांग की है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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