फोटो 1ए- फुटबाल ग्राउंड, जहां से हटाए हैं पोल।

1बी- निकला पड़ा एक पोल।

-खेल अधिकारी बोले, जब कोई आयोजन होगा तब देखा जाएगा

-फुटबॉल के लिए शहर का इकलौता ग्राउंड है स्टेडियम में

मुरैना। खेल एवं युवक कल्याण विभाग के अधिकारी अब खेल मैदानों के साथ ही खिलवाड़ कर रहे हैं। स्थानीय स्टेडियम का फुटबॉल ग्राउंड इस खिलवाड़ का शिकार हुआ है। खेल विभाग अब इस ग्राउंड के अस्तित्व को ही नकार रहा है। जबकि शहर के फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए और कहीं भी फुटबॉल ग्राउंड उपलब्ध नहीं है। ज्ञात हो कि फुटबॉल खेल शहर के युवाओं के अलावा बालिकाओं में भी लोकप्रिय है और जिले की बालिका फुटबॉल टीम इस बार राज्य स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करके प्रशंसा पा चुकी है।

स्टेडियम में हुए राजनीतिक कार्यक्रमों के चलते खेल विभाग ने यहां बने फुटबॉल ग्राउंड के पोल हटवा दिए थे। पोल न होने से खिलाड़ियों ने यहां अभ्यास करना बंद कर दिया। इसके विपरीत फुटबॉल खिलाड़ी एसपी मुरैना द्वारा उपलब्ध कराई गई परेड ग्राउंड काफी कम जगह में खेल का अभ्यास कर रहे हैं। जबकि राष्ट्र स्तरीय मानकों के लिहाज से सिर्फ स्टेडियम में बना फुटबॉल ग्राउंड ही एक मात्र ग्राउंड है, जहां खिलाड़ी अभ्यास कर सकते हैं।

हॉकी खिला रहे अधिकारी

जिस ग्राउंड पर फुटबॉल के पोल लगे थे, वहां पर खेल विभाग हॉकी का ग्राउंड चलवा रहा है। जबकि इसके लिए पहले एक्सीलेंस स्कूल की फील्ड का उपयोग किया जाता था। खिलाड़ियों की मानें तो फुटबॉल और हॉकी को एक ही ग्राउंड पर चलाया जा सकता है। इसके बाद भी खेल विभाग फुटबॉल ग्राउंड पर पोल लगाने से बच रहा है।

क्रिकेट स्टेडियम भी बना

इससे पहले फुटबॉल ग्राउंड पर क्रिकेट का अभ्यास भी होता था, लेकिन चंबल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन का अपना खुद का स्टेडियम बनने के बाद क्रिकेट खिलाड़ियों को और अधिक सुविधा हुई है। यही वजह है कि फुटबॉल ग्राउंड पूरी तरह से फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए डवलप किया जा सकता था। लेकिन खेल विभाग ने अपनी मनमर्जी चलाते हुए कागजों में फुटबॉल ग्राउंड के तौर पर दर्ज स्टेडियम का अस्तित्व ही खतरे में डाल दिया है।

कथन

ये सही है कि वह फुटबॉल ग्राउंड है। वहां पोल वीआईपी कार्यक्रमों के लिए हटाए गए थे और टूट गए थे। कोई आयोजन होगा तब देखा जाएगा, लेकिन अभी वहां हम हॉकी चला रहे हैं।

प्रशांत कुशवाह, संभागीय खेल अधिकारी मुरैना

Posted By: Nai Dunia News Network