मुरैना। नैनागढ़ रोड से गुजरने वाले ट्रकों ने प्रेसर हॉर्न लगवा रखे हैं। दिन भर ये ट्रक प्रेसर हॉर्न बजाते हुए यहां से गुजरते हैं। हालत यह है कि इन प्रेसर हॉर्न की आवाज से परेशान लोगों को घर की खिड़कियों में ध्वनि रोधी कांच लगवाने पड़ रहे हैं। इस मामले में जब टीआई ट्रैफिक डीके शर्मा से बात की गई तो उन्होंने साफ कहा कि वे अंडर ट्रांसफर हैं और वे अपने हांथ पांव बचाकर काम करेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि अगर उनका ट्रांसफर न हुआ होता तो वे कड़ी कार्रवाई करते।

शहर की नैनागढ़ रोड पर रहने वाले लोग यहां से गुजरने वाले ट्रकों से इतने परेशान नहीं है, जितने की इन ट्रकों में लगे प्रेसर हॉर्न से हैं। ये ट्रक नैनागढ़ रोड के अलावा जीवाजी गंज के लिए भी परेशानी बन गए हैं। जीवाजी गंज में सबसे ज्यादा कोचिंग और अस्पताल हैं। ऐसे में जब भी यह ट्रक यहां से गुजरते समय प्रेसर हॉर्न बजाते हैं तो इतना कोलाहल उत्पन्न हो जाता है कि लोग फोन पर भी बात नहीं कर पाते। शहर की नैनागढ़ रोड के लोग इस समस्या से सालों से जूझ रहे हैं। यही वजह है कि प्रशासन और पुलिस की उदाशीनता के चलते खुद यहां रहने वाले लोगों ने अपने घरों में साउंड प्रूफ कांच लगाना ही अच्छा उपाय समझा है।

जनता की समस्या पर ट्रैफिक टीआई का रवैया

आम लोगों की इस समस्या को लेकर ट्रैफिक टीआई डीके शर्मा से बात की गई। श्री शर्मा ने पूरी समस्या सुनने के बाद साफ कहा कि वे बाहर हैं और अंडर ट्रांसफर हैं। इसलिए वे नैनागढ़ रोड पर चलने वाले ट्रकों के प्रेसर हॉर्न पर कार्रवाई नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि वे यह बात मुंह पर कह सकते हैं कि अंडर ट्रांसफर होने के कारण वे अपने हाथ पांव बचाकर काम करेंगे। ये बात अलग है कि उनका ट्रांसफर न हुआ होता तो वे सख्त कार्रवाई करते। श्री शर्मा के मुताबिक ऐसी परिस्थिति में उन्हें अब वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की दरकार है।

प्रेसर हॉर्न के हानिकारक खतरों से जूझ रही आबादी

डॉ. विनायक तोमर के मुताबिक प्रेसर हॉर्न प्रतिबंधित ही इसलिए किए गए थे, क्योंकि इनका पर्यावरण और लोगों पर खराब प्रभाव पड़ता है। डॉ. तोमर के मुताबिक प्रेसर हॉर्न से आसपास मौजूद लोग यहां तक कि खुद ट्रक चलाने वाले ड्रायवरों के कान में सीटी सुनाई देने और बहरे पन के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि किसी हार्ट पेसेंट के नजदीक पहुंचकर अचानक प्रेसर हॉर्न बजाया जाए तो ऐसे लोगों का हार्ट भी फेल हो जाता है। लगातार प्रेसर हॉर्न का प्रयोग होने वाले इलाकों के बच्चों के लिए यहं प्रदूषण और भी बड़ा खतरा होता है।

इसलिए भी डरती है कार्रवाई करने से पुलिस

नैनागढ़ रोड पर कृषि मंडी से मालगोदाम जाने वाले सभी ट्रक शहर के रसूख दार लोगों के यहां लगे हुए हैं। यह भी एक वजह है कि प्रशासन के सुबह 6 से रात 11 बजे तक शहर में ट्रकों की नो एंट्री के आदेश का अपवाद नैनागढ़ रोड पर चलने वाले ये ट्रक हैं। इन ट्रकों को सीमित समय के लिए आवागनम की अनुमति दी गई है। लेकिन दिन भर ट्रक नैनागढ़ रोड पर दौड़ते हैं। रसूखदारों के इन ट्रकों को पकड़ने में ट्रैफिक पुलिस बड़ा रिस्क समझती है। यही वजह है कि यहां किसी तरह की कोर्ठ कार्रवाई नहीं की जाती है।

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