मुरैना। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के तहत नैनागढ़ रोड से शनिवार सुबह स्कूल जाने के लिए निकले 10 वर्षीय बच्चे का मोहल्ले के ही तीन लोगों ने अपहरण कर लिया। अपहरण की घटना का पता तब चला जब बच्चे का पिता स्कूल में पेरेंट मीटिंग में पहुंचा और बच्चा स्कूल में नहीं मिला। इसके बाद बच्चे की तलाश शुरू हुई। करीब दो बजे पुलिस को अपहरण की सूचना मिली और सवा 4 बजे पुलिस ने बच्चे को बस स्टैंड के पास एक होटल से बरामद कर लिया। पुलिस बच्चे से पूछताछ कर रही है। हालांकि लोगों का कहना है कि बच्चा आरोपितों के साथ पहले भी घूमने जा चुका है। शनिवार को भी वह ग्वालियर तक आरोपितों के साथ वाहन से गया और वापस मुरैना आया। पुलिस ने एक नाबालिग सहित तीनों आरोपितों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया है। साथ ही तीनों आरोपितों व वारदात में उपयोग की गई स्कार्पियो को जप्त भी कर लिया है।

घटनाक्रम के मुताबिक शराब ठेकेदार राजा परमार के साले पोरसा निवासी गजेन्द्र तोमर का बेटा विष्णु उनके घर पर रहता है और पुरानी छावनी के पास माउंट लिटेरा स्कूल में पढ़ता है। शनिवार सुबह आठ बजे वह स्कूल के लिए निकला। स्कूल बस घर से 100 मीटर की दूरी पर मिलती है। शनिवार को स्कूल में पेरेंट मीटिंग थी। इसलिए पोरसा से विष्णु का पिता गजेन्द्र मीटिंग में शामिल होने स्कूल पहुंचा था। जब उसे स्कूल में विष्णु नहीं मिला तो उसने राजा परमार को फोन लगाकर पूछा कि विष्णु कहां है। तब उन्होंने कहा कि वह स्कूल गया है। जब स्कूल बस के ड्राइवर से पूछा तो उसने बताया कि विष्णु स्कूल नहीं आया है और उसके पास फोन आया था कि विष्णु स्कूल नहीं आएगा। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद राजा परमार ने पुलिस थाने में शिकायत की। पुलिस तुरंत एक्टिव हुई और बस ड्रायवर को जिस नंबर से फोन किया गया था। उसे ट्रेस किया। नंबर नैनागढ़ रोड निवासी पप्पू उर्फ जसवंत पुत्र लायक सिंह सिकरवार का निकला। पुलिस ने टीआईटी काम्प्लेक्स से जसवंत का उठा लिया। इसके बाद उसके बताने पर उसने विष्णु को बस स्टैंड के पास होटल से बरामद करा दिया। पुलिस ने जसवंत के साथी नैनागढ़ रोड निवासी भानु पुत्र जितेन्द्र सिकरवार व एक 12 साल के बच्चे को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपित फिरौती के तौर पर 20 लाख रुपए मागने वाले थे। वे बच्चे को ग्वालियर में डीडी माल व वाटर पार्क भी ले गए। लेकिन जसवंत का फोन नंबर आने पर बार बार उसके नंबर पर कॉल जा रही थी। इसलिए वे डर गए और बच्चे को लेकर मुरैना आ गए। पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ अपहरण करने का मामला दर्ज कर लिया है।

यह बात भी है चर्चा में

स्कार्पियो के ड्रायवर जसवंत व उसके परिजनों का कहना है कि बच्चा पहले भी घर से अकेले उसके साथ ग्वालियर में जा चुका है और घूम घाम कर वापस आया है। शनिवार को भी वह इसी तरह घर से आया था। उसके पास हमेशा अच्छे खासे पैसे रहते थे। लेकिन शनिवार को बच्चे का पिता स्कूल में पेरेंट मीटिंग में पहुंच गया और बच्चा स्कूल में नहीं था। चूंकि ड्रायवर ने अपने फोन से स्कूल बस के ड्राइवर को फोन कर दिया। इसलिए वह फंस गया।

कथनः

- तीनों आरोपितों ने बच्चे का अपहरण फिरौती की मंशा से किया था और वे 20 लाख की फिरौती मांगने वाले थे। लेकिन एक आरोपित का फोन नंबर पुलिस के पास आने व बार बार फोन करने से आरोपित डर गए और वे ग्वालियर में डीडी मॉल व वाटर पार्क घुमाकर बच्चे को मुरैना ले आए। पुलिस ने आरोपितों को दबोच लिया है। साथ ही अभी और पूछताछ की जा रही है।

अतुल सिंह, कोतवाली टीआई, मुरैना

फोटो 11ए। शहर कोतवाली में अपहृतों के कब्जे से मुक्त होने के बाद बैठा बच्चा।