फोटो 1ए- अवनीश गुप्ता, खाद्य एवं औषधि निरीक्षक।

-जिन अधिकारियों पर लगे हैं आरोप, उनकी विसंगति पहले भी पकड़ चुका है प्रशासन

-कैलारस व्यापार मंडल ने लगाए थे पैसे मांगने के आरोप

मुरैना। कैलारस व्यापारियों ने अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन छेड़ रखा है। खुद व्यापार मंडल कैलारस के अध्यक्ष ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता पर सीधे सांठगांठ का प्रस्ताव रखने और इसके बदले कमीशन देने के आरोप लगाए थे। व्यापारी मांग कर रहे हैं कि प्रशासन इस मामले में जांच कराए, लेकिन प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं है। इधर जिस खाद्य सुरक्षा अधिकारी पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ पहले भी जौरा के व्यापारी प्रमुख सचिव तक शिकायत भेज चुके हैं। वहीं तीन साल पहले तत्कालीन एडीएम न्यायालय ने भी सैंपलिंग की कार्रवाई में उनकी भूमिका को संदिग्ध मानते हुए रिपोर्ट प्रशासन को भेजी थी।

कैलारस व्यापार मंडल के अध्यक्ष कैलाश चंद अग्रवाल ने आरोप लगाए थे कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता ने उनसे साठगांठ का प्रस्ताव रखा था। जबकि अन्य व्यापारियों ने अवैध वसूली की शिकायत करते हुए बाजार बंद कर दिया था। व्यापारियों का यह आंदोलन सबलगढ़ तक पहुंच गया है। व्यापारी प्रशासनिक अधिकारियों से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने के लिए कह रहे हैं। लेकिन प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं है। जबकि व्यापारियों की मानें तो पूर्व में श्री गुप्ता पर इस तरह के आरोप लग चुके हैं। जिसकी शिकायत प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों से हो चुकी है।

कलेक्टर तक पहुंचा मिल में दावत का मामला

साठगांठ का आरोप झेल रहे खाद्य अधिकारी का एक मिल में दावत करने का मामला भी सामने आया था। अभिहित अधिकारी सुनील शर्मा के मुताबिक इस मामले में खुद कलेक्टर ने पूछताछ की। इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री गुप्ता ने बताया कि यह भोजन वे घर से लेकर आए थे। क्योंकि उनके यहां महालक्ष्मी का उद्यापन था। उन्होंने कलेक्टर को तर्क दिया कि यह भोजन मिल में किया गया, लेकिन भोजन लेकर वे खुद आए थे।

कुछ पुराने तो कुछ दोबारा पोस्टिंग ले आए

अभिहित अधिकारी सुनील शर्मा से इस मामले में बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनकी मां की तबियत खराब होने के कारण वे बाहर है, लेकिन आरोपों की जांच के मामले में उन्होंने साफ कहा कि उन्हें भी यह मालूम है कि कुछ फूड ऑफिसर लंबे समय से जिले में जमे हुए हैं तो कुछ की पदस्थापना दोबारा से हुई है। उन्होंने कहा कि वापस मुरैना आने पर वे हालातों को स्पष्ट करेंगे।

ये मामले जिनमें अधिकारियों ने पाई थी विसंगति

-28 फरवरी 2016 को तत्कालीन एडीएम विवेक सिंह ने दूध के टैंकर से लिए सैंपल फेल होने के मामले में पाया कि टैंकर जिस नोवा फैक्टरी में खड़ा था, वहां के संचालक को पार्टी बनाने की बजाय खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता ने टैंकर के ड्राइवर भूपेंद्र जैन व एक अन्य को आरोपित बनाया। इस मामले में एडीएम कोर्ट ने संचालक को नोटिस भेजा और संबंधित फूड सेफ्टी ऑफिसर की भूमिका के बारे में विभाग को एक रिपोर्ट भेजी थी।

-दिसंबर 2013 में जौरा में व्यापारियों के खाद्य पदार्थ बिक्री लाइसेंस बनाने के मामले में 20 रुपए की जगह 300 रुपए तक की वसूली के मामले में व्यापार मंडल जौरा ने श्री गुप्ता पर आरोप लगाए थे और शिकायत मुख्य सचिव भोपाल को लिखकर भेजी थी। इस दौरान व्यापारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन भी दिए थे।

अवनीश गुप्ता, खाद्य सुरक्षा अधिकारी से सीधी बात

प्रश्न-कैलारस के व्यापारियों ने आप पर साठगांठ के आरोप लगाए हैं। ऐसा क्यों?

उत्तर- मैंने तो कभी कैलारस में सैंपलिंग ही नहीं की। आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं इसका पता मैं खुद लगा रहा हूं।

प्रश्न- मिल में आपके खाना खाते हुए के फोटो सामने आए थे।

उत्तर- मेरे घर पर भंडारा था तो वह खाना मैं अपने घर से लेकर गया था।

प्रश्न- 2016 में एडीएम विवेक सिंह के कोर्ट ने आपके विभाग को लिखा था कि एक चिलर में खड़े टैंकर से सैंपलिंग के मामले में चिलर संचालक की बजाय ड्राइवर को आरोपित बनाकर विसंगति की गई है।

उत्तर- मुझे जानकारी नहीं है, 2016 का मामला है। देखकर बता सकूंगा।

प्रश्न- जौरा में भी व्यापारियों ने आपके खिलाफ 2013-14 में प्रमुख सचिव को शिकायत भेजी थी, जिसमें लायसेंस बनाने के लिए अधिक फीस लेने की शिकायत थी।

उत्तर- 2014 का मामला मुझे याद नहीं, मेरे हिसाब से ऐसा कुछ नहीं था।

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