Morena Electricity News:अंबाह(नईदुनिया न्यूज)। बिजली कंपनी लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर आए दिन बिजली कटौती करती रहती है, लेकिन हकीकत में कस्बे में ही इन एचटी लाइनों को हकीकत में यह मेंटेनेंस महज दिखावा ही साबित होता है। यहां हाईटेंशन लाइनें पेड़ों के बीच से होकर गुजरीं है। बारिश या हवा चलते ही इनमें फाल्ट होते ही कस्बे की बिजली गुल हो जाती है। पेड़ों के बीच से हाईटेंशन लाइन गुजरने से यह टकरा रही हैं। इन दिनों बारिश का दौर जारी है। थोड़ी हवा चलने पर ही लाइन फॉल्ट हो रही है। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लाइन के तार टूटने के बाद कर्मचारियों द्वारा 3 से 4 घंटे तक लाइन बंद कर दी जाती हैं।

बता दें कि कस्बे में जर्जर बिजली के तारों एवं ट्रांसफार्मर की हालत अब तक नहीं सुधर पाई है। नगर में हल्की बूंदाबांदी व हवा चलते ही 2 से 3 घंटे के लिए बिजली सप्लाई को बंद कर दिया जाता है। अगर किसी ट्रांसफार्मर में फॉल्ट या बिजली की तार टूट जाए तो उसको सही करने में बिजली कंपनी के कर्मचारी 4 से 5 घंटे लगा लेते हैं। बता दें कि नगरीय व ग्रामीण अंचल में बिजली कंपनी का ढांचा जर्जर है। हल्का-फुल्का फॉल्ट भी नगर भर की लाइट को ठप्प कर देता है। कस्बे में कई जगह पर यह लाइन पेड़ों के ठीक बीच से ही होकर गुजरीं है। लेकिन इसके बावजूद इन पेड़ों की छटाई नहीं कराई जाती। जिससे यह लाइनों से टकराएं नहीं। जबकि मेंटनेंस में पेड़ों की छटाई भी होती है। जिससे लाइनें सुरक्षित बनी रहीं। लेकिन यहां ऐसा नहीं होता। जिससे आलम यह है कि कई जगह लाइनें शाखाओं के बीच ही होकर गुजरीं है। ऐसे में हवा चलते ही लाइनों में फाल्ट होते है। जिससे बिजली घंटों के लिए गुल होती है।

बारिश में बार-बार गुल होगी बिजलीः

बिजली कंपनी हर साल बारिश से पूर्व बिजली लाइनों के मेंटेनेंस का काम करती है, लेकिन इस बार कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं किया है। इसका उदाहरण है कि जिन मकानों के सामने तथा पेड़ों के सहारे बिजली लाइन डली है। वह जस की तस स्थिति में हैं। नगर में जगह-जगह जमीन से कुछ ही ऊंचाई पर केबिल झूल रही हैं। खास बात यह है कि केबिलों के ऊपर से प्लास्टिक कट गई है। जिससे इनमें करंट तक आ रहा है। उसके बावजूद भी इनको बदलवाने के प्रयास अभी तक नहीं किए गए हैं।

दिमनी में कागजों में करा दिया लाइनों का मेंटीनेंसः

बिजली कंपनी आदेशानुसार दिमनी क्षेत्र की लाइनों का मेंटेनेंस होना था। जिससे बारिश के समय लाइन फॉल्ट न हो। लेकिन बिजली कंपनी के द्वारा लाइनों का मेटेंनेंस नहीं कराया गया है। जिसकी वजह से बारिश में लाइन रात के समय फॉल्ट हो जाती है। जिससे रात भर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं लाइनों के मेटेंनेंस के लिए बिजली कंपनी के द्वारा बजट भेजा गया, और अधिकारियों ने कागजों में मेंटेनेंस कराकर बजट खपा दिया गया।

कथन

-मेंटेनेंस अक्टूबर में प्रस्तावित होता है, पेड़ पौधे अंकुरित हो जाते है। बार बार लाइनों को डिस्टर्व करते हैं।

हितेश वशिष्ठ, महाप्रबंधक, बिजली कंपनी अंबाह।

Posted By: Nai Dunia News Network

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